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2 दिन पहलेलेखक: शिवाकान्त शुक्ल
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कुछ दिनों पहले मध्य प्रदेश के खरगोन जिले से मिलावटी हल्दी का एक खतरनाक मामला सामने आया। यहां शादी से पहले हल्दी रस्म के दौरान दूल्हा-दुल्हन समेत कई लोगों की अचानक तबीयत बिगड़ गई।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, हल्दी लगाने के कुछ देर बाद लोगों के शरीर पर लाल चकत्ते पड़ने लगे। सूजन आ गई और सांस लेने में तकलीफ होने लगी। आनन-फानन में दूल्हा-दुल्हन को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान दुल्हन की मौत हो गई। प्राथमिक जांच में एलर्जी की वजह मिलावटी हल्दी बताई गई।
इस घटना ने सभी को हैरान कर दिया। इसके बाद मिलावटी हल्दी को लेकर देशभर में ताबड़तोड एक्शन लिए गए। अहमदाबाद नगर निगम (AMC) के खाद्य विभाग ने माधुपुरा मार्केट से 2,500 किलोग्राम मिलावटी हल्दी जब्त की।
वहीं कानपुर फूड डिपार्टमेंट ने चकेरी इंडस्ट्रियल एरिया से 398 किलो मिलावटी हल्दी पाउडर सीज किया। ऐसे में सवाल है कि कहीं हम भी मिलावटी हल्दी तो नहीं खा रहे हैं।
इसलिए ‘जरूरत की खबर’ में आज मिलावटी हल्दी की बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि-
- मिलावटखोर हल्दी में कौन-सी चीजें मिलाते हैं?
- मिलावटी हल्दी खाने के क्या हेल्थ रिस्क होते हैं?
- घर पर असली और मिलावटी हल्दी कैसे पहचानें?
एक्सपर्ट:
देवेन्द्र कुमार दुबे, फूड सेफ्टी ऑफिसर, फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन, दमोह
डॉ. अरविंद अग्रवाल, डायरेक्टर, इंटरनल मेडिसिन, श्री बालाजी एक्शन मेडिकल इंस्टीट्यूट, दिल्ली
सवाल- मिलावटखोर हल्दी में किन चीजों की मिलावट करते हैं?
जवाब- हल्दी का रंग गहरा पीला दिखाने, मात्रा बढ़ाने और कम लागत में ज्यादा मुनाफा कमाने के लिए इसमें कई तरह की मिलावट हो सकती है।
इनमें सबसे खतरनाक लेड क्रोमेट (लेड-बेस्ड येलो पेन्ट) और मेटानिल येलो (सिंथेटिक डाई) है। इन्हें खाने में इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं है। इसके अलावा और भी कई चीजों की मिलावट हो सकती है। नीचे ग्राफिक में देखिए-

सवाल- हल्दी में मिलावट क्यों की जाती है?
जवाब- इसका मुख्य उद्देश्य कम लागत में ज्यादा मुनाफा कमाना है। वे इसके लिए कई बार ऐसी मिलावट करते हैं, जो सेहत के लिए बेहद खतरनाक हो सकती हैं। मिलावटखोर अक्सर हल्दी की मात्रा बढ़ाने और उसे ज्यादा चमकदार दिखाने के लिए ऐसा करते हैं।
सवाल- लेड क्रोमेट और मेटानिल येलो क्या हैं? इन्हें हल्दी में मिलाना क्यों रिस्की है?
जवाब- इसे पॉइंटर्स से समझिए-
- लेड क्रोमेट एक पीले रंग का इंडस्ट्रियल केमिकल है। इसका इस्तेमाल पेन्ट, प्लास्टिक और कई नॉन-फूड प्रोडक्ट्स में किया जाता है।
- इसमें लेड और क्रोमियम जैसे टॉक्सिक तत्व होते हैं। कुछ मिलावटखोर हल्दी का रंग अधिक चमकीला पीला दिखाने के लिए इसे मिलाते हैं।
- मेटानिल येलो एक सिंथेटिक डाई है, जिसका यूज कपड़ा, कागज और अन्य इंडस्ट्रियल प्रोडक्ट्स में किया जाता है।
- इसे फूड में मिलाने की अनुमति नहीं है। इसके बावजूद कुछ लोग हल्दी का रंग गहरा और आकर्षक बनाने के लिए इसका इस्तेमाल करते हैं।
- ये दोनों केमिकल्स खाने के लिए सुरक्षित नहीं हैं।
- लंबे समय तक इनके कंजम्पशन से शरीर में टॉक्सिन्स बढ़ सकते हैं। इससे लिवर, किडनी और नर्वस सिस्टम डैमेज हो सकता है।
सवाल- मिलावटी हल्दी खाने से सेहत को क्या नुकसान हो सकते हैं?
जवाब- इससे कई हेल्थ प्रॉब्लम्स का रिस्क हो सकता है। मिलावटी हल्दी खाने से शाॅर्ट टर्म और लाॅन्ग टर्म में सेहत पर खतरनाक नतीजे दिख सकते हैं। डिटेल नीचे ग्राफिक में देखिए-

सवाल- मिलावटी हल्दी का रिस्क किन लोगों को ज्यादा है?
जवाब- मिलावटी हल्दी हर किसी के लिए नुकसानदायक है, लेकिन कुछ लोगों पर इसका असर ज्यादा गंभीर हो सकता है, जैसेकि-
- जिन्हें लिवर डिजीज है।
- जिन्हें किडनी डिजीज है।
- जिन्हें क्रॉनिक डिजीज है।
- जिनकी इम्यूनिटी कमजोर है।
- बच्चे और बुजुर्ग।
- प्रेग्नेंट और ब्रेस्टफीड कराने वाली महिलाएं।
सवाल- घर पर असली और मिलावटी हल्दी कैसे पहचानें?
जवाब- घर पर कुछ आसान तरीकों से हल्दी की शुद्धता जांची जा सकती है। इसके लिए ग्राफिक में दिए तरीके अपनाएं-

सवाल- क्या पकाने या उबालने से हल्दी में मौजूद हानिकारक तत्व खत्म हो जाते हैं?
जवाब- नहीं, लेड क्रोमेट और मेटानिल येलो जैसे केमिकल्स पकाने, उबालने या भूनने से खत्म नहीं होते हैं।
ये केमिकल्स हाई टेम्परेचर सहन कर सकते हैं और खाने के जरिए शरीर में पहुंच सकते हैं। हालांकि, उबालने से बैक्टीरिया या कुछ सूक्ष्मजीव नष्ट हो सकते हैं।

सवाल- हल्दी खरीदते समय किन बातों का ध्यान रखें?
जवाब- इस दौरान क्वालिटी और पैकेजिंग पर विशेष ध्यान देना चाहिए। इसके लिए ग्राफिक में दी गई कुछ बातों का खास ख्याल रखें-

सवाल- पिसी हुई हल्दी या साबुत हल्दी में से कौन-सी खरीदना ज्यादा सुरक्षित है?
जवाब- डॉ. अरविंद अग्रवाल बताते हैं कि पिसी हुई हल्दी की तुलना में साबुत हल्दी खरीदना ज्यादा सेफ है, क्योंकि इसमें मिलावट की आशंका नहीं होती है।
सवाल- घर पर पिसी हल्दी कैसे तैयार कर सकते हैं?
जवाब- साबुत हल्दी खरीदकर घर पर असानी से इसका पाउडर तैयार कर सकते हैं। इसके लिए-
- अच्छी क्वालिटी वाली साबुत हल्दी खरीदें।
- हल्दी में धूल-मिट्टी हो तो उसे साफ पानी से धोकर तेज धूप में अच्छी तरह सुखाएं।
- नमी पूरी तरह खत्म होने के बाद मिक्सर-ग्राइंडर या चक्की में बारीक पीस लें।
- पिसी हुई हल्दी को छलनी से छानकर एयरटाइट डिब्बे में भरकर स्टोर करें।
ध्यान रखें-
- हल्दी में नमी रह जाने पर फफूंद लग सकती है।
- स्टोर करते समय डिब्बा एकदम सूखा होना चाहिए।
- बेहतर क्वालिटी के लिए कम मात्रा में पिसवाएं और जरूरत पर ताजा पाउडर तैयार करें।
सवाल- किसी भी फूड में मिलावट का शक होने पर कहां और कैसे शिकायत करें?
जवाब- राज्य के खाद्य सुरक्षा विभाग और स्थानीय खाद्य सुरक्षा अधिकारी से शिकायत कर सकते हैं। इसके अलावा FSSAI के ‘फूड सेफ्टी कनेक्ट’ पोर्टल/एप पर भी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। शिकायत के साथ प्रोडक्ट की फोटो, बिल और पैकेजिंग डिटेल्स बताने से जांच में मदद मिलती है।
सवाल- फूड में मिलावट की पुष्टि होने पर क्या कार्रवाई हो सकती है?
जवाब- जांच में मिलावट साबित होने पर संबंधित निर्माता, विक्रेता या डिस्ट्रीब्यूटर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सकती है। जैसेकि-
- जुर्माना लग सकता है।
- लाइसेंस रद्द किया जा सकता है।
- गंभीर मामलों में (जहां उपभोक्ताओं की सेहत पर असर हुआ हो) कानूनी प्रावधानों के तहत सजा भी हो सकती है।
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