जरूरत की खबर- रोज 25 ग्राम फाइबर खाना जरूरी:  इसके 7 हेल्थ बेनिफिट्स, इन 15 सब्जियों में सबसे ज्यादा, जानें किसे नहीं खाना चाहिए
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जरूरत की खबर- रोज 25 ग्राम फाइबर खाना जरूरी: इसके 7 हेल्थ बेनिफिट्स, इन 15 सब्जियों में सबसे ज्यादा, जानें किसे नहीं खाना चाहिए

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5 घंटे पहलेलेखक: गौरव तिवारी

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अमेरिकन डाइटरी गाइडलाइंस के मुताबिक, हर एडल्ट महिला को रोज 25 ग्राम और पुरुष को 35 ग्राम फाइबर की जरूरत होती है। फाइबर सबसे ज्यादा फलों और सब्जियों से मिलता है। हालांकि, कुछ सब्जियों में यह भरपूर मात्रा में होता है। इसमें जड़ों वाली सब्जियां सबसे अहम हैं।

गाजर, चुकंदर, शकरकंद फाइबर से भरपूर सब्जियां हैं। इसके अलावा ब्रॉकली, फूलगोभी और करेले में भी खूब फाइबर होता है। फाइबर एक तरह का नॉन डाइजेस्टेबल कार्बोहाइड्रेट है।

ज्यादातर लोग फास्ट फूड और प्रोसेस्ड चीजों की वजह से फाइबर से महरूम रह जाते हैं। इससे कब्ज, थकान और मोटापे जैसी परेशानियां हो सकती हैं। फाइबर बच्चों को ग्रोथ में सपोर्ट करता है, इम्यूनिटी बढ़ाता है और वजन कंट्रोल में मदद करता है।

तो चलिए, आज ‘जरूरत की खबर’ में हम फाइबर के बारे में बात करेंगे। जानेंगे कि-

  • कौन-सी 15 सब्जियां फाइबर से भरपूर हैं?
  • फाइबर की कमी के संकेत क्या हैं?
  • खाने में फाइबर बढ़ाने कैसे बढ़ाएं?

एक्सपर्ट: शिल्पी गोयल, डाइटीशियन, छत्तीसगढ़

सवाल- फाइबर क्या है और ये इतना जरूरी क्यों है?

जवाब- फाइबर वो कार्बोहाइड्रेट है जो हमारा पेट पचा नहीं पाता, लेकिन ये बॉडी के लिए बेहद जरूरी हैं। ये दो तरह का होता है-

  • सॉल्युबल- जो पानी में घुलता है और गुड बैक्टीरिया बढ़ाता है।
  • इनसॉल्युबल- जो पेट को साफ रखता है।

फाइबर कब्ज से बचाता है, भूख को लंबे समय तक कंट्रोल करता है ताकि स्नैक्स की क्रेविंग न हो और वजन बढ़ने से रोकता है। एनर्जी लेवल बरकरार रखता है, स्किन को चमकदार बनाता है और डायबिटीज, हार्ट प्रॉब्लम्स को दूर रखता है। फाइबर से भरपूर डाइट से हमारा फोकस बेहतर होता है और बीमारियों का रिस्क भी कम होता है।

सवाल- एक व्यक्ति को रोज कितने फाइबर की जरूरत होती है?

जवाब- फाइबर की जरूरत उम्र के हिसाब से बदल सकती है। अमेरिकन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स के ‘एज+5’ रूल के मुताबिक, बच्चे की उम्र में 5 ग्राम जोड़ दें। जैसे 8 साल के बच्चे को 13 ग्राम रोज फाइबर की जरूरत होती है। टीनएजर्स के लिए ये 20-25 ग्राम तक हो जाता है।

ये ध्यान रखें कि भोजन में एकदम से फाइबर न बढ़ाएं। इसे धीरे-धीरे बढ़ाएं वरना गैस हो सकती है। किस उम्र में कितने फाइबर की जरूरत होती है, इसे नीचे दिए ग्राफिक में देखिए-

सवाल- किन सब्जियों से भरपूर फाइबर मिलता है?

जवाब- सब्जियां फाइबर का सबसे अच्छा और आसान सोर्स हैं। इन्हें सलाद, सब्जी या स्मूदी बनाकर भोजन में शामिल कर सकते हैं। ग्राफिक में 15 ऐसी सब्जियां हैं, जो फाइबर से भरपूर होती हैं। ये इंडियन किचन में आसानी से मिल जाती हैं।

सवाल- किन सब्जियों में फाइबर कम होता है, क्या इन्हें नहीं खाना चाहिए?

जवाब- नहीं, कम फाइबर वाली सब्जियों में भी प्रति कप 2-3 ग्राम फाइबर होता है। अगर चुकंदर, प्याज, गोभी, शलजम के पत्ते खा रहे हैं तो इसमें भी फाइबर मिलता है। इन्हें पूरी तरह नहीं छोड़ना चाहिए, सलाद में मिला सकते हैं।

इसके अलावा हर सब्जी में अलग-अलग विटामिन्स और मिनरल्स मौजूद होते हैं। हमारे शरीर को इन विटामिन्स और मिनरल्स की भी उतनी ही जरूरत होती है। इसलिए सभी तरह की सब्जियां खानी चाहिए।

सवाल- फाइबर सिर्फ सब्जियों में होता है या इसके और सोर्स भी हैं?

जवाब- सब्जियां फाइबर का सबसे अच्छा सोर्स होती हैं, लेकिन मोटे अनाज यानी ओट्स, ब्राउन राइस में भी खूब फाइबर होता है। इसके अलावा नट्स में भी फाइबर होता है। सभी फलों में पर्याप्त फाइबर होता है। सेब, केला और चिया सीड्स आदि खा सकते हैं। रेगुलर फाइबर डाइट के लिए नाश्ते में ओट्स या फ्रूट सलाद ट्राई करें।

सवाल- क्या सब्जियों के छिलके हटाने से फाइबर कम हो जाता है?

जवाब- हां, कुछ सब्जियों के छिलके नहीं हटाने चाहिए। आलू या बैंगन आदि को अच्छे से धोकर बिना छीले ही इस्तेमाल करें। जो सब्जियां कच्ची खाई जा सकती हैं, उन्हें बिना पकाए खाएं। अगर पका रहे हैं तो बेहतर है कि उबालकर या स्टीम करके खाएं। अगर इनका जूस निकाल रहे हैं तो इससे फाइबर कम हो जाता है।

सवाल- बच्चों की डाइट में फाइबर कैसे बढ़ाएं?

जवाब- बच्चों के लिए स्मूदी या फिंगर फूड बना सकते हैं। भोजन की थाली में हमेशा धीरे-धीरे फाइबर रिच सब्जियां बढ़ाएं, वरना ब्लोटिंग की समस्या हो सकती है।

सवाल- हाई-फाइबर सब्जियां खाने के क्या फायदे हैं?

जवाब- फाइबर रिच डाइट से पेट देर तक भरा हुआ महसूस होता है। इसे खाने से बैड कोलेस्ट्रॉल कम होता है, ब्लड शुगर कंट्रोल में रहता है। इससे कब्ज की समस्या नहीं होती है। वजन भी कंट्रोल में रहता है। ये हड्डियों को मजबूत बनाता है। इससे हार्ट हेल्दी रहता है।

सवाल- फाइबर का सेवन किसे नहीं करना चाहिए?

जवाब- किन्हीं खास हेल्थ कंडीशंस में फाइबर का सेवन नहीं करना चाहिए, कम करना चाहिए या डॉक्टर की सलाह पर ही करना चाहिए। जैसेकि–

  • अगर पाचन तंत्र कमजोर है।
  • अगर ईरिटेबल बाउल सिंड्रोम की समस्या है।
  • अगर गॉल ब्लैडर का ऑपरेशन हुआ है।
  • अगर बाइल प्रोडक्शन में समस्या है।

इन स्थितियों में ज्यादा फाइबर गैस, पेट दर्द या ब्लोटिंग जैसी दिक्कतें बढ़ा सकता है। अगर किसी को डाइजेस्टिव हेल्थ से जुड़ी समस्या है, तो बिना सलाह के फाइबर लेना नुकसानदेह हो सकता है। ऐसे लोगों को डॉक्टर या न्यूट्रिशनिस्ट से कंसल्ट करके अपना डाइट चार्ट बनवाना चाहिए, ताकि शरीर को जरूरी पोषण मिले और कोई दिक्कत भी न हो।

सवाल- शरीर में फाइबर की कमी के क्या संकेत दिखते हैं?

जवाब- फाइबर की कमी होने पर कई तरह के संकेत दिखते हैं-

  • कब्ज: हफ्ते में 3 बार से कम पॉटी होना या बहुत सख्त स्टूल आना।
  • गैस, ब्लोटिंग: बिना फाइबर का रिफाइंड कार्ब गैस, ब्लोटिंग जैसी समस्याएं पैदा करता है।
  • हाई शुगर और कोलेस्ट्रॉल: ये दोनों हेल्थ प्रॉब्लम्स इस बात का संकेत हैं कि भोजन में फाइबर की मात्रा पर्याप्त नहीं है।
  • बहुत ज्यादा भूख लगना: खाने में फाइबर न हो तो खाना जल्दी पच जाता है और बार-बार भूख लगती है।

सवाल- फाइबर की कमी है तो क्या इसे सप्लीमेंट से पूरा किया जा सकता है?

जवाब- हां, अगर डाइट से फाइबर की कमी पूरी नहीं हो रही हो तो डॉक्टर की सलाह से फाइबर सप्लीमेंट लिया जा सकता है। मार्केट में पाउडर, कैप्सूल और टैबलेट के रूप में फाइबर उपलब्ध है।

हालांकि ये ध्यान रखें कि सप्लीमेंट्स सिर्फ सहायक होते हैं। ये प्राकृतिक फाइबर का विकल्प नहीं बन सकते हैं। बेहतर है कि अनाज, फल, सब्जियों और दालों से फाइबर की मात्रा पूरी की जाए, क्योंकि इनमें कई अन्य जरूरी न्यूट्रिएंट्स भी होते हैं।

सवाल- जरूरत से ज्यादा फाइबर खाने के क्या नुकसान हैं?

जवाब- जरूरत से ज्यादा फाइबर खाने से पेट में भारीपन, गैस, कब्ज या डायरिया जैसी दिक्कतें हो सकती हैं। पाचन तंत्र को फाइबर को प्रोसेस करने के लिए ज्यादा पानी की जरूरत होती है, जिससे डिहाइड्रेशन का खतरा बढ़ता है। अगर डाइट में अचानक फाइबर बढ़ाया जाए तो बॉडी को उसे पचाने में समय लगता है। इसलिए फाइबर की मात्रा धीरे-धीरे बढ़ाएं और पर्याप्त पानी जरूर पिएं।

सवाल- अगर ज्यादा फाइबर खाने से अपच हो रही है तो क्या करना चाहिए?

जवाब- अगर फाइबर रिच डाइट लेने के बाद पेट फूल रहा है या खाना पच नहीं रहा है तो फाइबर की मात्रा कम करें। इसके अलावा पानी ज्यादा पिएं, ताकि पाचन तंत्र फाइबर को सही से प्रोसेस कर सके।

अगर आप फाइबर के लिए कच्ची सब्जियां खाते हैं तो उन्हें हल्का पकाकर खाएं। अगर इसके बाद भी समस्या बनी हुई है तो तो डॉक्टर या न्यूट्रिशनिस्ट से सलाह लेकर अपनी डाइट में सुधार करें।

सवाल- क्या फाइबर रिच फूड दिन के किसी भी समय खाया जा सकता है?

जवाब- फाइबर रिच फूड दिन के किसी भी समय खाया जा सकता है, लेकिन बेहतर है कि इसे सुबह या दोपहर के भोजन में शामिल करें। इससे शरीर को दिनभर एनर्जी और बेहतर डाइजेशन में मदद मिलती है। देर रात या बहुत देर शाम फाइबर रिच फूड पचाने में दिक्कत हो सकती है, क्योंकि उस समय डाइजेशन धीमा हो जाता है।

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