जरूरत की खबर- बारिश में बढ़ता ऑटो-कैब बुकिंग स्कैम:  बुक करते हुए 11 सावधानियां बरतें, पेमेंट करते हुए 6 बातें ध्यान रखें
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जरूरत की खबर- बारिश में बढ़ता ऑटो-कैब बुकिंग स्कैम: बुक करते हुए 11 सावधानियां बरतें, पेमेंट करते हुए 6 बातें ध्यान रखें

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8 घंटे पहलेलेखक: शिवाकान्त शुक्ल

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बारिश हो रही हो, ऑफिस पहुंचने की जल्दी हो और सड़क पर कोई ऑटो या रिक्शा न दिखे, तो ज्यादातर लोग बिना ज्यादा सोचे-समझे मोबाइल निकालकर कैब बुक कर लेते हैं। उस समय बस यही चिंता होती है कि किसी तरह जल्दी गाड़ी मिल जाए।

लेकिन ठग भी इसी जल्दबाजी का इंतजार कर रहे होते हैं। कभी ड्राइवर ऐप से बुकिंग कैंसिल कराकर ऑफलाइन चलने को कहता है, कभी अतिरिक्त पैसे मांगता है, तो कभी पेमेंट या ओटीपी के नाम पर ठगी की कोशिश होती है। ऐसे में एक छोटी-सी लापरवाही आपका पैसा भी डुबो सकती है और सुरक्षा को भी खतरे में डाल सकती है।

इसलिए आज ‘जरूरत की खबर’ में बात करेंगे कैब और ऑटो बुक करते समय बरती जाने वाली जरूरी सावधानियों की। साथ ही जानेंगे कि-

  • बारिश में कैब-ऑटो बुकिंग से जुड़े स्कैम क्यों बढ़ जाते हैं?
  • कैब में बैठने से पहले किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?

एक्सपर्ट: राहुल मिश्रा, साइबर सिक्योरिटी एडवाइजर, उत्तर प्रदेश पुलिस

सवाल- कैब-ऑटो बुकिंग स्कैम क्या है? ये बारिश में क्यों बढ़ जाता है?

जवाब- बारिश के मौसम में कैब और ऑटो की डिमांड अचानक बढ़ जाती है। ऐसे में कुछ ड्राइवर और साइबर ठग एडवांस पेमेंट व ओटीपी लेकर ठगी को अंजाम देते हैं। इसे ‘कैब-ऑटो बुकिंग स्कैम’ कहते हैं। बारिश में इस तरह के स्कैम बढ़ने के कई कारण हैं-

  • पब्लिक ट्रांसपोर्ट कम मिलने पर लोग जल्दबाजी में वाहन बुक करते हैं।
  • लंबे इंतजार से बचने और समय पर पहुंचने की मजबूरी में यात्री ड्राइवर की बात मान लेते हैं और एप की डिटेल ठीक से चेक नहीं करते।
  • कई बार ड्राइवर सर्ज प्राइस और कम उपलब्धता का फायदा उठाकर ज्यादा पैसे चार्ज करते हैं।

सवाल- किन-किन तरीकों से ये स्कैम हो सकता है?

जवाब- ठग इसके लिए कई हथकंडे अपनाते हैं-

1. ऑफलाइन राइड बुक कराना

  • ड्राइवर कॉल करके कहता है- “एप से बुकिंग कैंसिल कर दीजिए, मैं वैसे ही छोड़ दूंगा।”
  • बाद में वह मनमाना किराया मांगता है। एप रिकॉर्ड खत्म हो गया है और अब शिकायत करना मुश्किल है।

2. नकली ‘सर्ज प्राइस’ का बहाना

  • ड्राइवर बारिश का बहाना बनाकर एप में दिख रहे किराए से ज्यादा पैसे मांगता है।

3. गलत गाड़ी आना

  • एप पर दिख रही गाड़ी और मौके पर आई गाड़ी अलग हो सकती है।
  • नंबर प्लेट अलग हो सकती है। यह सुरक्षा के लिहाज से बड़ा खतरा है।

4. राइड शुरू किए बिना ट्रिप शुरू कर देना

  • ड्राइवर दूर से ही ट्रिप शुरू कर देता है।
  • इससे वेटिंग चार्ज या एक्स्ट्रा फेयर जुड़ सकता है।

5. लंबा रास्ता लेकर किराया बढ़ाना

  • ड्राइवर पानी भराव या ट्रैफिक का बहाना लेकर लंबा रूट चुनता है।
  • ग्राहक जल्दी में होता है, इसलिए विरोध नहीं करता है।

6. बहाने से डबल पेमेंट लेना

  • कुछ ड्राइवर पेमेंट मिलने के बावजूद कहते हैं कि “पेमेंट नहीं आया।”
  • जल्दबाजी में होने और बहस से बचने के लिए ग्राहक डबल पेमेंट कर देते हैं।

सवाल- कैब में बैठने से पहले किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?

जवाब- जल्दबाजी में सीधे गाड़ी में बैठने के बजाय कुछ चीजें जरूर चेक करें। कैब बुकिंग से जुड़े सेफ्टी टिप्स ग्राफिक में देखिए-

सवाल- अगर ड्राइवर फोन करके बुकिंग कैंसिल करने को कहे तो क्या करें?

जवाब- ऐसी स्थिति में सतर्क हो जाएं और ये कदम उठाएं-

  • साफ मना करें और कहें कि “राइड एप पर ही पूरी होगी।”
  • किसी भी स्थिति में एप कैंसिल करके ऑफलाइन राइड न लें।
  • अगर ड्राइवर बार-बार दबाव बनाए, तो खुद राइड कैंसिल कर दूसरी कैब बुक करें।
  • एप में ड्राइवर के व्यवहार की तुरंत शिकायत करें।
  • कॉल पर किराया तय करने या अतिरिक्त पैसे देने से बचें।

सवाल- एप कैंसिल कराकर ऑफलाइन राइड लेना क्यों रिस्की हो सकता है?

जवाब- इसमें ग्राहक की सुरक्षा और अधिकार दोनों खतरे में होते हैं क्योंकि-

  • एप की लाइव ट्रैकिंग बंद हो जाती है, जिससे लोकेशन मॉनिटर नहीं हो पाती है।
  • राइड की हिस्ट्री रिकॉर्ड नहीं होती, इसलिए बाद में शिकायत करना मुश्किल होता है।
  • किसी विवाद या ठगी की स्थिति में सबूत नहीं मिलते हैं।
  • एप से मिलने वाली बीमा और कस्टमर सपोर्ट सुविधाएं प्रभावित होती हैं।

सवाल- बारिश में सर्ज प्राइसिंग और स्कैम में फर्क कैसे समझें?

जवाब- सर्ज प्राइसिंग में किराया एप पर पहले से दिखता है, जबकि स्कैम में बाद में रकम बढ़ाई जाती है। इनके बीच का फर्क समझने के लिए कुछ बातों का ध्यान रखें।

  • एप में दिख रहा किराया ही सही है, उसी को मानें।
  • अगर ड्राइवर एप के बाहर अतिरिक्त पैसे मांगता है, तो यह स्कैम है।
  • भारी बारिश या पीक टाइम में सर्ज प्राइस सामान्य है, लेकिन ड्राइवर मनमाना किराया नहीं ले सकते।
  • किसी भी अतिरिक्त चार्ज के लिए एप में अपडेट दिखना चाहिए।

सवाल- कैब राइड के दौरान कौन से संकेत रेड फ्लैग्स हो सकते हैं?

जवाब- कैब राइड के दौरान कुछ चीजें नजरअंदाज करना रिस्की हो सकता है। सभी रेड फ्लैग्स ग्राफिक में देखिए-

सवाल- पेमेंट करते समय क्या सावधानियां बरतें?

जवाब- जल्दबाजी में फ्रॉड का रिस्क बढ़ जाता है। इसलिए भुगतान करते समय ये जरूरी सावधानियां बरतें-

  • हमेशा राइड बुकिंग एप पर ही पेमेंट करें।
  • QR कोड स्कैन करते समय नाम और अमाउंट जरूर चेक करें।
  • पेमेंट करने के बाद ट्रांजैक्शन कन्फर्मेशन देखें।
  • बैंक SMS, UPI एप या स्टेटमेंट में एंट्री जरूर चेक करें।
  • ड्राइवर के “पेमेंट नहीं मिला” कहने पर क्रॉस करने चेक के बाद ही दोबारा पेमेंट करें।
  • किसी अनजान UPI कलेक्ट रिक्वेस्ट को अप्रूव न करें।

सवाल- अगर देर रात कैब से यात्रा कर रहे हैं तो सुरक्षा के लिए किन बातों का ध्यान रखें?

जवाब- देर रात कैब से यात्रा करते समय रिस्क बढ़ जाता है। इसलिए अतिरिक्त सतर्कता जरूरी होती है। छोटी-छोटी सावधानियां आपकी सुरक्षा सुनिश्चित करती हैं। ग्राफिक में सभी सावधानियां देखिए-

सवाल- अगर स्कैम हो जाए तो तुरंत क्या करें?

जवाब- ऐसी स्थिति में तुरंत कार्रवाई करना जरूरी है।

  • सबसे पहले एप में जाकर तुरंत शिकायत दर्ज करें।
  • राइड का स्क्रीनशॉट और ट्रिप डिटेल सुरक्षित रखें।
  • ड्राइवर का नाम, गाड़ी नंबर और समय नोट कर लें।
  • अगर पेमेंट फ्रॉड हुआ है, तो तुरंत बैंक या UPI एप में रिपोर्ट करें।
  • साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करके शिकायत दर्ज करें।
  • नेशनल साइबर हेल्पलाइन पोर्टल पर ऑनलाइन कंप्लेंट करें।

ध्यान रखें, जल्दी की गई कार्रवाई से पैसे वापस मिलने और आरोपी के खिलाफ एक्शन की संभावना बढ़ जाती है।

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