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नई दिल्ली। मालवीय नगर में होटल अग्निकांड के बाद दिल्ली सरकार एक्शन मोड में आ गई है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मामले को लेकर शुक्रवार को उच्चस्तरीय बैठक बुलाई, जिसमें राजधानी में अवैध और नियमों के विपरीत बने भवनों पर सख्त कार्रवाई समेत कई अहम फैसले लिए गए। बैठक में अधिकारियों को सुरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। बता दें कि होटल अग्निकांड में 21 लोगों की मौत हो गई है, कई घायलों का इलाज अस्पतालों में चल रहा है। बैठक में शहरी विकास एवं गृह मंत्री आशीष सूद, मुख्य सचिव, दिल्ली पुलिस आयुक्त, डीडीए उपाध्यक्ष, एमसीडी आयुक्त, एनडीएमसी के चेयरमैन, डिविजनल कमिश्नर, सभी डीएम, निगम उपायुक्त तथा विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। जिम्मेदार अधिकारियों की तय होगी जवाबदेही : सीएम सीएम रेखा गुप्ता ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अब किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध भी व्यक्तिगत जवाबदेही तय की जाएगी।बैठक की जानकारी देते हुए मंत्री आशीष सूद ने पत्रकारों को बताया दिल्ली सरकार इन हादसों में प्रभावित सभी परिवारों के साथ पूरी संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ खड़ी है। सीएम स्वयं स्थिति की पल-पल की समीक्षा कर रही हैं। सरकार का उद्देश्य केवल तात्कालिक कार्रवाई करना नहीं, बल्कि एक ऐसा फुल-प्रूफ सिस्टम बनाना है जिससे भविष्य में ऐसे हादसों की पुनरावृत्ति को हमेशा के लिए रोका जा सके। उन्होंने कहा आज की बैठक में कई व प्रभावी निर्णय लिए गए हैं, जिनमें अब लापरवाह व भ्रष्टाचार में लिप्त पाए गए अधिकारियों के खिलाफ आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 की विभिन्न धाराओं के तहत भी कार्रवाई की जाएगी, इसके तहत अधिकतम 2 वर्ष की सजा व मोटे जुर्माने का प्रावधान है। उन अधिकारियों के खिलाफ की जाएगी कार्रवाई, जिनकी लापरवाही से हादसे होते हैं उन्होंने बताया कि, यह कार्रवाई उन अधिकारियों के खिलाफ की जाएगी जिनकी लापरवाही या मिलीभगत के कारण अवैध निर्माण, अग्नि सुरक्षा उल्लंघन अथवा अन्य खतरनाक गतिविधियां पनपती हैं। अफसरों को यह भी चेतावनी दी गई कि आवश्यक होने पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के प्रावधानों का भी उपयोग किया जाएगा। सूद के अनुसार, मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से कहा कि सरकारी नुकसान की भरपाई अब केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित नहीं रहेगी। राजस्व वसूली अधिनियम-1890 के तहत सरकार को हुए नुकसान की भरपाई दोषी अधिकारियों के वेतन, पेंशन तथा संपत्तियों से की जाएगी। साथ ही बिल्डर, ऑनर व कॉलोनाइजर्स के बैंक अकाउंट व चल अचल संपत्ति को फ्रीज व अटैच किया जाएगा।
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