जरूरत की खबर- व्रत का स्टेपल फूड ‘मखाना’:  जानें इसके 10 हेल्थ बेनिफिट्स, प्रोटीन-फाइबर से भरपूर, खरीदते हुए 9 बातें ध्यान रखें
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जरूरत की खबर- व्रत का स्टेपल फूड ‘मखाना’: जानें इसके 10 हेल्थ बेनिफिट्स, प्रोटीन-फाइबर से भरपूर, खरीदते हुए 9 बातें ध्यान रखें

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33 मिनट पहलेलेखक: शिवाकान्त शुक्ल

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मखाने को हेल्दी स्नैक के तौर पर काफी पसंद किया जाता है। न्यूट्रिशन साइंस भी इसे ‘पोषक तत्वों का खजाना’ मानता है। यह प्रोटीन, फाइबर, कैल्शियम, मैग्नीशियम और फॉस्फोरस जैसे पोषक तत्वों से भरपूर होता है।

यह कोई नया सुपरफूड नहीं है। इसका इतिहास मानव सभ्यता के शुरुआती दौर से जुड़ा है। इजराइल के ‘गेशर बेनोत याकोव’ पुरातात्विक स्थल पर करीब 7.8 लाख साल पुराने मखाने के बीजों के अवशेष मिल चुके हैं। इन्हें इंसानों द्वारा इस्तेमाल किए गए सबसे पुराने प्लांट-बेस्ड फूड्स में से एक माना जाता है।

समय के साथ मखाना भारत, चीन, कोरिया और जापान के खानपान का हिस्सा बना। इसका जिक्र ‘चरक संहिता’ जैसे प्राचीन आयुर्वेदिक ग्रंथों में भी मिलता है। आज भारत दुनिया के सबसे बड़े मखाना उत्पादक देशों में शामिल है।

वहीं मखाने के हेल्थ बेनिफिट्स पर अब तक अनेकों रिसर्च हो चुकी हैं। साल 2022 में ‘जर्नल ऑफ फूड बायोकेमेस्ट्री’ में पब्लिश एक रिव्यू के मुताबिक, इसमें मौजूद डाइटरी फाइबर पाचन तंत्र को सपोर्ट करता है।

साल 2018 में ‘नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन’ में पब्लिश एक स्टडी के मुताबिक, मखाने में पॉलीफेनॉल, फ्लेवोनॉइड और अन्य बायोएक्टिव कंपाउंड्स होते हैं, जो शरीर को ऑक्सिडेटिव स्ट्रेस से बचाते हैं।

इसलिए आज ‘जरूरत की खबर’ में मखाने के हेल्थ बेनिफिट्स पर बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि-

  • मखाने में कौन-से पोषक तत्व होते हैं?
  • मखाना खरीदते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?

एक्सपर्ट– डॉ. पूनम तिवारी, सीनियर डाइटीशियन, डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान, लखनऊ

सवाल- 100 ग्राम मखाने में कौन-से पोषक तत्व होते हैं?

जवाब- मखाना प्रोटीन, फाइबर और कैल्शियम का बेहतरीन सोर्स है। ग्राफिक में 100 ग्राम मखाने की न्यूट्रिशनल वैल्यू देखिए-

सवाल- मखाने के हेल्थ बेनिफिट्स क्या हैं?

जवाब- इसे पाइंटर्स से समझिए-

  • मखाने में लाइसिन जैसे जरूरी अमीनो एसिड होते हैं, जो मसल्स रिपेयर और रिकवरी में अहम भूमिका निभाते हैं।
  • इसमें मौजूद कार्बोहाइड्रेट धीरे-धीरे पचने के कारण लंबे समय तक ऊर्जा बनाए रखने में मदद करते हैं।
  • इसमें केम्पफेरोल और फ्लेवोनॉइड्स जैसे कंपाउंड होते हैं, जो ऑक्सिडेटिव स्ट्रेस से बचाते हैं और सूजन कम करते हैं।

सभी हेल्थ बेनिफिट्स ग्राफिक में देखिए-

सवाल- मखाना बोन हेल्थ के लिए कैसे फायदेमंद है?

जवाब- मखाने में मौजूद मैग्नीशियम, कैल्शियम और फॉस्फोरस जैसे मिनरल्स बोन हेल्थ को सपोर्ट करते हैं। इसे ऐसे समझिए-

  • हमारी हड्डियां मुख्य रूप से कैल्शियम और फॉस्फोरस से बनी होती हैं। ऐसे में ये न्यूट्रिएंट्स हड्डियों को मजबूत बनाए रखते हैं।
  • मैग्नीशियम शरीर में कैल्शियम के संतुलन और उसके इस्तेमाल में मदद करता है।
  • यही वजह है कि संतुलित डाइट में मखाने को शामिल करना बोन हेल्थ को सपोर्ट करता है।

ध्यान रखें: सिर्फ मखाना खाने से हड्डियां मजबूत नहीं होतीं। इसके लिए पर्याप्त विटामिन D, प्रोटीन और रेगुलर एक्सरसाइज भी जरूरी है।

सवाल- मखाना हार्ट हेल्थ को कैसे सपोर्ट करता है?

जवाब- इसमें मौजूद पोटेशियम, मैग्नीशियम, फाइबर और एंटीऑक्सिडेंट्स हार्ट हेल्थ को सपोर्ट करते हैं। इसे ऐसे समझिए-

  • पोटेशियम और मैग्नीशियम ब्लड प्रेशर को सामान्य बनाए रखने में मदद करते हैं।
  • इसमें सैचुरेटेड फैट कम होता है, जिससे आर्टरीज में ब्लॉकेज का रिस्क कम होता है।
  • मखाने में मौजूद एंटीऑक्सिडेंट्स शरीर में ऑक्सिडेटिव स्ट्रेस और सूजन से बचाते हैं।
  • फाइबर युक्त फूड्स हार्ट-फ्रेंडली डाइट का हिस्सा माने जाते हैं।

सवाल- मखाना वेट लॉस के लिए कैसे फायदेमंद है?

जवाब- इसे पॉइंटर्स में समझिए–

  • मखाना भूख को कंट्रोल करने में मदद करता है। पेट देर तक भरा रखता है।
  • मखाने में मौजूद फाइबर पाचन की गति को धीमा करता है।
  • जब लंबे समय तक तृप्ति महसूस होती है तो बार-बार कुछ खाने की इच्छा कम होती है। इससे वेट मैनेजमेंट में मदद मिलती है।
  • इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स और लोड हाई नहीं होता। इसलिए यह इंसुलिन स्पाइक नहीं करता।
  • मखाना लो कैलोरी स्नैक है।
  • हालांकि ज्यादा घी, मक्खन या मसालों के साथ खाने पर कैलोरी बढ़ सकती है।

सवाल- मखाने को अपनी डाइट में कैसे शामिल कर सकते हैं?

जवाब- मखाने को कई तरह से डाइट में शामिल किया जा सकता है, जैसेकि-

  • मखाने को हल्का भूनकर स्नैक के तौर पर खा सकते हैं।
  • भुने हुए मखाने को दूध में डालकर खाया जा सकता है।
  • मखाने की सब्जी या करी बना सकते हैं।
  • मखाने की खीर बना सकते हैं, लेकिन इसमें चीनी की मात्रा कम रखें।
  • भुने मखाने को फल, सब्जियों और दही के साथ मिलाकर चाट बना सकते हैं।
  • भुने मखाने में हल्के मसाले मिलाकर खा सकते हैं।
  • मखाने का पाउडर दूध, दही या स्मूदी में मिलाया जा सकता है।

सवाल- किस रूप में मखाने के न्यूट्रिएंट्स सबसे ज्यादा इंटैक्ट रहते हैं?

जवाब- मखाने को हल्का भूनकर खाना बेहतर है। बहुत ज्यादा तेल, घी या तेज तापमान पर लंबे समय तक पकाने से कुछ पोषक तत्वों की मात्रा कम हो सकती है।

सवाल- क्या मखाने के कोई साइड इफेक्ट्स भी हैं?

जवाब- ज्यादा खाने से कुछ लोगों को ये समस्याएं हो सकती हैं-

  • गैस, पेट फूलना, कब्ज या पाचन संबंधी समस्याएं हो सकती हैं।
  • कुछ लोगों में एलर्जिक रिएक्शन हो सकता है। इससे खुजली, रैशेज या सूजन जैसे लक्षण दिख सकते हैं।
  • पैकेज्ड या ज्यादा नमक वाले मखाने से सोडियम की मात्रा बढ़ सकती है।
  • मखाने में ऑक्सालेट होते हैं। ऐसे में ज्यादा खाने से किडनी स्टोन का रिस्क बढ़ता है।

सवाल- किन लोगों को मखाना खाने में सावधानी बरतनी चाहिए?

जवाब- सामान्य मात्रा में मखाना ज्यादातर लोगों के लिए सुरक्षित है। लेकिन कुछ लोगों को इसे कम मात्रा में या डॉक्टर की सलाह से ही लेना चाहिए-

सवाल- मखाना खरीदते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?

जवाब- मखाना खरीदते समय कुछ बातों का खास ख्याल रखें। इसे ग्राफिक में देखिए-

सवाल- क्या मखाने के नम होने पर उसके पोषक तत्व कम हो जाते हैं?

जवाब- हां, इससे मखाने की क्वालिटी, शेल्फ लाइफ और न्यूट्रिशन प्रभावित हो सकते हैं। लंबे समय तक नम रहने पर मखाने में फफूंद लगने का रिस्क बढ़ जाता है। इसे खाने से पाचन संबंधी समस्याएं हो सकती हैं।

सवाल- मखाना स्टोर करने का सही तरीका क्या है?

जवाब- मखाने को नमी और हवा से बचाकर रखना जरूरी है, ताकि वे लंबे समय तक कुरकुरे और खाने लायक बने रहें। इसके लिए-

  • मखाने को एयरटाइट कंटेनर में रखें।
  • कंटेनर को ठंडी और सूखी जगह पर रखें।
  • नमी और सीधी धूप से दूर रखें।

मखाने से जुड़े कॉमन सवाल-जवाब

सवाल- मखाना खाने का सही समय क्या है?

जवाब- इसे अपनी डाइट और जरूरत के अनुसार नाश्ते, शाम के स्नैक के तौर पर लिया जा सकता है।

सवाल- रोज कितनी मात्रा में मखाना खाना सही है?

जवाब- आमतौर पर एक छोटी मुट्ठी यानी करीब 20–30 ग्राम मखाना स्नैक के तौर पर लिया जा सकता है।

सवाल- क्या डायबिटिक लोग मखाना खा सकते हैं?

जवाब- हां, डायबिटिक लोग भी मखाना खा सकते हैं, लेकिन मात्रा का ध्यान रखना जरूरी है।

सवाल- क्या प्रेग्नेंसी में मखाना खाना सुरक्षित है?

जवाब- हां, सामान्य मात्रा में सादा या रोस्टेड मखाना खाना सुरक्षित है।

सवाल- क्या पैकेट वाले फ्लेवर्ड मखाने भी हेल्दी होते हैं?

जवाब- नहीं, स्वाद बढ़ाने के लिए इनमें अतिरिक्त नमक, चीनी, तेल या फैट मिलाया जा सकता है। कुछ प्रोडक्ट्स में फ्लेवरिंग एजेंट्स और प्रिजर्वेटिव्स भी होते हैं।

सवाल- मखाना खाने के बाद पानी पीना चाहिए या नहीं?

जवाब- हां, मखाना खाने के बाद पानी पी सकते हैं। इससे कोई नुकसान नहीं होता।

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ग्राफिक्स- विपुल शर्मा

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