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यश की मोस्ट अवेटेड फिल्म ‘टॉक्सिक: ए फेयरी टेल फॉर ग्रोन-अप्स’ का ट्रेलर आज 8 अगस्त को रिलीज हो गया। लंबे इंतजार के बाद आए ट्रेलर में यश बेहद खतरनाक गैंगस्टर अवतार में दिखाई देते हैं। फिल्म में कियारा आडवाणी, नयनतारा, हुमा कुरैशी, तारा सुतारिया और रुक्मिणी वसंत भी अहम भूमिकाओं में हैं। फिल्म का निर्देशन गीतू मोहनदास ने किया है और यह 26 अगस्त को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। ट्रेलर की शुरुआत बारिश में घायल राया और एक छोटे बच्चे से होती है। बच्चा यश के किरदार से माफी मांगता है और तभी गोली चलने की आवाज आती है। इसके बाद वही बच्चा चेहरे पर जोकर जैसा मेकअप किए सलाखों के पीछे दिखाई देता है। हालांकि गोली किसने चलाई, इसका खुलासा ट्रेलर में नहीं किया गया है।
इसके बाद कियारा आडवाणी की एंट्री होती है। वह सर्कस में काम करती दिखाई देती हैं और एक बच्चे के साथ नजर आती हैं। उनका किरदार दर्द और डर से जूझता दिखता है। कियारा के कुछ सीन्स ट्रेलर के सबसे प्रभावशाली हिस्सों में हैं। इसके बाद नयनतारा, हुमा कुरैशी, तारा सुतारिया और अक्षय ओबेरॉय की झलक दिखाई जाती है। लगभग हर किरदार के साथ कोई न कोई रहस्य जुड़ा हुआ नजर आता है। ट्रेलर की सबसे बड़ी ताकत इसका स्केल, सिनेमैटोग्राफी और एक्शन है। यश का लुक और स्क्रीन प्रेजेंस भी प्रभावशाली है। लेकिन करीब 4 मिनट 38 सेकेंड के ट्रेलर के बाद भी सबसे बड़ा सवाल यही रह जाता है- आखिर फिल्म की कहानी क्या है? ट्रेलर कई किरदारों, हिंसक एक्शन, स्टाइलिश विजुअल्स और तेज कट्स से दर्शकों को प्रभावित करने की कोशिश करता है, लेकिन कहानी का इमोशनल कनेक्शन उतनी मजबूती से सामने नहीं आता। ऐसे में यह आशंका बनी रहती है कि कहीं फिल्म अपने विजुअल्स और यश के स्टारडम के पीछे कहानी की कमजोरी तो नहीं छिपा रही। यश का अंदाज दमदार, लेकिन किरदार में नयापन कितना है? यश को एक बार फिर ऐसे किरदार में देखा जा रहा है जो खतरनाक, हिंसक और बेहद स्टाइलिश है। ‘KGF’ के बाद उनका ऐसा अवतार दर्शकों के लिए नया नहीं है। यही वजह है कि ट्रेलर देखने के बाद एक सवाल उठता है- क्या ‘टॉक्सिक’ यश को ‘KGF’ के रॉकी भाई वाले जोन से बाहर निकाल पाएगी? उनका लुक और एक्शन निश्चित तौर पर बड़े पर्दे के लिए बनाए गए हैं, लेकिन सिर्फ स्वैग और हिंसा के दम पर फिल्म को अलग पहचान दिलाना आसान नहीं होगा। कहानी से ज्यादा दिख रहा है स्टाइल ‘टॉक्सिक’ को पीरियड गैंगस्टर एक्शन ड्रामा बताया गया है। फिल्म की कहानी गोवा की पृष्ठभूमि में एक ऐसे शख्स के इर्द-गिर्द है जो अपराध की दुनिया में अपना साम्राज्य खड़ा करता है। लेकिन ट्रेलर में कहानी के बजाय एक्शन, हथियार, हिंसा, ग्लैमर और बड़े सेट पीसेज ज्यादा हावी नजर आते हैं। यही फिल्म की सबसे बड़ी कमजोरी बन सकती है। अगर कहानी मजबूत नहीं निकली तो इतना बड़ा स्केल भी दर्शकों को लंबे समय तक बांधे रखने के लिए पर्याप्त नहीं होगा। कियारा-नयनतारा समेत फीमेल स्टारकास्ट पर नजर फिल्म में पांच प्रमुख महिला कलाकार हैं, लेकिन ट्रेलर देखने के बाद भी उनके किरदारों को लेकर बहुत ज्यादा स्पष्टता नहीं मिलती। कियारा आडवाणी का किरदार नादिया पहले से ही ‘तबाही’ गाने के कारण चर्चा में है। ‘तबाही’ में यश और कियारा की केमिस्ट्री और इंटीमेट सीन्स को लेकर सोशल मीडिया पर विवाद भी हुआ था। इस विवाद के बीच ट्रेलर से उम्मीद थी कि कियारा के किरदार की कहानी में अहमियत साफ होगी, लेकिन फिलहाल यह पूरी तरह स्पष्ट नहीं होती। ट्रेलर से पहले भी विवादों में रही फिल्म ‘टॉक्सिक’ का टीजर रिलीज होने के बाद महिलाओं के चित्रण को लेकर आपत्तियां उठी थीं। आम आदमी पार्टी की महिला विंग ने शिकायत की थी, जबकि एक ईसाई संगठन ने टीजर में आर्कएंजल माइकल की प्रतिमा दिखाए जाने को लेकर धार्मिक भावनाएं आहत होने का आरोप लगाया था। ट्रेलर लॉन्च से ठीक पहले कमाल आर खान ने भी यश पर पेड रिव्यूज की व्यवस्था करने का आरोप लगाया था। हालांकि यह आरोप उनका दावा है और इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। विजुअल्स शानदार, लेकिन कहानी की परीक्षा बाकी है ‘टॉक्सिक’ का ट्रेलर तकनीकी रूप से बड़ा और भव्य दिखाई देता है। यश का स्क्रीन प्रेजेंस भी फिल्म की सबसे बड़ी ताकत है। लेकिन कहानी को लेकर ट्रेलर अभी भी दर्शकों को पूरी तरह आश्वस्त नहीं करता। फिल्म की असली परीक्षा यही होगी कि क्या गीतू मोहनदास इस बड़े स्टार और विशाल बजट के साथ सिर्फ एक स्टाइलिश गैंगस्टर फिल्म बनाती हैं या इसके पीछे कोई मजबूत और भावनात्मक कहानी भी है। फिलहाल ट्रेलर का सबसे बड़ा सवाल यही है- ‘टॉक्सिक’ यश की अगली बड़ी फिल्म बनेगी या सिर्फ यश के स्टारडम पर टिकी एक और बड़ी एक्शन फिल्म साबित होगी?
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