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5 घंटे पहलेलेखक: शिवाकान्त शुक्ल
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बालों की खूबसूरती और सेहत का ध्यान तो लोग रखते हैं। लेकिन स्कैल्प यानी सिर की त्वचा की केयर को अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं। यही वजह है कि कई बार बाल धोने के कुछ समय बाद ही सिर से अजीब-सी स्मेल आने लगती है। इससे दूसरों के सामने असहज महसूस हो सकता है। पसीना, स्कैल्प पर जमा ऑयल, गंदगी, बैक्टीरिया और फंगस का असंतुलन इसकी मुख्य वजहें हैं।
‘इंटरनेशनल जर्नल ऑफ ट्राइकोलॉजी’ के मुताबिक, दुनिया भर में 50% से ज्यादा वयस्क डैंड्रफ से प्रभावित हैं। कुछ मामलों में डैंड्रफ के कारण भी स्कैल्प से खराब स्मेल आ सकती है।
हालांकि, अच्छी बात यह है कि स्कैल्प की सही केयर और कुछ जरूरी सावधानियों से इस समस्या को कम किया जा सकता है।
इसलिए आज ‘जरूरत की खबर’ में बात करेंगे कि स्कैल्प से खराब स्मेल क्यों आती है। साथ ही जानेंगे कि-
- स्कैल्प की स्मेल दूर करने के लिए क्या करें?
- किन स्थितियों में डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है?
एक्सपर्ट– डॉ. विजय सिंघल, सीनियर कंसल्टेंट, डर्मेटोलॉजी, श्री बालाजी एक्शन मेडिकल इंस्टीट्यूट, दिल्ली
सवाल- स्कैल्प से खराब स्मेल आने के पीछे क्या संभावित कारण हो सकते हैं?
जवाब- इसे पॉइंटर्स से समझिए-
- स्कैल्प पर ज्यादा पसीना और तेल जमा होने से खराब स्मेल आ सकती है।
- बाल ठीक से न धोने पर पसीना, धूल और हेयर प्रोडक्ट्स जमा हो सकते हैं।
- इससे स्कैल्प पर पपड़ी बनने लगती है और खुजली होती है, जो स्मेल की मुख्य वजह है।
- स्कैल्प पर बैक्टीरिया और फंगस का संतुलन बिगड़ने से भी स्मेल आ सकती है।
- सोरायसिस और सेबोरिक डर्मेटाइटिस जैसी कंडीशंस में स्कैल्प पर पपड़ी और तेल जमा हो सकता है।
- टीनिया कैपिटिस जैसे इन्फेक्शन में स्मेल के साथ खुजली, पपड़ी और बाल झड़ने की समस्या भी हो सकती है।
- हार्मोन में बदलाव या जरूरत से ज्यादा पसीना आने की समस्या भी इसकी वजह बन सकती है।
सभी संभावित कारण ग्राफिक में देखिए-

सवाल- इस खराब स्मेल को दूर करने के लिए क्या करें?
जवाब- इसके लिए स्कैल्प की साफ-सफाई का खास ध्यान रखें। साथ ही अगर स्मेल की वजह डैंड्रफ या फंगल-बैक्टीरियल इन्फेक्शन है तो इलाज कराना जरूरी है। स्कैल्प की स्मेल दूर करने के जरूरी टिप्स ग्राफिक में देखिए-

सवाल- अगर ऊपर दी सावधानियों के बावजूद स्मेल दूर न हो क्या कोई घरेलू उपाय भी कर सकते हैं?
जवाब- कुछ घरेलू उपाय स्कैल्प की स्मेल कम करने में मदद कर सकते हैं, जैसेकि-

आइए अब इन घरेलू उपायों के बारे में थोड़ा विस्तार से बात करते हैं-
टी ट्री ऑयल
इसमें एंटी-माइक्रोबियल और एंटी-फंगल गुण होते हैं, जो स्कैल्प की डीप क्लीनिंग करके डैंड्रफ और स्मेल की समस्या से राहत देने में मदद करते हैं।
इस्तेमाल का तरीका
- टी ट्री ऑयल की 2-3 बूंदें किसी कैरियर ऑयल (जैसे नारियल या जैतून के तेल) में अच्छी तरह मिलाएं।
- स्कैल्प पर हल्के हाथों से लगाएं और आधे घंटे बाद शैम्पू कर लें।
एप्पल साइडर विनेगर (ACV)
यह स्कैल्प के pH लेवल को संतुलित करता है। साथ ही स्मेल व फंगस फैलाने वाले बैक्टीरिया का सफाया करता है।
इस्तेमाल का तरीका
- एक चम्मच एप्पल साइडर विनेगर में दो कप पानी मिलाकर पतला घोल बना लें।
- बाल शैम्पू से धोने के बाद इस घोल से स्कैल्प की मालिश करें और 2-3 मिनट बाद सादे पानी से बाल धो लें।
एलोवेरा जेल
एलोवेरा में कूलिंग और एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं, जो स्कैल्प को फ्रेश रखते हैं और इन्फेक्शन व स्मेल को रोकते हैं।
इस्तेमाल का तरीका
- फ्रेश एलोवेरा जेल को सीधे अपने स्कैल्प पर लगाएं।
- इसे 15-20 मिनट बाद गुनगुने पानी या माइल्ड शैम्पू से धो लें।
पुदीना का तेल
इसमें स्ट्रॉन्ग एंटी-माइक्रोबियल और कूलिंग गुण होते हैं, जो स्कैल्प के बैक्टीरिया और फंगस को कम करते हैं। इसकी भीनी और फ्रेश खुशबू खराब स्मेल को तुरंत दूर कर स्कैल्प को लंबे समय तक तरोताजा रखती है।
इस्तेमाल का तरीका
- पुदीने के तेल की 4-5 बूंदें किसी कैरियर ऑयल (जैसे नारियल या बादाम के तेल) में अच्छी तरह मिलाकर स्कैल्प पर मालिश करें।
- 15-20 मिनट बाद किसी माइल्ड शैम्पू से धो लें।
नींबू का रस
इसमें नेचुरल एंटी-फंगल और एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं, जो स्कैल्प के एक्स्ट्रा ऑयल और बैड स्मेल पैदा करने वाले बैक्टीरिया को खत्म करते हैं।
इस्तेमाल का तरीका
- ताजे नींबू का रस निकालकर उसमें थोड़ा पानी मिलाएं। इसे स्कैल्प पर लगाएं।
- 15-20 मिनट बाद किसी माइल्ड शैम्पू से बाल धो लें।
ध्यान रखें-
किसी भी घरेलू उपाय को स्कैल्प पर लगाने से पहले पैच टेस्ट जरूर करें। जलन, खुजली या रेडनेस होने पर तुरंत धो दें। स्कैल्प पर घाव या संक्रमण होने पर इन्हें बिल्कुल न लगाएं।
सवाल- क्या स्कैल्प की खराब स्मेल के पीछे कोई बीमारी या हेल्थ कंडीशन भी हो सकती है?
जवाब- हां, स्कैल्प की खराब स्मेल के पीछे कुछ बीमारियां या हेल्थ कंडीशन भी हो सकती हैं, जैसेकि-
सेबोरहाइक डर्मेटाइटिस: इसमें स्कैल्प पर ‘मैलासेजिया’ प्रजाति के फंगस ज्यादा पनपने लगते हैं। साथ ही सीबम का प्रोडक्शन ज्यादा होता है। इससे खुजली होती है, पपड़ी निकलती है और स्मेल भी आने लगती है।
स्कैल्प सोरायसिस: यह एक ऑटोइम्यून डिजीज है, जिसमें स्कैल्प पर लाल चकत्ते और मोटी, पपड़ीदार परतें जम सकती हैं। पपड़ी ज्यादा जमा होने पर खराब स्मेल आ सकती है।
स्कैल्प फॉलिकुलिटिस: इसमें बालों की जड़ों के आसपास सूजन हो जाती है। छोटे लाल दाने, खुजली और पस वाले दाने हो सकते हैं। संक्रमण होने पर बैड स्मेल भी आ सकती है।
फंगल इन्फेक्शन: सिर में होने वाले दाद जैसे फंगल इन्फेक्शन के कारण खुजली, पपड़ीदार चकत्ते और बाल झड़ने की समस्या हो सकती है। कुछ मामलों में इसके साथ खराब स्मेल भी आती है।
हाइपरहाइड्रोसिस: इस स्थिति में जरूरत से ज्यादा पसीना आता है। स्कैल्प पर जमा पसीना, तेल और बैक्टीरिया मिलकर स्मेल पैदा कर सकते हैं।

सवाल- इन हेल्थ कंडीशंस का इलाज क्या है?
जवाब- सही इलाज के लिए पहले स्कैल्प की समस्या का कारण पता करना जरूरी है। डॉक्टर इसके आधार पर एंटी-डैंड्रफ शैंपू, एंटीफंगल या एंटीबैक्टीरियल दवाएं और सूजन कम करने वाले ट्रीटमेंट दे सकते हैं। हाइपरहाइड्रोसिस में पसीना कम करने के उपाय किए जाते हैं। बिना डॉक्टर की सलाह के स्टेरॉयड क्रीम या दवाओं का इस्तेमाल न करें।
सवाल- स्कैल्प से खराब स्मेल आए तो क्या तुरंत डर्मेटोलॉजिस्ट को दिखाना चाहिए?
जवाब- खराब स्मेल आने पर तुरंत डर्मेटोलॉजिस्ट को दिखाना जरूरी नहीं है। लेकिन इन स्थितियों में डॉक्टर से सलाह जरूर लें-
- रेगुलर शैंपू करने के बावजूद स्मेल बनी रहे।
- स्कैल्प पर लगातार खुजली या लालिमा हो।
- सिर में घाव, सूजन या पस वाले दाने हों।
- बाल असामान्य रूप से झड़ने लगें।
- स्कैल्प पर मोटी पपड़ी जमने लगे।
सवाल- बालों की सही देखभाल कैसे करनी चाहिए?
जवाब- बालों और स्कैल्प को हेल्दी रखने के लिए ग्राफिक में दी गई कुछ बातों का खास ख्याल रखें-

सवाल- स्कैल्प की स्मेल दूर होने में कितना समय लगता है?
जवाब- यह स्मेल की वजह पर निर्भर करता है। अगर इसका कारण पसीना, तेल या गंदगी है तो रेगुलर सफाई से कुछ दिनों में राहत मिल सकती है। वहीं डैंड्रफ या इन्फेक्शन के कारण स्मेल आने पर सही इलाज में महीनों लग सकते हैं।
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ग्राफिक्स- विपुल शर्मा
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