जरूरत की खबर- दिवाली पर घरेलू पेट्स की सेफ्टी:  पटाखों की आवाज से डर, प्रदूषण से सांस की समस्या, 13 पेट्स केयर टिप्स
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जरूरत की खबर- दिवाली पर घरेलू पेट्स की सेफ्टी: पटाखों की आवाज से डर, प्रदूषण से सांस की समस्या, 13 पेट्स केयर टिप्स

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7 घंटे पहलेलेखक: शिवाकान्त शुक्ल

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दिवाली रोशनी और खुशियों का त्योहार है। इस दिन लोग अपने घरों को सजाते हैं, मिठाइयां बांटते हैं और उत्साह में पटाखे जलाते हैं। लेकिन यही जश्न कई बार हमारे पालतू जानवरों (पेट्स) के लिए खतरा बन जाता है।

देश में हर साल दिवाली के दौरान हजारों पेट्स पटाखों के शोर, प्रदूषण और मिठाइयों के ज्यादा सेवन से बीमार पड़ जाते हैं या तनाव में आ जाते हैं। सड़क पर घूमने वाले जानवर तो शहर के शोर में ढल जाते हैं। लेकिन घरेलू पेट्स जैसे कुत्ते, बिल्लियां और पक्षी पटाखों की तेज आवाज से डर जाते हैं और भागने लगते हैं।

अमेरिकन वेटरिनरी मेडिकल एसोसिएशन (AVMA) की रिपोर्ट्स बताती हैं कि पटाखों से पेट्स में एंग्जाइटी, पैनिक अटैक और यहां तक कि हार्ट अटैक जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

भारत में PETA (पीपल फॉर द एथिकल ट्रीटमेंट ऑफ एनिमल्स) और कई अन्य एनिमल वेलफेयर ऑर्गेनाइजेशन हर साल पशु-पक्षियों की सुरक्षा के लिए अभियान चलाते हैं। इसके बावजूद हर साल दिवाली पर 12-15 हजार पशु-पक्षी घायल हो जाते हैं। ऐसे में दिवाली के दौरान पेट्स का खास ख्याल रखना बेहद जरूरी है, ताकि त्योहार की खुशी उनके लिए मुसीबत न बनने पाए।

तो चलिए, आज जरूरत की खबर में हम दिवाली पर पेट्स केयर टिप्स के बारे में बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि-

  • दिवाली पर पेट्स को किस तरह के खतरे होते हैं?
  • पटाखों का शोर और प्रदूषण पेट्स पर कैसे असर डालता है?
  • पेट्स को सुरक्षित रखने के लिए क्या उपाय अपनाएं?

एक्सपर्ट: डॉ. सरस्वती शुक्ला, पशु चिकित्साधिकारी, कैनाइन रेबीज कंट्रोल यूनिट, लखनऊ

सवाल- दिवाली पर पेट्स को किस तरह के खतरे होते हैं?

जवाब- दिवाली का त्योहार पेट्स के लिए कई तरह के खतरे लाता है। सबसे बड़ा खतरा पटाखों का शोर है, जो पेट्स में एंग्जाइटी, पैनिक और यहां तक कि भागने की वजह बनता है। इसके अलावा प्रदूषण से सांस की समस्या, ज्यादा मिठाइयां और चॉकलेट से ग्रैस्ट्रोइंटेस्टाइनल प्रॉब्लम्स और जलते दीए या पटाखों से जलने व चोट लगने का खतरा रहता है।

यह त्योहार कुत्तों, बिल्लियों और पक्षियों को सबसे ज्यादा प्रभावित करता है क्योंकि उनकी इंद्रियां ज्यादा संवेदनशील होती हैं। नीचे दिए ग्राफिक से दिवाली पर पेट्स को होने वाले मुख्य खतरों को समझिए-

सवाल- पटाखों का शोर पेट्स पर कैसे असर डालता है?

जवाब- पेट्स की सुनने की क्षमता इंसानों से 4-5 गुना ज्यादा होती है, इसलिए पटाखों की 100-140 डेसिबल आवाज उनके लिए असहनीय होती है। इससे वे घबरा जाते हैं, कांपने लगते हैं, छिपने की कोशिश करते हैं या भागने लगते हैं।

दुनिया के सबसे बड़े एनिमल वेलफेयर ऑर्गेनाइजेशन ‘रॉयल सोसाइटी फॉर द प्रिवेंशन ऑफ क्रुएल्टी टू एनिमल्स’ (RSPCA) की रिपोर्ट के मुताबिक, पटाखों से जानवरों के डरने और उन्हें चोट लगने का खतरा होता है। दिवाली पर स्ट्रीट पेट्स भी प्रभावित होते हैं, लेकिन घरेलू पेट्स ज्यादा संवेदनशील होते हैं। अगर पेट पहले से बीमार है तो शोर से हार्ट अटैक भी हो सकता है।

सवाल- पटाखों से निकलने वाला धुआं पेट्स को कैसे प्रभावित करता है?

जवाब- पटाखों से निकलने वाला धुआं सल्फर, लेड और अन्य केमिकल्स से भरा होता है, जो पेट्स की रेस्पिरेटरी ट्रैक्ट को प्रभावित करता है। इससे कुत्तों-बिल्लियों में खांसी, सांस फूलना या अस्थमा जैसी समस्याएं हो सकती हैं। पक्षियों को ज्यादा खतरा होता है क्योंकि उनका रेस्पिरेटरी सिस्टम नाजुक होता है। लंबे समय में यह कैंसर या लिवर डैमेज का कारण भी बन सकता है।

सवाल- मिठाई और अन्य त्योहारी चीजें पेट्स के लिए क्यों खतरनाक हैं?

जवाब- मिठाई, चॉकलेट और नट्स पेट्स के लिए जहर के जैसे होते हैं। चॉकलेट में थियोब्रोमाइन होता है, जो जानवरों के लिए जहरीला होता है। ये उल्टी, दस्त और मौत का कारण बन सकता है। वहीं स्वीट्स से डायबिटीज या गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल प्रॉब्लम्स हो सकती हैं। सजावटी सामान जैसे रंगोली या लाइट्स निगलने से आंतों में ब्लॉकेज हो सकता है। पेट ओनर्स को इन चीजों को पेट्स की पहुंच से दूर रखना चाहिए।

सवाल- दिवाली पर पेट्स के व्यवहार में क्या बदलाव आते हैं?

जवाब- शोर से पेट्स चिड़चिड़े हो जाते हैं, भौंकते हैं, कांपते हैं या छिप जाते हैं। कुछ में पैनिक अटैक होता है, जहां वे खुद को चोट पहुंचा सकते हैं। इंडिया हेम्प ऑर्गेनिक्स की रिपोर्ट बताती है कि पटाखों से कुत्तों में एंग्जाइटी ट्रिगर होती है, जो फ्लैशिंग लाइट्स और वाइब्रेशन्स से बढ़ती है। अगर यह बार-बार होता है तो लंबे समय में पेट्स का मूड और सेहत प्रभावित होता है।

सवाल- दिवाली पर पेट को चोट लग जाए तो तुरंत क्या करना चाहिए?

जवाब- सबसे पहले शांत रहें और पेट को सुरक्षित जगह पर ले जाएं। अगर शोर से घबरा रहा है तो उसे गले लगाएं या कंबल से ढकें। चोट लगी हो तो घाव साफ करें और तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। अगर सांस की समस्या हो या बेहोश हो जाए तो इमरजेंसी में ले जाएं। चोट की जांच करवाएं और जरूरत पड़ने पर दवाएं लें।

सवाल- दिवाली पर पेट्स को सुरक्षित रखने के लिए क्या उपाय अपनाए जा सकते हैं?

जवाब- पेट्स की सुरक्षा के लिए पहले से प्लानिंग जरूरी है। उन्हें घर में रखें, सेफ स्पेस बनाएं और कुछ बातों का ध्यान रखें। इसे नीचे दिए ग्राफिक से समझिए-

सवाल- क्या दिवाली से पहले पेट्स को दवाएं दे सकते हैं?

जवाब- अगर पेट बहुत घबराता है तो पशु चिकित्सक से पूछकर एंग्जाइटी की दवाएं दे सकते हैं, लेकिन खुद से ये काम न करें।

सवाल- दिवाली के बाद पेट्स की सेहत कैसे चेक करें?

जवाब- त्योहार के बाद पेट के व्यवहार, भूख और सांस चेक करें। अगर असामान्य हो तो पशु चिकित्सक से दिखाएं। कई बार कुछ समय बाद भी प्रभाव दिख सकते हैं।

याद रखें दिवाली रोशनी का त्योहार है, शोर का नहीं। अपने पेट्स को सुरक्षित रखकर आप न सिर्फ उनकी जान बचाते हैं, बल्कि त्योहार की सच्ची खुशी महसूस करते हैं। अगर आपके घर में पेट है तो इन टिप्स को अपनाएं और दूसरों को भी बताएं।

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