2 घंटे पहलेलेखक: शिवाकान्त शुक्ल
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बारिश का मौसम तपती गर्मी से राहत तो देता है, लेकिन ये पेरेंट्स के लिए एक नई चुनौती बनकर आता है। दरअसल इस मौसम में बच्चों को खास देखभाल की जरूरत होती है।
चूंकि बच्चों की इम्यूनिटी कमजोर होती है, इसलिए वे इस मौसम में होने वाले वायरल इन्फेक्शन और बीमारियों की चपेट में जल्दी आ जाते हैं। ऐसे में माता-पिता को ज्यादा सतर्कता बरतनी पड़ती है
तो चलिए, आज जरूरत की खबर में हम मानसून में बच्चों की सुरक्षित देखभाल के बारे में बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि-
- बारिश के मौसम में बच्चों में बीमारियों का खतरा क्यों बढ़ जाता है?
- इस मौसम में उन्हें स्वस्थ रखने के लिए क्या सावधानियां बरतनी चाहिए?
एक्सपर्ट: डॉ. धीरेन गुप्ता, सीनियर कंसल्टेंट, पीडियाट्रिक्स, सर गंगाराम अस्पताल, दिल्ली
सवाल- मानसून में बच्चों में बीमारियों का खतरा क्यों बढ़ जाता है?
जवाब- बारिश में नमी और गंदगी बढ़ने से वातावरण में बैक्टीरिया, वायरस और मच्छरों की संख्या तेजी से बढ़ती है। वहीं बड़ों की तुलना में बच्चों की इम्यूनिटी भी कमजोर होती है। ऐसे में बच्चे इस मौसम में होने वाली बीमारियों व इन्फेक्शंस की चपेट में जल्दी आ जाते हैं।
इसलिए मानसून में बच्चों की हाइजीन, खानपान और मच्छर से बचाव को लेकर खास सावधानी बरतनी चाहिए ताकि उनका शरीर बीमारियों से लड़ सके।

सवाल- बारिश के मौसम में बच्चों में कौन सी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है?
जवाब- इस मौसम में सर्दी-जुकाम, खांसी, वायरल फीवर, डेंगू, चिकनगुनिया, डायरिया और फूड पॉइजनिंग जैसी बीमारियां बच्चों को सबसे ज्यादा प्रभावित करती हैं। गीले कपड़े, पसीना और वातावरण में मौजूद नमी से स्किन पर रैशेज, दाद-खाज और फंगल इन्फेक्शन होने का खतरा भी रहता है।
इतना ही नहीं आंखों में इन्फेक्शन (कंजंक्टिवाइटिस) भी इस मौसम में तेजी से फैलता है। नीचे दिए ग्राफिक से मानसून में बच्चों में होने वाली कॉमन बीमारियों के बारे में जानिए-

सवाल- बच्चों में कौन से लक्षण दिखाई दें तो डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है?
जवाब- बारिश के मौसम में कई बार बच्चों में होने वाले लक्षण मामूली लग सकते हैं। लेकिन कुछ संकेत ऐसे होते हैं, जिन्हें नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है। ये लक्षण गंभीर वायरल इन्फेक्शन या डेंगू, टाइफाइड जैसे बीमारियों का संकेत हो सकते हैं। ऐसे में घरेलू इलाज पर भरोसा करने के बजाय तुरंत डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है, ताकि समय रहते सही इलाज शुरू हो सके। नीचे दिए ग्राफिक से लक्षणों के बारे में समझिए-

सवाल- मानसून में बच्चों की देखभाल में किस तरह की सावधानियां बरतनी चाहिए?
जवाब- मानसून में बच्चों की देखभाल के दौरान पेरेंट्स को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की जरूरत होती है। इसके लिए कुछ बातों का विशेष ख्याल रखें। इसे नीचे दिए ग्राफिक से समझिए-

सवाल- अगर बच्चे बारिश में भीग जाएं तो तुरंत क्या करना चाहिए?
जवाब- बारिश में भीगना बच्चों के लिए मजेदार हो सकता है। लेकिन अगर तुरंत सही देखभाल न की जाए तो यह बीमारियों का कारण बन सकता है। इसके लिए सबसे पहले अगर संभव हो तो बच्चे को साफ व गुनगुने पानी से नहलाएं।
इसके बाद उसके पूरे शरीर को तौलिए से अच्छी तरह सुखाएं और उसे सूखे, साफ व गर्म कपड़े पहनाएं। नहाने या कपड़े बदलने के बाद बच्चे को कुछ देर आराम करने दें ताकि उसका शरीर धीरे-धीरे नॉर्मल टेम्परेचर में लौट सके। अगर बच्चा थका हुआ, चिड़चिड़ा या सुस्त लगे तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।
सवाल- मानसून में बच्चों के खानपान में किन चीजों को शामिल करना चाहिए और किन से बचना चाहिए?
जवाब- मानसून में बच्चों की इम्यूनिटी को मजबूत रखना बेहद जरूरी है। इसके लिए उनके खानपान में पोषक तत्वों से भरपूर चीजें शामिल करें। साथ ही कुछ फूड्स से परहेज भी कराएं। जैसेकि-
क्या खिलाएं
- गुनगुना सूप और दलिया।
- तुलसी, अदरक और हल्दी वाले ड्रिंक्स।
- ड्राई फ्रूट्स और नट्स।
- गुनगुना दूध हल्दी या शहद के साथ।
- संतरा, मौसमी, आंवला, कीवी और पपीता जैसे विटामिन C युक्त फल।
क्या न खिलाएं
- बाहर का जूस या कटे फल।
- ठंडी चीजें जैसे आइसक्रीम, कोल्ड ड्रिंक।
- बासी या बार-बार गर्म किया गया खाना।
- खुला और बाहर का स्ट्रीट फूड।
- डीप फ्राइड और ज्यादा मसालेदार फूड्स।
कुल मिलाकर बच्चों को ताजा, घर का बना और हल्का भोजन देना सबसे बेहतर है। साथ ही खाना बनाने और परोसने से पहले हाथों और बर्तनों की सफाई का खास ध्यान रखें।
सवाल- मानसून में बच्चों को किस तरह के कपड़े पहनाना चाहिए?
जवाब- इस मौसम में बच्चों को फुल स्लीव्स वाले हल्के और सूती कपड़े पहनाएं। ये पसीना सोखते हैं और जल्दी सूख भी जाते हैं। साथ ही मच्छरों से भी बचाते हैं। स्कूल जाते हुए या बाहर निकलते समय रेनकोट जरूर साथ रखें।
आरामदायक और जल्दी सूखने वाले फुटवियर पहनाएं ताकि पैरों में फंगल इन्फेक्शन न हो। टाइट और सिंथेटिक कपड़े न पहनाएं, ये स्किन को नुकसान पहुंचा सकते हैं। नंगे पैर बाहर न चलने दें, इससे इन्फेक्शन और चोट का खतरा रहता है।
सवाल- मानसून में बच्चों को फंगल इन्फेक्शन और स्किन एलर्जी से बचाने के लिए किन बातों का ध्यान रखें?
जवाब- इसके लिए एंटी-फंगल पाउडर का इस्तेमाल करें। खासकर उन हिस्सों में जहां पसीना ज्यादा आता है। गीले जूते-मोजे न पहनाएं। इनमें फंगस जल्दी पनपता है। पर्सनल हाइजीन का ध्यान रखें। बच्चों को नहाने की आदत नियमित बनाएं और साफ तौलिया व कपड़े इस्तेमाल करें। कोई भी इन्फेक्शन के लक्षण दिखने पर डॉक्टर की सलाह लें।
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बारिश का मौसम भीषण गर्मी से राहत जरूर दिलाता है। लेकिन यह कई संक्रामक बीमारियों का खतरा भी साथ लाता है। नमी और जगह-जगह पानी भरने से बैक्टीरिया और वायरस तेजी से पनपते हैं। इससे इन्फेक्शन फैलने का खतरा बढ़ जाता है। पूरी खबर पढ़िए…








