सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के वीर जवान अभिषेक यादव का पार्थिव शरीर सोमवार दोपहर करीब दो बजे गांव पहुंचा। पार्थिव शरीर के आगमन के बाद युवाओं ने करीब एक घंटे तक तिरंगा यात्रा निकाली। बिहार के सुपौल स्थित ट्रेनिंग सेंटर से उपनिरीक्षक केवल सिंह के साथ एसएसबी के जवान पार्थिव शरीर लेकर आगरा पहुंचे थे। इसके बाद युवाओं ने तिरंगा यात्रा निकालते हुए पार्थिव शरीर को बमरौली अहीर स्थित गांव पहुंचाया। गांव में भी युवाओं ने तिरंगे के साथ वीर जवान को अंतिम विदाई दी।
शनिवार को अभिषेक यादव की बिहार के सुपौल में ट्रेनिंग के दौरान मौत हो गई थी। अंत्येष्टि स्थल पर पहुंचने के बाद शहीद स्मारक बनाने और उसके लिए जमीन उपलब्ध कराने की मांग को लेकर ग्रामीणों ने करीब तीन घंटे तक अंतिम संस्कार रोक दिया। ग्रामीणों ने रोहता से बरौली अहीर मार्ग तथा रोहता से बमरौली अहीर जाने वाले मुख्य मार्ग का नामकरण ‘अभिषेक यादव मार्ग’ करने की भी मांग रखी।
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ग्रामीणों की भीड़
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मामले की जानकारी होने पर तहसील सदर के उप जिलाधिकारी विक्रम सिंह राघव तहसीलदार सत्येंद्र कुमार, नायब तहसीलदार सहित प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया।
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अंतिम विदाई के लिए उमड़े लोग
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इस दौरान ग्रामीणों में आक्रोश दिखाई दिया और प्रशासन व जनप्रतिनिधियों के साथ कहासुनी भी हुई। करीब तीन घंटे तक चली बातचीत के बाद ब्लॉक प्रमुख बिचपुरी के पति सोनू दिवाकर ने संपूर्ण श्मशान घाट का सौंदर्यीकरण कराने की बात कही। इसके बाद गांव के बुजुर्गों के समझाने पर ग्रामीण अंतिम संस्कार के लिए राजी हुए।
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लखनऊ और सुपौल से एसएसबी के 20 जवानों की टुकड़ी
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लखनऊ और सुपौल से एसएसबी के 20 जवानों की टुकड़ी भी वीर जवान को अंतिम सलामी देने पहुंची। मातमी धुन के बीच एसएसबी के जवानों ने अभिषेक यादव को अंतिम सलामी दी। इस दौरान हजारों की संख्या में ग्रामीण, जनप्रतिनिधि और आसपास के गांवों के लोग मौजूद रहे।
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अभिषेक यादव
– फोटो : अमर उजाला
अभिषेक यादव अमर रहे’ और ‘जब तक सूरज चांद रहेगा,अभिषेक तेरा नाम रहेगा’ के नारों से पूरा माहौल गूंज उठा। हर किसी की आंखें नम थीं और गांव के लोग अपने वीर सपूत को अंतिम विदाई देते नजर आए। शाम करीब 6:30 बजे अभिषेक यादव के छोटे भाई सुमित यादव ने उन्हें मुखाग्नि दी।