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पैशन (जुनून) अपने आप में किसी उम्मीदवार को बेहतर नहीं बनाता। लेकिन अक्सर यही फर्क भी पैदा कर देता है। नियोक्ता ऐसे उम्मीदवारों की तलाश करते हैं जो काम, उसके प्रभाव और उससे मिलने वाले विकास की परवाह करते हैं। इंटरव्यू में आपका काम बनावटी उत्साह दिखाना नहीं होना चाहिए, बल्कि यह साफ तौर पर बताना होना चाहिए कि आपके लिए वास्तव में क्या मायने रखता है। जब आप किसी नौकरी के लिए आगे बढ़ना चाहते हैं, तो पैशन दिखाने के ये चार प्रभावी तरीके अपनाए जा सकते हैं… 1) आप अपने ‘क्यों’ से शुरुआत कर सकते हैं
यह बताने के बजाय कि आपने क्या किया है, सामने वाले को पहले यह समझाइए कि आपने वह काम क्यों चुना था। उसके चुनने के पीछे आपकी प्रेरणा क्या थी और आपके काम का क्या प्रभाव पड़ा है। उदाहरण के तौर पर, एलेक्स नाम का एक युवा कोडर सॉफ्टवेयर एप्लिकेशन बनाना पसंद करता था क्योंकि उसका यह मानना था कि तकनीक सबके लिए अवसरों को समान बनाती है। कोडिंग चुनने की उसकी प्रेरणा बेहद व्यक्तिगत थी, जिसने बाद में उसके जुनून को ऊर्जा दी। 2) बताएं अतिरिक्त समय कहां व कैसे लगाया
एक असाधारण उम्मीदवार यह साझा करता है कि उसने कब और कहां अपेक्षा से बढ़कर काम किया है। कॉलेज के अंतिम वर्ष में एलेक्स रात को कंप्यूटर लैब बंद होने के बाद भी कोडिंग जारी रखने के लिए मेज के नीचे छिप जाया करता था। देर तक काम करना, खाली समय में अभ्यास करना या खुद से नया कौशल सीखना यह दिखाता है कि आपकी प्रेरणा सिर्फ डेडलाइन तक सीमित नहीं, बल्कि काम के प्रति आपकी सच्ची रुचि और जिम्मेदारी को दर्शाती है। 3) शौक साझा करेंगे तो पॉजिटिव असर होगा
जब आप किसी चीज के प्रति सच में जुनूनी होते हैं, तो वह आपके जीवन के दूसरे पहलुओं में भी झलकता है। जॉब इंटरव्यू में एलेक्स ने अपने खाली समय में बनाए गए रोबोट्स के वीडियो दिखाए। ऐसे प्रोजेक्ट्स जो उसके क्षेत्र के प्रति उसकी प्रतिबद्धता दर्शाते थे। ये सिर्फ हॉबी प्रोजेक्ट्स नहीं, इस बात का प्रमाण थे कि वह अपने क्षेत्र के प्रति कितना समर्पित है और काम के बाहर भी अपनी रुचि को आगे बढ़ाता रहता है। ऐसे उदाहरण हायरिंग मैनेजर पर मजबूत और सकारात्मक प्रभाव छोड़ते हैं। 4) वह काम बताएं, जो बिना पैसे के किया था
जुनून कभी-कभी आपको ऐसा काम करने के लिए प्रेरित करता है जो आपकी नौकरी का हिस्सा नहीं होता। इंटरव्यू में एलेक्स ने बेघर लोगों को भोजन कराने वाले एक आश्रय में मदद करने की अपनी कहानी भी सुनाई। सीमित समय में सभी को भोजन कराना मुश्किल हो सकता था, इसलिए एलेक्स ने एक ऐसा प्रोग्राम बनाया जिससे भोजन परोसने की दक्षता बढ़ गई। यह एक स्वैच्छिक प्रयास था, जो वास्तविक बदलाव लाया।
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