जरूरत की खबर- FSSAI की मानसून सेफ्टी गाइडलाइंस:  किचन, कुकिंग और पर्सनल हाइजीन से लेकर बच्चों की हेल्थ और सेफ्टी के जरूरी टिप्स
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जरूरत की खबर- FSSAI की मानसून सेफ्टी गाइडलाइंस: किचन, कुकिंग और पर्सनल हाइजीन से लेकर बच्चों की हेल्थ और सेफ्टी के जरूरी टिप्स

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11 घंटे पहलेलेखक: शिवाकान्त शुक्ल

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बारिश का मौसम गर्मी से राहत देता है। लेकिन बारिश आते ही खानपान और साफ-सफाई से जुड़ी कई स्वास्थ्य समस्याओं का रिस्क भी बढ़ जाता है। बारिश में नमी बढ़ने के कारण बैक्टीरिया और फंगस तेजी से पनपते हैं। इससे फूड पॉइजनिंग, दस्त, उल्टी और स्टमक इंफेक्शन के मामले बढ़ जाते हैं।

थोड़ी-सी लापरवाही भी बीमारी की वजह बन सकती है। ऐसे में पर्सनल हाइजीन और खानपान का खास ख्याल रखना जरूरी है।

‘फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया’ (FSSAI) ने मानसून में बीमारियों से बचने के लिए जरूरी फूड सेफ्टी गाइडलाइन जारी की है। इसमें किचन की सफाई, पर्सनल हाइजीन और खाने को सही तरीके से स्टोर करने से जुड़ी सावधानियां बताई गई हैं।

इसलिए, ‘जरूरत की खबर’ में आज हम FSSAI की मानसून फूड सेफ्टी गाइडलाइन की बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि-

  • बारिश में इन्फेक्शन और बीमारियों का रिस्क क्यों बढ़ता है?
  • बारिश में हाइजीन मेंटेन करने के लिए किन बातों का ध्यान रखें?

एक्सपर्ट: डॉ. आशीष मेहरोत्रा, कंसल्टेंट, इंटरनल मेडिसिन एंड क्रिटिकल केयर, अपोलो स्पेक्ट्रा हॉस्पिटल, कानपुर

सवाल- FSSAI ने मानसून के लिए फूड सेफ्टी गाइडलाइन जारी की है। ये गाइडलाइन क्या कहती है?

जवाब- FSSAI ने अपनी गाइडलाइन में पर्सनल हाइजीन, फूड स्टोरेज और किचन की साफ-सफाई पर खास ध्यान देने की बात कही है। जैसेकि-

  • खाना बनाने से पहले और बाद में हाथों को अच्छी तरह धोएं।
  • किचन की सतह सैनिटाइज करें और बर्तनों काे अच्छे से साफ करें।
  • फ्रिज रेगुलर साफ करें और हर दो हफ्ते में डिफ्रॉस्ट करें।
  • खाना हमेशा अच्छी तरह पकाकर खाएं।
  • बचे हुए भोजन को तुरंत फ्रिज में रखें और देर तक बाहर न छोड़ें।
  • फल-सब्जियों को साफ पानी से धोएं, साफ कपड़े पहनें।
  • खाना बनाते समय मोबाइल फोन यूज न करें।

सवाल- इस गाइडलाइन की जरूरत क्यों है?

जवाब- मानसून में ज्यादा नमी और गंदगी के कारण बैक्टीरिया, फंगस और वायरस तेजी से पनपते हैं। इस दौरान पानी और खाना जल्दी दूषित हो जाता है। इससे फूड पॉइजनिंग, डायरिया और अन्य संक्रमण का रिस्क बढ़ता है।

ऐसे में लोगों को हेल्थ सेफ्टी से जुड़ी सही जानकारी देने के लिए गाइडलाइन जरूरी है ताकि वे बीमारियों से बचाव कर सकें।

सवाल- मानसून में इन्फेक्शन और बीमारियों का रिस्क क्यों बढ़ता है?

जवाब- बारिश में तापमान और नमी के उतार-चढ़ाव के कारण इम्यूनिटी कमजाेर हो जाती है। इससे बीमारियों का रिस्क बढ़ जाता है।

1. बारिश का पानी जमना

बारिश का रुका हुआ पानी मच्छरों के पनपने की आदर्श जगह बन जाता है। इसमें डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया के मच्छर पनपते हैं।

2. नमी में कीटाणुओं का पनपना

हवा में बढ़ी नमी बैक्टीरिया, वायरस और फंगस की ग्रोथ को बढ़ावा देती है।

3. पानी और खाने में संक्रमण

बारिश का पानी अक्सर गंदगी, सीवर और कचरे के संपर्क में आकर दूषित हो जाता है। मानसून में पानी और खाद्य पदार्थ आसानी से संक्रमित हो सकते हैं।

4. धूप कम निकलना

कम धूप मिलने से कई रोगाणु लंबे समय तक जीवित रह सकते हैं।

5. इम्यूनिटी कमजोर होना

तापमान और नमी में बदलाव शरीर की इम्यूनिटी को कमजोर करता है।

सवाल- FSSAI की गाइडलाइन हाइजीन पर सबसे ज्यादा जोर देती है। सही हाइजीन मेंटेन करने के लिए किन बातों का ध्यान रखें?

जवाब- स्वस्थ जीवन के लिए हाइजीन बहुत जरूरी है। ये सेहत की बुनियाद है। FSSAI की एडवाइजरी में हाइजीन को इन जरूरी कैटेगरीज में बांटा गया है–

  • किचन हाइजीन
  • फूड हाइजीन
  • कुकिंग हाइजीन
  • वाटर हाइजीन
  • होम हाइजीन
  • पर्सनल हाइजीन
  • बच्चों के लिए हाइजीन

आइए, अब इन हाइजीन पर बात करते हैं-

किचन हाइजीन

  • बारिश में किचन में नमी और गंदगी जल्दी जमा होती है।
  • इससे बैक्टीरिया और फंगस पनपते हैं, जो खाने को दूषित कर सकते हैं।
  • किचन की सतह, बर्तन, सिंक और स्टोरेज एरिया की रेगुलर सफाई न होने पर फूड कंटैमिनेशन का रिस्क बढ़ जाता है।
  • इसलिए किचन को हमेशा साफ और सूखा रखना चाहिए।
  • खासतौर पर सिंक, किचन प्लेटफॉर्म, ड्रेन और कूड़ेदान की सफाई पर विशेष ध्यान दें, क्योंकि ये जगहें बैक्टीरिया के पनपने के लिए सबसे अनुकूल होती हैं।

नीचे ग्राफिक में FSSAI के सारे किचन हाइजीन टिप्स देखिए-

फूड हाइजीन

  • बारिश में तापमान और नमी बढ़ने से खाना जल्दी खराब हो सकता है। इसलिए ताजा और अच्छी तरह पका भोजन खाएं।
  • पका हुआ भोजन 2 घंटे से ज्यादा कमरे के तापमान पर न छोड़ें। जरूरत हो तो तुरंत फ्रिज में रखें।
  • खुला खाना मक्खियों, धूल और हवा में मौजूद रोगाणुओं के संपर्क में आकर दूषित हो सकता है।
  • दूध, दही, पनीर, मांस और पके हुए भोजन को उचित तापमान पर स्टोर करें, वरना उनमें बैक्टीरिया तेजी से बढ़ सकते हैं।
  • क्रॉस-कंटैमिनेशन से बचने के लिए कच्ची सब्जियों, मांस और पके भोजन को अलग-अलग रखें।
  • लंबे समय से कटे हुए फल, सलाद या खुले में रखे खाद्य पदार्थ न खाएं।

नीचे ग्राफिक में FSSAI के सारे फूड हाइजीन टिप्स देखिए-

कुकिंग हाइजीन टिप्स

  • बारिश में खाना बनाते समय साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखना जरूरी है।
  • गंदे हाथों, बिना धुले बर्तनों या दूषित सामग्री के इस्तेमाल से खाना संक्रमित हो सकता है।
  • इसलिए खाना बनाने से पहले और बीच-बीच में हाथ धोएं।
  • कच्चे और पके हुए भोजन के लिए अलग बर्तन और चॉपिंग बोर्ड का इस्तेमाल करें।

नीचे ग्राफिक में FSSAI के सारे कुकिंग हाइजीन टिप्स देखिए-

वाटर हाइजीन

  • मानसून में पानी दूषित होने का रिस्क बढ़ जाता है।
  • दूषित पानी पीने से दस्त, टाइफाइड, कॉलरा और अन्य वाटरबोर्न डिजीज हो सकती हैं।
  • इसलिए केवल साफ, उबला हुआ या फिल्टर किया हुआ पानी ही पिएं।
  • पानी की टंकियों और स्टोरेज कंटेनर्स की रेगुलर सफाई भी जरूरी है।

नीचे ग्राफिक में FSSAI के सारे वाटर हाइजीन टिप्स देखिए-

होम हाइजीन

  • बारिश के दौरान घर में सीलन, नमी और गंदगी बढ़ सकती है।
  • ये बैक्टीरिया, फंगस और मच्छरों के पनपने के लिए अनुकूल है। इसलिए बारिश में घर को साफ और सूखा रखना बहुत जरूरी है।
  • खासतौर पर बाथरूम, किचन और उन जगहों की रेगुलर सफाई करें, जहां पानी जमा हो जाता है।

नीचे ग्राफिक में FSSAI के सारे होम हाइजीन टिप्स देखिए-

पर्सनल हाइजीन

  • मानसून में पर्सनल हाइजीन बनाए रखना संक्रमण से बचाव का सबसे कारगर तरीका है।
  • गंदे हाथों, गीले कपड़ों या खराब पर्सनल हाइजीन से बीमारियों का रिस्क बढ़ता है। इसलिए दिन में कई बार हाथ धोएं।
  • रोज नहाएं और साफ व सूखे कपड़े पहनें।

नीचे ग्राफिक में FSSAI के सारे पर्सनल हाइजीन टिप्स देखिए-

बच्चों के लिए हाइजीन

  • बच्चों की इम्यूनिटी वयस्कों की तुलना में कमजोर होती है।
  • इसलिए मानसून में उन्हें संक्रमण का रिस्क ज्यादा होता है।
  • बच्चों को सिखाएं कि बाहर से आकर साबुन से हाथ धोएं, पैरों को रगड़कर साफ करें।
  • बच्चों को सिखाएं कि खुला या सड़क किनारे का खाना नुकसानदायक है।
  • उनके नाखून और अन्य हाइजीन का भी ध्यान रखें।

नीचे ग्राफिक में FSSAI के सारे चाइल्ड सेफ्टी हाइजीन रूल्स देखिए-

कुल मिलाकर, साफ-सफाई से जुड़ी छोटी-छोटी आदतें फूड पॉइजनिंग, दस्त, टाइफाइड, कॉलरा और अन्य इन्फेक्शन के रिस्क को काफी हद तक कम कर सकती हैं। इसलिए बारिश के मौसम में हाइजीन को अपनी डेली रूटीन का हिस्सा बनाएं। स्वस्थ और सुरक्षित रहें।

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