जरूरत की खबर- दिवाली पर बढ़ती आग लगने की घटनाएं:  दीयों, पटाखों, शॉर्ट सर्किट से बढ़ता रिस्क, सेफ्टी के लिए 15 जरूरी सावधानियां
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जरूरत की खबर- दिवाली पर बढ़ती आग लगने की घटनाएं: दीयों, पटाखों, शॉर्ट सर्किट से बढ़ता रिस्क, सेफ्टी के लिए 15 जरूरी सावधानियां

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1 दिन पहलेलेखक: शिवाकान्त शुक्ल

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आज पूरे देश में बड़े धूमधाम के साथ दिवाली का त्योहार मनाया जा रहा है। चारों ओर रोशनी, मिठास और खुशियों का माहौल है। आतिशबाजी की गूंज पर्व को और भी रंगीन बना रही है। लेकिन इसी उल्लास के बीच दीये, मोमबत्तियां, बिजली की सजावट और पटाखों से आग लगने का खतरा भी बढ़ जाता है। इसलिए दिवाली के दौरान सुरक्षा उपायों को अपनाना बेहद जरूरी है ताकि त्योहार की चमक और मुस्कान दोनों बरकरार रहे।

हर साल दिवाली के दौरान फायर ब्रिगेड को सैकड़ों कॉल्स मिलती हैं, जो पटाखों, दीयों या बिजली के शॉर्ट-सर्किट से लगी आग की घटनाओं से जुड़ी होती हैं। नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो (NCRB) के आंकड़ों के मुताबिक, दिवाली के दिनों में आगजनी की घटनाएं और उनसे होने वाली मौतें बढ़ जाती हैं। इन हादसों की सबसे बड़ी वजह लापरवाही और सुरक्षा नियमों की अनदेखी है।

तो चलिए, आज जरूरत की खबर में हम दिवाली पर आग लगने की घटनाओं को रोकने के उपायों पर बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि-

  • दिवाली पर आग लगने की घटनाएं क्यों बढ़ती हैं?
  • आग से जलने की स्थिति में क्या करें और क्या न करें?

एक्सपर्ट:

रामराजा यादव, चीफ फायर ऑफिसर, बदायूं, उत्तर प्रदेश

डॉ. रोहित शर्मा, कंसल्टेंट, इंटरनल मेडिसिन, अपोलो स्पेक्ट्रा हॉस्पिटल, जयपुर

सवाल- दिवाली पर आग लगने की घटनाएं क्यों बढ़ जाती हैं?

जवाब- इसकी सबसे बड़ी वजह पटाखों का अंधाधुंध इस्तेमाल है। पटाखों से निकलने वाली चिंगारियां कपड़ों, पर्दों या अन्य ज्वलनशील चीजों में पलभर में आग लगा सकती हैं। इसके अलावा दीये और मोमबत्तियां अगर सही जगह पर न रखे जाएं तो ये भी आग का कारण बन सकते हैं। वहीं बिजली की सजावट, खासकर सस्ती या नॉन-सर्टिफाइड झालरों का इस्तेमाल, अक्सर शॉर्ट-सर्किट का रिस्क बढ़ा देता है।

साल 2024 में दिवाली की रात अकेले दिल्ली में 320 आग की घटनाएं दर्ज की गई थीं। इन हादसों में 12 से अधिक लोग झुलसे थे और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था। दिल्ली अग्निशमन विभाग को दिवाली के दिन 300 से ज्यादा आग से संबंधित कॉल्स मिली थीं, जो पिछले 13 सालों में सबसे ज्यादा थीं। नीचे दिए ग्राफिक से दिवाली पर आग लगने के मुख्य कारणों को समझिए-

सवाल- दिवाली के दौरान कौन-कौन सी लापरवाहियां खतरनाक साबित हो सकती हैं?

जवाब- इस दौरान अक्सर छोटी-छोटी लापरवाहियां बड़ी दुर्घटनाओं का कारण बन जाती हैं। जैसेकि-

  • दीयों और मोमबत्तियों को पर्दों या फर्नीचर के पास रखना।
  • बिजली की झालरों को पूरी रात जलने देना।
  • पटाखों को घर के अंदर या बालकनी अथवा गैलरी में जलाना।
  • बच्चों को अकेले आतिशबाजी करने देना।
  • सिंथेटिक कपड़े पहनकर दीयों या पटाखों के पास जाना।
  • जली हुई फुलझड़ियों और पटाखों को यार्ड या गार्डन में फेंक देना।

सवाल- आग लगने से क्या-क्या खतरे हो सकते हैं?

जवाब- आग लगने की घटनाएं न केवल संपत्ति को नुकसान पहुंचाती हैं, बल्कि जानलेवा भी साबित हो सकती हैं। जलने से गंभीर चोटें, स्किन की स्थायी क्षति और सांस लेने में समस्याएं हो सकती हैं। बच्चों और बुजुर्गों को इसका ज्यादा खतरा रहता है क्योंकि उनका रेस्पिरेटरी सिस्टम और स्किन अधिक संवेदनशील होती है।

इसके अलावा आग से निकलने वाला धुआं कार्बन मोनोऑक्साइड और अन्य जहरीली गैसें छोड़ता है, जो सांस लेने में परेशानी और बेहोशी का कारण बन सकती हैं। एक छोटी सी चिंगारी से पूरा घर या दुकान जलकर राख हो सकती है, जिससे बड़ा आर्थिक नुकसान भी हो सकता है।

सवाल- दिवाली पर आग से बचने के लिए घर में क्या बेसिक तैयारियां होनी चाहिए?

जवाब- त्योहार के समय हर घर में कम-से-कम एक-दो बाल्टी पानी, एक बोरी रेत और फर्स्ट-एड किट तैयार रखनी चाहिए। अगर संभव हो तो फायर एक्सटिंग्विशर भी रखें। इससे छोटी आग को तुरंत कंट्रोल किया जा सकता है। इसके अलावा मोबाइल में इमरजेंसी नंबर भी सेव होना चाहिए।

सवाल- दिवाली पर आग से बचाव के लिए किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?

जवाब- चीफ फायर ऑफिसर रामराजा यादव बताते हैं कि आग से बचाव के लिए पहले से तैयारी और कुछ सावधानियां बरतनी जरूरी हैं। इन्हें नीचे दिए ग्राफिक से समझिए-

सवाल- अगर घर में आग लग जाए तो इस स्थिति में क्या करना चाहिए?

जवाब- फायर सेफ्टी मैनुअल के मुताबिक, इस स्थिति में पैनिक न करें। तुरंत सही कदम उठाएं। अगर आग छोटी है तो पानी, रेत या फायर एक्सटिंग्विशर से बुझाने की कोशिश करें। आग बड़ी हो तो तुरंत इमारत से बाहर निकलें। इसके अलावा कुछ और बातों का भी ध्यान रखें। जैसेकि-

  • घबराएं नहीं, तुरंत फायर ब्रिगेड को सूचना दें।
  • सटीक लोकेशन और स्थिति बताएं।
  • फायर एक्सटिंग्विशर है तो यूज करें।
  • इसे पहले से यूज करना जरूर सीखें।
  • शॉर्ट सर्किट फायर को पानी से बुझाने की कोशिश न करें।
  • इसके लिए हमेशा रेत का इस्तेमाल करें।
  • कीमती सामान बचाने की कोशिश न करें।
  • कपड़ों में आग लगे तो भागें नहीं।
  • जमीन पर रोल करें या कंबल से ढकें।
  • धुएं से बचने के लिए नाक-मुंह ढककर बाहर निकलें।
  • नीचे झुककर निकलें क्योंकि धुआं ऊपर की ओर जाता है।
  • कमरे में हों तो खिड़की-दरवाजे गीले तौलिये से सील करें।
  • पैनिक न करें, शांत रहकर सुरक्षा उपायों के बारे में सोचें।

सवाल- अगर गलती से आग से जल जाएं तो उस स्थिति में क्या करना चाहिए?

जवाब- अपोलो स्पेक्ट्रा हॉस्पिटल, जयपुर के इंटरनल मेडिसिन कंसल्टेंट डॉ. रोहित शर्मा बताते हैं कि इस स्थिति में कुछ बातों का विशेष ख्याल रखें।

सवाल- किस तरह के कपड़ों में आग लगने का रिस्क ज्यादा होता है?

जवाब- कपड़े आग लगने का सबसे आसान माध्यम हैं। दिवाली पर सिंथेटिक कपड़े (नायलॉन, पॉलिएस्टर) बिल्कुल नहीं पहनने चाहिए। ये सेकेंडों में जल जाते हैं और गंभीर जलन का कारण बनते हैं। बेहतर है कि कॉटन, सिल्क या खादी जैसे फैब्रिक पहनें। महिलाओं को लंबे दुपट्टे और बच्चों को ढीले कपड़े पहनने से बचाना चाहिए।

सवाल- घर पर रखे फर्स्ट एड किट में कौन सी चीजें होनी चाहिए?

जवाब- दिवाली पर आग से बचने के लिए घर पर फर्स्ट एड किट रखनी बहुत जरूरी है। इसमें कुछ चीजें जरूर शामिल करें।

सवाल- क्या घर की सजावट भी फायर रिस्क बढ़ा सकती है?

जवाब- हां, दिवाली पर कागज, प्लास्टिक और थर्माकोल की सजावट आम है। ये सब हाईली फ्लेमेबल होते हैं। अगर इन्हें दीयों या मोमबत्तियों के पास लगाया जाए तो आग तुरंत फैल सकती है। बेहतर है कि फायर-रेसिस्टेंट सजावट या LED लाइटिंग का इस्तेमाल करें।

सवाल- दीयों और मोमबत्तियों को सुरक्षित तरीके से कैसे जलाएं?

जवाब- दीयों और मोमबत्तियों को हमेशा सपाट सतह पर और स्थिर जगह पर रखें। इन्हें पर्दों, बिस्तर या कागज की सजावट से दूर रखें। रात को सोने से पहले सभी दीयों और मोमबत्तियों को बुझा देना चाहिए।

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