मुंबई5 घंटे पहले
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रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने 49वीं एनुअल जनरल मीटिंग को संबोधित किया।
रिलायंस इंडस्ट्रीज की 49वीं सालाना बैठक, यानी AGM शुक्रवार, 19 जून को हुई। कंपनी के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने करीब 44 लाख शेयरहोल्डर्स को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि कंपनी यूरोप और अफ्रीका के मार्केट में एंट्री कर रही है। वहीं, कंपनी जियो का IPO भी लाने जा रही है।
अंबानी बताया कि जियो प्लेटफॉर्म्स का IPO लाया जाएगा। इसके लिए 19 जून को सेबी के पास ड्राफ्ट दस्तावेज (DRHP) जमा कर दिए गए हैं। कंपनी 27 करोड़ नए शेयर जारी करेगी और IPO के जरिए करीब 4 बिलियन डॉलर यानी ₹37,700 करोड़ जुटाने की योजना है।
यह भारत का अब तक का सबसे बड़ा IPO बन सकता है। हालांकि शेयरों की कीमत क्या रहेगी, इसकी जानकारी फिलहाल नहीं दी गई है। इसके अलावा रिलायंस फाउंडेशन मुंबई में एक बड़ी अर्बन ग्रीन सेंक्चुरी का प्रोजेक्ट ‘कोस्टल गार्डन’ के नाम से लाएगा।
मुंबई में ही करीब 410 एकड़ में वर्ल्ड क्लास यूनिवर्सिटी बनाने के प्रोजेक्ट को भी महाराष्ट्र सरकार की मंजूरी मिल गई है। वहीं, वनतारा यूनिवर्सिटी की शुरुआत भी की जा रही है, जहां वन्यजीव संरक्षण और जानवरों की चिकित्सा के लिए विशेषज्ञ स्तर की शिक्षा मिलेगी।

रिलायंस AGM में 5 बड़े कदमों का ऐलान
1. जियो का IPO आएगा, सेबी में पेपर्स दाखिल: जियो प्लेटफॉर्म्स के बोर्ड ने IPO को मंजूरी दे दी है। PO के जरिए 27 करोड़ नए शेयर जारी किए जाएंगे।
2. 2030 तक सभी ग्राहकों को 5G पर लाने का टारगेट: जियो पूरे देश में 5G नेटवर्क का विस्तार करेगा। कंपनी का लक्ष्य 2030 तक सभी ग्राहकों को 5G सेवा से जोड़ना है। 6G तकनीक पर भी काम किया जाएगा।
3. जियो भारतीय भाषाओं में AI बनाएगा: जियो भारतीय भाषाओं में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) विकसित कर रहा है। AI को आम लोगों के लिए आसान और सस्ता बनाया जाएगा।
4. घर-घर हाई-स्पीड इंटरनेट पहुंचाया जाएगा: जियो एयरफाइबर और ब्रॉडबैंड सेवाओं का तेजी से विस्तार करेगा। कंपनी का फोकस ज्यादा से ज्यादा घरों तक तेज इंटरनेट पहुंचाने पर है।
5. जियो की तकनीक विदेशों में जाएगी: जियो अपनी 5G, AI और डिजिटल तकनीक दूसरे देशों तक पहुंचाने की तैयारी कर रहा है। कंपनी टेक्नोलॉजी एक्सपोर्ट को भविष्य के बड़े कारोबार के रूप में देख रही है।

आकाश बोले- जियो के 52.4 करोड़ से ज्यादा ग्राहक
आकाश अंबानी ने कहा कि जियो भारत के लिए अपना सैटेलाइट इंटरनेट नेटवर्क विकसित करने की दिशा में काम कर रहा है और इसके लिए वैश्विक सैटेलाइट कंपनियों के साथ साझेदारी की जा रही है।
आकाश ने कहा कि कंपनी ने AI एजेंट्स के लिए ‘जियो टेलीफ्रेम’ प्लेटफॉर्म पेश किया है। जियो होम्स के जरिए घरों में 5 Gbps डाउनलोड और 1 Gbps अपलोड स्पीड वाली ब्रॉडबैंड सेवा देने की तैयारी है।
आकाश अंबानी ने बताया कि जियो के ग्राहकों की संख्या 52.4 करोड़ से ज्यादा हो गई है, जबकि 1.3 करोड़ से ज्यादा घर Jio AirFiber से जुड़े हैं।

ईशा अंबानी बोलीं- जियोमार्ट के 3100+ स्टोर्स
ईशा अंबानी ने कहा कि रिलायंस रिटेल का ग्राहक आधार लगातार बढ़ रहा है और रजिस्टर्ड ग्राहकों की संख्या 38.7 करोड़ तक पहुंच गई है। पिछले वित्त वर्ष में कंपनी ने 1.93 अरब ट्रांजैक्शन किए, जो एक साल पहले के मुकाबले 39% ज्यादा हैं। स्मार्ट बाजार नेटवर्क ने 1,000 स्टोर्स का आंकड़ा पार कर लिया है।
उन्होंने बताया कि होम और पर्सनल केयर कारोबार इंडस्ट्री की औसत रफ्तार से पांच गुना तेजी से बढ़ रहा है। वित्त वर्ष 2026 में कंपनी का रेवेन्यू 11.8% बढ़कर 3.70 लाख करोड़ रुपए हो गया।

अनंत बोले- पश्चिम एशिया संकट का रिलायंस के कारोबार पर बड़ा असर नहीं
रिलायंस के एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर अनंत अंबानी ने कहा कि पश्चिम एशिया में तनाव के बावजूद कंपनी की रिफाइनरी लगभग पूरी क्षमता से चलती रही। इसकी वजह मजबूत लॉजिस्टिक्स और अलग-अलग स्रोतों से कच्चा माल जुटाने की रणनीति रही।
उन्होंने बताया कि LNG की सप्लाई प्रभावित होने पर रिलायंस ने घरेलू गैस को जरूरी क्षेत्रों तक पहुंचाया। साथ ही कंपनी तेल और गैस खोज (E&P) के नए अवसरों की तलाश भी जारी रखे हुए है।
रिलायंस की टेक कंपनी है जियो प्लेटफॉर्म्स
जियो प्लेटफॉर्म्स रिलायंस की ही एक टेक कंपनी है, जिसका हेडक्वार्टर मुंबई में है। भारत में अपना खुद का सबसे बड़ा मोबाइल नेटवर्क चलाने के साथ-साथ यह कंपनी दुनिया की दूसरी टेलीकॉम कंपनियों को भी एडवांस 5G सर्विस और तकनीक देने का काम करती है।
इसके पास 5G से जुड़े सभी जरूरी सॉफ्टवेयर, नेटवर्क सर्विसेज और एआई (AI) टूल्स मौजूद हैं। इस तकनीक की मदद से बड़ी कंपनियों और प्राइवेट नेटवर्क्स के लिए 5G का इस्तेमाल करना बेहद आसान हो जाता है, जिसे इंटरनेट क्लाउड पर भी चलाया जा सकता है।

सवाल-जवाब के जरिए इस आईपीओ से जुड़ी हर छोटी-बड़ी बात…
सवाल 1: जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ को लेकर शुक्रवार को क्या बड़ा अपडेट आया है?
जवाब: डिजिटल सर्विस प्रोवाइडर कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड (JPL) ने शुक्रवार को अपने इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग यानी आईपीओ के लिए ड्राफ्ट पेपर्स फाइल कर दिए हैं। रिलायंस इंडस्ट्रीज ने स्टॉक एक्सचेंज फाइलिंग में इसकी जानकारी दी है।
सवाल 2:आईपीओ में कितने शेयर जारी होंगे और इसका साइज कितना बड़ा होगा?
जवाब: एक्सचेंज फाइलिंग के मुताबिक, कंपनी इस आईपीओ के जरिए 27 करोड़ तक नए शेयर जारी करेगी। मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक, यह करीब 4 अरब डॉलर यानी 37,000 करोड़ रुपए से ज्यादा का इश्यू हो सकता है। यह साल 2024 में आए हुंडई मोटर इंडिया के 3.3 अरब डॉलर के आईपीओ को पीछे छोड़कर भारत का सबसे बड़ा आईपीओ बन जाएगा।
सवाल 3: IPO में केवल नए शेयर जारी होंगे या मौजूदा निवेशक भी हिस्सेदारी बेचेंगे?
जवाब: स्टॉक एक्सचेंज फाइलिंग में अभी सिर्फ 27 करोड़ नए शेयर जारी होने की बात कही गई है। यानी कंपनी नए शेयर बेचकर बाजार से ताजा फंड जुटाएगी। जहां तक मौजूदा बड़े निवेशकों की हिस्सेदारी बेचने का सवाल है, तो उसकी पूरी और सटीक डिटेल सेबी के पास जमा हुए ड्राफ्ट पेपर्स की बारीक समीक्षा के बाद ही पूरी तरह साफ हो पाएगी।
सवाल 4: इस आईपीओ को लेकर मुकेश अंबानी ने शेयरधारकों से क्या कहा?
जवाब: शुक्रवार को रिलायंस इंडस्ट्रीज की सालाना आम बैठक में मुकेश अंबानी ने कहा, “जियो की यह लिस्टिंग पूरी दुनिया को दिखाएगी कि भारत वैश्विक स्तर, वैश्विक क्षमता और वैश्विक वैल्यू वाली टेक्नोलॉजी कंपनियां बना सकता है।”
सवाल 5: जियो प्लेटफॉर्म्स में रिलायंस के अलावा और किन बड़ी कंपनियों की हिस्सेदारी है?
जवाब: LSEG के डेटा के मुताबिक जियो प्लेटफॉर्म्स में इसके अलावा मेटा, गूगल, केकेआर, सिल्वर लेक और जनरल अटलांटिक जैसी कंपनियों का 20 अरब डॉलर से अधिक का निवेश है।
- मुकेश अंबानी की मूल कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज के पास 66% से ज्यादा की हिस्सेदारी है।
- टेक गूगल के पास 7.7% और मेटा प्लेटफॉर्म्स के पास करीब 10% हिस्सेदारी है।

सवाल 6: भारतीय टेलीकॉम बाजार में जियो की मौजूदा स्थिति और पकड़ कैसी है?
जवाब: जियो प्लेटफॉर्म्स के पास ‘रिलायंस जियो इंफोकॉम’ का मालिकाना हक है। ट्राई के आंकड़ों के मुताबिक देश में जियो के 52.69 करोड़ से ज्यादा ग्राहक हैं। भारत के वायर्ड और वायरलेस इंटरनेट मार्केट के करीब 50% हिस्से पर अकेले जियो का कब्जा है।
सवाल 7ः कंपनी का कमाई का मॉडल क्या होगा?
जवाबः डिजिटल विज्ञापन, एआई, एंटरप्राइज सॉफ्टवेयर, साइबर सिक्योरिटी और डिजिटल सेवा। करोड़ों ग्राहक, ओटीटी, सेट टॉप बॉक्स और ब्रॉडबैंड नेटवर्क का इकोसिस्टम विज्ञापन कारोबार को बढ़ा सकता है। गूगल, मेटा जैसे खिलाड़ियों के दबदबे वाले बाजार पर फाेकस है।
सवाल 8: जियो की सबसे बड़ी कंपटीटर कंपनी एयरटेल की मार्केट वैल्यू कितनी है?
जवाब: भारतीय बाजार में करीब 35% हिस्सेदारी के साथ भारती एयरटेल दूसरी सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी है। एयरटेल 120 अरब डॉलर से ज्यादा के मार्केट कैप के साथ देश की तीसरी मूल्यवान कंपनी है। बाजार में यह 42 गुना से ज्यादा के प्राइस-टू-अर्निंग (P/E) रेशियो पर ट्रेड कर रही है, जिससे जियो की वैल्यूएशन का अंदाजा लगाने में मदद मिलेगी।
सवाल 9: मुकेश अंबानी ने पहले इस आईपीओ की क्या टाइमलाइन दी थी?
जवाब: मुकेश अंबानी ने पिछले साल की AGM में घोषणा की थी कि इस बिजनेस को 2026 के मध्य से पहले बाजार में लिस्ट कर दिया जाएगा। हालांकि, पश्चिम एशिया में जंग होने की वजह से निवेशकों का सेंटिमेंट बिगड़ गया और देश के कई बड़े आईपीओ टल गए।
सवाल 10: ड्राफ्ट फाइल होने के बाद अब आईपीओ कब तक आ सकता है?
जवाब: ड्राफ्ट पेपर्स फाइल होने के बाद सेबी इनकी बारीकी से जांच करेगा, जिसमें अमूमन 2 से 3 महीने का समय लगता है। इसके बाद यह पब्लिक कमेंट्स के लिए भी खुलता है। अगर सेबी से मंजूरी समय पर मिल जाती है तो आईपीओ नवंबर-दिसंबर तक खुल सकता है।
सवाल 11ः IPO से आया पैसा कहां निवेश होगा? जवाब: DHRP के अनुसार, आईपीओ से मिली रकम का बड़ा हिस्सा जियो के कर्ज की प्री-पेमेंट में जाएगा। कर्ज भुगतान में करीब 27,500 करोड़ तक खर्च होंगे।

चौथी तिमाही में पेरेंट कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज का मुनाफा 13% गिरा
वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही में रिलायंस का नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 13% घटकर ₹16,971 करोड़ रहा। एक साल पहले की समान तिमाही में प्रॉफिट ₹19,407 करोड़ था। हालांकि, इस दौरान कंपनी का रेवेन्यू 13% बढ़कर ₹2.98 लाख करोड़ पहुंच गया है। एक साल पहले की समान तिमाही यानी जनवरी-मार्च 2025 में ₹2.64 लाख करोड़ रहा था।

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