दिल्ली सीएम रेखा गुप्ता की सुरक्षा पर उठे सवाल:  कोर्ट में सुनवाई के दौरान हुआ खुलासा, हमले के दिन बंद थे सीसीटीवी कैमरे – New Delhi News
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दिल्ली सीएम रेखा गुप्ता की सुरक्षा पर उठे सवाल: कोर्ट में सुनवाई के दौरान हुआ खुलासा, हमले के दिन बंद थे सीसीटीवी कैमरे – New Delhi News

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नई दिल्ली। दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता की सुरक्षा पर सवाल खड़ा हो गया है। सीएम के घर पर जनसुनवाई के दौरान उन पर हुए हमले की कोर्ट में सुनवाई के दौरान खुलासा हुआ है कि जिस दिन उन पर हमला हुआ उस दिन उनके घर यानी कैंप कार्यालय पर लगे सीसीटीवी कैमरे बंद थे। कोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष के एक गवाह ने बताया कि, घटना वाले दिन सीएम के कैंप कार्यालय में लगे सीसीटीवी कैमरे काम नहीं कर रहे थे। गवाह ने यह भी कहा उसे इस बात की जानकारी नहीं है कि घटना किसी मोबाइल फोन में रिकॉर्ड हुई थी या नहीं। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश निशांत गर्ग की अदालत में अभियोजन पक्ष के गवाह अनिल अग्रवाल का बयान दर्ज किया गया। अनिल जन सुनवाई के दौरान कैंप कार्यालय में सेक्शन अधिकारी के पद पर मौजूद थे। विशेष लोक अभियोजक प्रदीप राणा ने उनका मुख्य परीक्षण किया, जबकि बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता सिद्धांत मलिक ने क्रॉस क्वेश्चन किया।अनिल ने कोर्ट को बताया घटना वाले दिन वह मौके पर मौजूद थे और सीएम के साथ जनसुनवाई के दौरान दो सुरक्षाकर्मी तैनात थे। सीसीटीवी नहीं चल रहे इसकी जानकारी सुरक्षाकर्मियों की जिम्मेदारी उन्होंने कहा सीसीटीवी कैमरे काम नहीं कर रहे थे और इसकी सूचना देना सुरक्षाकर्मियों की जिम्मेदारी थी। हमले के संबंध में उन्होंने कहा, मैंने यह नहीं देखा कि आरोपियों ने सीएम को कब थप्पड़ मारा। जब मैंने देखा तब आरोपी सीएम की गर्दन दबा रहा था। मामले में अगली गवाही 24 जुलाई को दर्ज की जाएगी। सुनवाई के दौरान आरोपी राजेशभाई खीमजीभाई सकारिया को कोर्ट में पेश किया गया। उसने आरोप लगाया कि चार मई को जेल के दो अधिकारियों ने उसे बंद कर पीटा था। उसके अधिवक्ता ने इस संबंध में अदालत में एक आवेदन दाखिल किया। वहीं, सह-आरोपी तहसीन रजा शेख के धन और आधार कार्ड की रिहाई के लिए भी एक आवेदन दायर किया गया। मामले के दोनों आरोपी राजेश भाई और तहसीन ने इससे पहले जेल में अपनी जान को खतरा होने का आरोप लगाया था। उन्होंने अदालत को बताया था कि अन्य कैदी उन्हें लगातार धमका रहे हैं। उनके परिवारों को भी नुकसान पहुंचाने की धमकियां दी जा रही हैं। आरोपियों ने अलग बैरक और सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की थी, जिस पर अदालत ने जेल प्रशासन को आवश्यक सुरक्षा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे।



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