Fact Check: नरेंद्र मोदी की तारीफ का दो साल पुराना वीडियो नोबेल पुरस्कार से जोड़कर किया जा रहा शेयर, पढ़ें सच
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Fact Check: नरेंद्र मोदी की तारीफ का दो साल पुराना वीडियो नोबेल पुरस्कार से जोड़कर किया जा रहा शेयर, पढ़ें सच

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सोशल मीडिया पर टाइम्स नॉउ नवभारत की एक न्यूज क्लीप को शेयर किया जा रहा है। इस क्लिप में नोबेल पुरस्कार समिति के उप-नेता, असले तोजे भारत की तारीफ करते हुए नजर आ रहे हैं। इस क्लीप को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि भारतीय प्रधानमंत्री मोदी को नोबेल शांति पुरस्कार का सबसे मजबूत दावेदार हैं। वीडियो में, असले तोजे रूस-यूक्रेन संघर्ष में प्रधानमंत्री मोदी के हस्तक्षेप पर चर्चा करते हैं और रूस को परमाणु हथियारों के इस्तेमाल के दुष्परिणामों की याद दिलाने के भारत के प्रयासों की सराहना करते हैं। 

अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में इस दावे को गलत पाया है। हमारी पड़ताल में सामने आया है कि असले तोजे की तरफ से ऐसा कोई भी बयान नहीं दिया गया है। उनकी जो न्यूज क्लिप वायरल हो रही है वह 2023 की है। जांच में ऐसा कोई भी सबूत नहीं मिला जिससे यह पता चले कि तोजे ने पीएम मोदी को नोबेल के लिए नामित करने के बारे में बताया गया हो।  

क्या है दावा 

इस वीडियो को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि नोबेल शांति पुरस्कार के उपनेता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नोबेल शांति पुरस्कार देने के लिए उम्मीदवार बनाया है। 

IndiaWarMonitor (@IndiaWarMonitor) नाम के एक एक्स यूजर ने इस वीडियो को शेयर करके लिखा, “नोबेल शांति पुरस्कार के उपनेता का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नोबेल शांति पुरस्कार की उम्मीदवारी में सबसे आगे हैं।” पोस्ट का लिंक और आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। 

इस तरह के कई और दावों का लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इसके आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। 

पड़ताल 

इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने सबसे पहले इस दावे से जुड़े कीवर्ड को इंटरनेट पर सर्च किया। यहां हमें इस तरह की कोई भी मीडिया रिपोर्ट देखने को नहीं मिली। ऐसी कोई भी रिपोर्ट देखने को नहीं मिली जिसमें पीएम मोदी को नोबेल पुरस्कार के लिए नामित करने के बारे में बताया गया हो। इसके बाद हमें सीएनबीसी की एक रिपोर्ट मिली जिसमें बताया गया था कि नोबेल अधिकारी ने ‘प्रधानमंत्री मोदी नोबेल शांति पुरस्कार के सबसे बड़े दावेदार हैं’ नहीं कहा है। 2023 में सीएनबीसी ने इस वीडियो का फैक्स चेक करके बताया था कि “कई मीडिया संस्थानों को दिए साक्षात्कारों में, तोजे ने रूस को परमाणु हथियारों के इस्तेमाल के दुष्परिणामों की याद दिलाने के लिए भारत के हस्तक्षेप की सराहना की। उन्होंने कहा कि भारत अपनी वैश्विक जिम्मेदारी निभाने और एक शक्तिशाली शक्ति बनने के लिए तैयार है। सबसे महत्वपूर्ण बात, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बारे में उन्होंने कहा कि उन्हें यह देखकर खुशी हो रही है कि प्रधानमंत्री मोदी अपनी शक्ति का उपयोग मानवता के लिए कर रहे हैं और मोदी दुनिया में शांति के सबसे विश्वसनीय चेहरों में से एक हैं।” 

  आगे हमें कई और फैक्ट चेक मिले जिसमें पीएम मोदी को नोबेल शांति पुरस्कार मिलने वाले दावे को गलत बताया था। यह सभी आप यहां, यहां और यहां देख सकते हैं। 

 

आगे हमें सर्च में पता चला कि टाइम्स नॉउ ने 16 मार्च 2023 को तोजे के वायरल हो रहे इंटरव्यू को एक्स पर पोस्ट किया गया था। इसके साथ लिखा गया था “नोबेल पुरस्कार समिति के उपनेता असले तोजे ने रूस-यूक्रेन युद्ध में प्रधानमंत्री मोदी के ‘सकारात्मक हस्तक्षेप’ की प्रशंसा की।” यहां हमें हाल ही में पीएम मोदी को नोबेल के लिए नामित किए जाने के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली। जो वीडियो वायरल हो रहा है वह 2023 का है। इंटरव्यू में भी तोजे ने पीएम की तारीफ की थी लेकिन नोबेल को लेकर कोई बात नहीं कही थी। उनके बयान को गलत तरीके से शेयर किया जा रहा है। 

पड़ताल का नतीजा

हमारी पड़ताल में यह साफ है कि तोजे के 2023 के बयान को गलत तरीके से शेयर किया जा रहा है।  

 



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