जरूरत की खबर- मौसम बदलने पर बीमार क्यों पड़ते हैं?:  बढ़ता इन 11 बीमारियों का रिस्क, बचाव के लिए फॉलो करें ये 12 हेल्थ टिप्स
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जरूरत की खबर- मौसम बदलने पर बीमार क्यों पड़ते हैं?: बढ़ता इन 11 बीमारियों का रिस्क, बचाव के लिए फॉलो करें ये 12 हेल्थ टिप्स

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10 घंटे पहलेलेखक: शिवाकान्त शुक्ल

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मौसम का बदलाव प्रकृति का एक सुंदर हिस्सा है, लेकिन कई बार यह हमारी सेहत के लिए चुनौतीपूर्ण हो जाता है। जैसे-जैसे मौसम गर्मी से बरसात या बरसात से ठंड की ओर शिफ्ट होता है, कुछ लोग सर्दी-जुकाम, बुखार या एलर्जी की चपेट में आ जाते हैं। क्या आपने कभी सोचा कि आखिर ऐसा क्यों होता है।

दरअसल तापमान में गिरावट और हवा की नमी में बदलाव वायरस को पनपने का मौका देते हैं। वहीं बदलते टेम्प्रेचर के साथ एडजेस्ट करने के प्रोसेस में इम्यून सिस्टम पर दबाव बढ़ता है। इस कारण वायरल-बैक्टीरियल इन्फेक्शन का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए मौसम बदलने पर लोग ज्यादा बीमार पड़ते हैं। हालांकि कुछ सावधानियों को अपनाकर इस जोखिम से काफी हद तक बचा जा सकता है।

तो चलिए, आज जरूरत की खबर में हम बदलते मौसम में बीमार पड़ने के कारणों पर बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि-

  • मौसम बदलने पर किन बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है?
  • इन बीमारियों से बचाव के क्या उपाय हैं?

एक्सपर्ट: डॉ. रोहित शर्मा, कंसल्टेंट, इंटरनल मेडिसिन, अपोलो स्पेक्ट्रा हॉस्पिटल, जयपुर

सवाल- मौसम बदलने पर बीमारियों का खतरा क्यों बढ़ जाता है?

जवाब- मौसम बदलने पर शरीर को नए तापमान और वातावरण के अनुसार खुद को ढालने में समय लगता है। इस दौरान इम्यून सिस्टम कमजोर पड़ जाता है, जिससे वायरस और बैक्टीरिया आसानी से शरीर को प्रभावित करते हैं। ठंड-गर्मी के उतार-चढ़ाव से सर्दी, खांसी, फ्लू, एलर्जी, गले और स्किन इन्फेक्शन जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। नीचे दिए ग्राफिक से बदलते माैसम में बीमार होने के मुख्य कारणों को समझिए-

आइए, अब ऊपर दिए पॉइंट्स के बारे में विस्तार से बात करते हैं।

तापमान में उतार-चढ़ाव

गर्मी से ठंड की ओर जाते समय हवा ठंडी और ड्राई हो जाती है, जो राइनोवायरस और इन्फ्लूएंजा जैसे वायरस के लिए अनुकूल स्थिति पैदा करती है। ये वायरस ठंड में ज्यादा एक्टिव रहते हैं और आसानी से फैलते हैं। येल यूनिवर्सिटी की एक स्टडी के अनुसार, नाक का तापमान शरीर के तापमान औसत से कम होने पर वायरस तेजी से बढ़ते हैं।

इम्यून सिस्टम का कमजोर होना

ठंड में ब्लड वेसल्स सिकुड़ जाते हैं, जिससे व्हाइट ब्लड सेल्स म्यूकस मेम्ब्रेन तक पहुंचने में मुश्किल होती है। इससे शरीर का इम्यून सिस्टम कमजोर पड़ जाता है। साथ ही सूरज की रोशनी कम होने से विटामिन D की कमी हो जाती है, जो इम्यूनिटी के लिए जरूरी है।

एलर्जेंस और प्रदूषण का बढ़ना

मौसम बदलने के दौरान वायु में धूल, प्रदूषण, परागकण (pollen) और फफूंद जैसे एलर्जेंस तेजी से बढ़ जाते हैं। ये एलर्जेंस नाक बहने, छींक आने, खांसी और आंखों में जलन जैसी समस्याएं पैदा करते हैं। लगातार एलर्जिक रिएक्शन से इम्यून सिस्टम कमजोर पड़ जाता है, जिससे शरीर वायरल और बैक्टीरियल इनफेक्शन के प्रति अधिक संवेदनशील हो जाता है।

सवाल- बदलते मौसम में किन बीमारियों का रिस्क ज्यादा होता है?

जवाब- मौसम परिवर्तन के दौरान कुछ स्वास्थ्य समस्याएं ज्यादा देखी जाती हैं। ये हर उम्र के लोगों को प्रभावित करती हैं, लेकिन बच्चे-बुजुर्ग और कमजोर इम्यूनिटी वाले इसके प्रति ज्यादा संवेदनशील होते हैं। नीचे दिए ग्राफिक से मुख्य बीमारियों को समझिए-

सवाल- बदलते मौसम की बीमारियों के लक्षणों को कैसे पहचाना जा सकता है?

जवाब- बदलते मौसम की बीमारियों के लक्षण शुरुआत में सामान्य लगते हैं, लेकिन इग्नोर करने पर ये गंभीर हो सकते हैं। जैसेकि-

  • नाक बहना या बंद होना।
  • गले में दर्द या खराश।
  • तेज बुखार और थकान।
  • शरीर में दर्द और कमजोरी।
  • आंखों में जलन या छींकें।
  • पेट दर्द या उल्टी।
  • सांस लेने में परेशानी।

सवाल- बदलते मौसम में बीमारियों से बचने के उपाय क्या हैं?

जवाब- सही आदतें और लाइफस्टाइल में कुछ बदलाव के साथ सीजनल बीमारियों के रिस्क को कम किया जा सकता है। नीचे दिए ग्राफिक से आसान टिप्स देखिए-

सवाल- किस स्थिति में डॉक्टर को दिखाना जरूरी है?

जवाब- अगर सामान्य सर्दी-जुकाम या बुखार है तो घरेलू उपाय अपनाएं और बेड रेस्ट करें। आमतौर पर इससे आराम मिल जाता है, लेकिन कुछ स्थितियों में डॉक्टर की सलाह लेनी जरूरी है। इसे नीचे दिए ग्राफिक से समझिए-

सवाल- क्या बदलते मौसम की बीमारियों से बचने के कुछ घरेलू उपाय भी हैं?

जवाब- इससे बचने के लिए बदलते मौसम के साथ तुलसी, अदरक, ग्रीन टी और शहद का सेवन शुरू करें। हल्दी वाला दूध पिएं। साथ ही गरम पानी में नींबू और शहद मिलाकर पी सकते हैं। ये सभी काफी फायदेमंद होते हैं।

सवाल- बदलते मौसम में बच्चों को बीमार होने से कैसे बचाएं?

जवाब- इम्यून सिस्टम के कमजोर होने के कारण बच्चे इससे ज्यादा प्रभावित होते हैं। उन्हें नियमित वैक्सीनेशन करवाएं, हाथ धुलवाने की आदत डालें और विटामिन C से भरपूर फल दें। इनडोर प्ले के लिए प्रेरित करें और बीमार लोगों से दूर रखें। अगर लक्षण दिखें तो तुरंत पीडियाट्रिशियन से सलाह लें।

सवाल- बदलते मौसम में यात्रा करते समय क्या अतिरिक्त सावधानियां बरतनी चाहिए?

जवाब- सीनियर कंसल्टेंट इंटरनल मेडिसिन डॉ. रोहित शर्मा बताती हैं कि, यात्रा के दौरान संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। मास्क पहनें, सैनिटाइजर साथ रखें और भीड़भाड़ वाली जगहों से बचें। हाइड्रेटेड रहें, हेल्दी स्नैक्स कैरी करें और मौसम के अनुसार कपड़े पैक करें।

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