डेलहीवरी ₹1,407 करोड़ में ईकॉम एक्सप्रेस को खरीदेगी:  बोर्ड ने 99.4% शेयर खरीदने की मंजूरी दी, एक्सचेंज फाइलिंग में दी जानकारी
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डेलहीवरी ₹1,407 करोड़ में ईकॉम एक्सप्रेस को खरीदेगी: बोर्ड ने 99.4% शेयर खरीदने की मंजूरी दी, एक्सचेंज फाइलिंग में दी जानकारी

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मुंबई34 मिनट पहले

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थर्ड पार्टी लॉजिस्टिक्स कंपनी डेलहीवरी ईकॉम एक्सप्रेस लिमिटेड को 1,407 करोड़ रुपए में खरीदेगी। कंपनी ने आज यानी 5 अप्रैल को एक्सचेंज को जानकारी दी है कि बोर्ड ने ईकॉम एक्सप्रेस के लगभग 99.4% शेयर खरीदने को मंजूरी दे दी है।

कंपनी ने शनिवार को एक्सचेंज फाइलिंग में कहा कि इस अधिग्रहण का उद्देश्य डेलहीवरी के पैमाने को बढ़ाना है, जिससे ग्राहकों के लिए इसका मूल्य प्रस्ताव मजबूत होगा। ई-कॉमर्स लॉजिस्टिक्स कंपनी है। इसकी स्थापना 2012 में हुई थी। ईकॉम एक्सप्रेस लिमिटेड शेयर बाजार में लिस्ट नहीं है।

ईकॉम एक्सप्रेस के पास अमेजन, मीशो, नाइका जैसे बड़े क्लाइंट इस अधिग्रहण के जरिए डेलहीवरी अपनी बाजार स्थिति को और मजबूत करना चाहती है। ईकॉम एक्सप्रेस के पास अमेजन, मीशो, नाइका जैसे बड़े क्लाइंट्स हैं और यह पूरे भारत में एक्सप्रेस लॉजिस्टिक्स नेटवर्क चलाती है। इस अधिग्रहण से डेलहीवरी को ई-कॉमर्स लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में और विस्तार करने का मौका मिलेगा।

डेलहीवरी का मार्केट कैप 19.46 हजार करोड़ BSE के अनुसार 4 अप्रैल को बाजार बंद होने पर डेलहीवरी का मार्केट कैप 19.46 हजार करोड़ रुपए था। 4 अप्रैल यानी शुक्रवार को कंपनी के शेयर में 0.97% की गिरावट रही थी और इसका शेयर 261 रुपए पर बंद हुआ था। वहीं इस साल अब तक इसके शेयर प्राइस में 87.40 रुपए (25.09%) की गिरावट देखने को मिली है।

मई 2022 में शेयर बाजार में लिस्ट हुई थी डेलहीवरी डेलहीवरी का IPO मई 2022 में आया था। यह IPO 5,235 करोड़ रुपए का था। डेलहीवरी के शेयरों की लिस्टिंग 27 मई 2022 को NSE और BSE पर हुई थी। इसका शेयर बाजार में 1.68% प्रीमियम के साथ 495.20 रुपए पर लिस्ट हुआ था। इसका इश्यू प्राइस 487 रुपए था।

2011 में हुई थी डेलहीवरी की शुरुआत डेलहीवरी की शुरुआत 2011 में हुई थी। कंपनी की स्थापना गुरुग्राम (तब गुड़गांव), हरियाणा में हुई थी, और यह शुरू में एक स्थानीय डिलीवरी सर्विस के रूप में काम करती थी। बाद में कंपनी पूरे देश में डिलीवरी सर्विस देने लगी। कंपनी ने ई-कॉमर्स लॉजिस्टिक्स के क्षेत्र खुद को बढ़ाया और भारत की प्रमुख लॉजिस्टिक्स कंपनियों में से एक बन गई।

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