टिप्स:  नौकरी के ऑफर पर बातचीत के 4 तरीके
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टिप्स: नौकरी के ऑफर पर बातचीत के 4 तरीके

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47 मिनट पहले

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  • आपका फोन बजता है। कॉल हायरिंग मैनेजर से है, जिसने कुछ दिन पहले आपका इंटरव्यू लिया था। वह आपको नौकरी का ऑफर दे रहा है और वेतन व लाभों का संक्षिप्त विवरण बता रहा है। यही वह क्षण है जब आप ठीक वही मांग सकते हैं, जो आप चाहते हैं। लेकिन ऑफर मिलने की खुशी में कई बार हम बिना अधिक वेतन की मांग किए नौकरी स्वीकार कर लेते हैं। इसलिए कि हम बातचीत के लिए पूरी तरह तैयार नहीं होते। यहां कुछ सुझाव दिए हैं जो आपको नौकरी के ऑफर पर बातचीत करने में मदद करेंगे…

1) जानें कि केवल वेतन ही बातचीत योग्य नहीं वेतन के अलावा भी आपको कुछ जरूरी चीजों पर बात करनी चाहिए। आप जिन लाभों पर बातचीत कर सकते हैं उनमें शामिल हैं : नौकरी शुरू करने की तारीख में बदलाव, बेहतर रिटायरमेंट के लाभ, अधिक पेड टाइम ऑफ, फ्लेग्जिबल वर्किंग ऑवर्स, घर से काम करने के कुछ दिन, बोनस, स्टॉक विकल्प और ऑन-साइट चाइल्ड केयर। इन मुद्दों पर बात करना भी बेहद महत्वपूर्ण हो सकता है। इसलिए बहुत अच्छी तरह सोच-विचार करने के बाद ही आप बातचीत करने के लिए तैयार हों।

2) बातचीत से पहले अपनी पूरी तैयारी कर लें किसी भी बातचीत को करने में जल्दबाजी न करें। अगर हो सके तो पहले अपने संभावित नियोक्ता के बारे में थोड़ा शोध कर लें। कुछ वेबसाइट्स मौजूद हैं जो विभिन्न भूमिकाओं के वेतन के बारे में काफी कुछ जानकारी देती हैं। आप अपने प्रोफेशनल नेटवर्क में लोगों से भी जानकारी ले सकते हैं। आप उनसे ये पूछ सकते हैं कि आपकी फील्ड में नौकरी के ऑफर में किन बातों का ध्यान रखा जाता है। जितना अधिक ज्ञान होगा, उतना ही अधिक आत्मविश्वास आपको इस बातचीत में मिलेगा।

3) निगोशिएबल, नॉन-निगोशिएबल पहचानें यह बहुत जरूरी है कि पहले आप अपनी बातचीत करने योग्य और गैर-बातचीत करने योग्य चीजों की पहचान कर लें। पहले आप यह जान लें कि आप किन चीजों पर समझौता कर सकते हैं और किन चीजों पर बिल्कुल भी कॉम्प्रोमाइज नहीं कर सकते हैं। इससे आपकी मांगें ज्यादा स्पष्ट होंगी और यह भी तय हो सकेगा कि यह भूमिका आपके लिए सही है भी या नहीं। यह बहुत जरूरी है कि सबसे पहले आप अपने निगोशिएबल्स और नॉन-निगोशिएबल्स को पहचान लें। इससे बात करने में आसानी होगी।

4) आपसी सहमति के साथ ही शुरुआत करें हम अक्सर इस सोच के साथ भी बातचीत करते हैं कि ‘या तो सब या कुछ भी नहीं’, और इस वजह से हम अपनी अधिकतर मांगें पूरी ही नहीं कर पाते हैं। इसके बजाय यह सोचें कि आप किन बाधाओं को दूर करके हायरिंग मैनेजर के लिए अपनी मांग स्वीकार करना आसान बना सकते हैं। यह जानने की कोशिश करें कि उन्हें अभी क्या जानकारी हासिल करनी है और उस जानकारी का उपयोग करके उन्हें समझौते के विकल्प सुझा सकते हैं।



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