ट्रेडिंग-फ्रॉड में 72 साल के भरतभाई ने 35 करोड़ गंवाए:  ब्रोकर 4 साल तक फर्जी स्टेटमेंट भेजकर 18% मुनाफा बताता रहा
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ट्रेडिंग-फ्रॉड में 72 साल के भरतभाई ने 35 करोड़ गंवाए: ब्रोकर 4 साल तक फर्जी स्टेटमेंट भेजकर 18% मुनाफा बताता रहा

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मुंबई12 मिनट पहले

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एक 72 साल के बुजुर्ग बिजनेसमैन को ट्रेडिंग स्कैम में 35 करोड़ रुपए गंवाने पड़े हैं। मामला इतना गंभीर था कि चार साल तक उन्हें कुछ पता ही नहीं चला। मुंबई के माटुंगा वेस्ट के रहने वाले भरत हरखचंद शाह ने ब्रोकरेज फर्म ग्लोब कैपिटल मार्केट लिमिटेड पर अनऑथराइज्ड ट्रेडिंग का आरोप लगाया है।

धोखाधड़ी के इस पूरी कहानी को आसना भाषा में पढ़ें…

72 साल के भरतभाई शाह के पिताजी ने 70-80 के दशक में काफी अच्छे शेयर खरीद रखे थे। भरतभाई को मार्केट की ABC भी ठीक से नहीं आती। बस हर साल डिविडेंड आ जाता था, वही काफी था।

2020 की बात है। एक पुराने दोस्त मिले। बोले, ‘भाई, तुम्हारे शेयर तो यूं ही पड़े हैं। एक बहुत अच्छी ब्रोकरेज फर्म है- ग्लोब कैपिटल। अपने शेयर इनके पास (कोलैटरल) रख दो, ये लोग ट्रेडिंग करेंगे। तुम्हें कुछ नहीं करना, बस बैठे-बैठे हर साल 15-18% का मुनाफा आएगा।’

इस पर शाह ने खुद और पत्नी के नाम से ग्लोब कैपिटल के साथ अकाउंट खोले और सारे पुराने शेयर ट्रांसफर कर दिए। फर्म से जुड़े लोगों ने बताया कि कोई एक्स्ट्रा इन्वेस्टमेंट नहीं, पर्सनल गाइड्स मिलेंगे जो पोर्टफोलियो मैनेज करेंगे।

इसके बाद कंपनी से दो लड़के आते हैं- अक्षय बरिया और करण सिरोया। इनको शाह का ‘गाइड’ बनाया गया। बोले, ‘अंकल, आप बिल्कुल टेंशन मत लो। हम आपका पोर्टफोलियो मैनेज करेंगे। बस जब भी फोन पर OTP आए, हमें बता देना। हम ट्रेड डाल देंगे।’ शुरुआत में फोन पर ऑर्डर प्लेस करने को कहते थे। फिर घर पर आना शुरू कर दिए। बोले-

कर्मचारियों ने अपने लैपटॉप से ईमेल भेजे और शाह से हर OTP, SMS और ईमेल का रिस्पॉन्स मंगवाया। धीरे-धीरे अकाउंट पर फुल कंट्रोल हो गया। मार्च 2020 से जून 2024 तक बड़े-बड़े ट्रेड्स होते रहे, लेकिन शाह को केवल ‘प्रॉफिट’ वाली स्टेटमेंट ईमेल से मिलती रहीं।

‘अंकल जी, इस बार अडाणी में अच्छा मौका है… बस OTP बोल दो।’ और भरतभाई OTP बोल देते। हर साल दिसंबर में एक मोटा-सा PDF ईमेल पर आता। ‘आपके पोर्टफोलियो में 18.4% का रिटर्न हुआ है। कुल वैल्यू अब इतने करोड़ हो गई।’ अंकल-अंटी खुश।

फिर आया जुलाई 2024 का वो दिन। सुबह 10 बजे फोन बजा। दूसरी तरफ से सख्त आवाज आई- ‘भरत शाह जी? आपके और आपकी पत्नी के अकाउंट में कुल 35 करोड़ का डेबिट बैलेंस है। 48 घंटे में पैसा नहीं आया तो बाकी सारे शेयर मार्केट में बेच देंगे।’ भरतभाई के तो होश उड़ गए।

बोले, ‘कैसा डेबिट? हमें तो हर साल प्रॉफिट दिखाया जा रहा था!’ उधर से जवाब आया- ‘अंकल जी, आप लोग तो रोज F&O में खेल रहे थे। नुकसान हुआ है। अब या तो पैसा दो, या शेयर चले जाएंगे।’

भरतभाई ऑफिस पहुंचे। वहां दिखाया गया कि पिछले 4 साल में हजारों ट्रेड हुए हैं। किसी दिन 5 करोड़ का, किसी दिन 10 करोड़ का। ज्यादातर ट्रेड लॉस में। भरतभाई रोने लगे- ‘हमने तो कभी ट्रेडिंग का नाम भी नहीं लिया। OTP सिर्फ आप लोगों को दिए थे!’

फिर घर आए, कंप्यूटर खोला, ग्लोब कैपिटल की वेबसाइट पर लॉगिन किया और जो स्टेटमेंट डाउनलोड हुई, उसमें सच सामने आ गया। जो रिपोर्ट ईमेल पर आती थी, वो बिल्कुल फर्जी थी।

असली रिपोर्ट में तो खाता खाली हो चुका था। भरतभाई ने बेटे-बेटियों को बुलाया। फिर बचे हुए शेयर बेचकर 35 करोड़ रुपए जमा किए। पूरा पैसा कंपनी को दे दिया और बचे हुए शेयर्स दूसरे ब्रोकर के पास ट्रांसफर कर लिया।

अनऑथराइज्ड ट्रेडिंग और धोखाधड़ी का आरोप में FIR

इस फ्रॉड की शिकायत शाह ने वनराई पुलिस स्टेशन में की। केस IPC की धारा 409 (क्रिमिनल ब्रेक ऑफ ट्रस्ट) और 420 (चीटिंग) समेत कई धाराओं के तहत रजिस्टर हुआ। अब मुंबई पुलिस की इकोनॉमिक ऑफेंस विंग (EOW) जांच कर रही है। फर्म के कर्मचारियों पर अनऑथराइज्ड ट्रेडिंग और धोखाधड़ी का आरोप है। पुलिस सोर्सेज के मुताबिक, ऐसे फ्रॉड्स में अक्सर सीनियर सिटीजन्स टारगेट होते हैं, क्योंकि उनकी मार्केट नॉलेज कम होती है। EOW अब ट्रांजेक्शन डिटेल्स, ईमेल्स और स्टेटमेंट्स की जांच कर रही है।

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