21 मिनट पहले
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फाइल फोटो
सेंट्रल तिब्बतन एडमिनिस्ट्रेशन (CTA) ने सोनम वांगचुक के उस बयान पर आपत्ति जताई, जिसमें वांगचुक ने लद्दाख के हालात की तुलना तिब्बत से की थी।
CTA के प्रवक्ता तेनजिन लेकशे ने कहा कि यह तुलना गलत और हकीकत से परे है। वांगचुक का बयान चीन के सत्तावादी शासन में तिब्बतियों की स्थिति नहीं दिखाता।
वांगचुक ने लेह में 24 सितंबर 2025 में हुई हिंसा की पहली बरसी पर एक कार्यक्रम में यह टिप्पणी की थी। इस हिंसा में चार लोगों की मौत हुई थी।
कार्यक्रम लद्दाख बौद्ध एसोसिएशन ने आयोजित किया था। इसमें वांगचुक ने 2019 से लद्दाख को लेकर केंद्र सरकार के रवैये की आलोचना की।
वांगचुक ने कहा था-

CTA ने तुलना को गलत बताया
तिब्बती निर्वासित सरकार CTA ने अब लद्दाख और तिब्बत की स्थिति की तुलना पर गहरी चिंता जताई है। तिब्बती सरकार के आधिकारिक प्रवक्ता तेनजिन लेकशे ने कहा कि तिब्बत अब भी चीन के सत्तावादी शासन के अधीन है। वहां तिब्बतियों को उनके मूल अधिकारों और धार्मिक स्वतंत्रता के दमन का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि तिब्बत की अलग सांस्कृतिक पहचान मिटाने के उद्देश्य से उठाए जा रहे कदम भी लगातार तेज किए जा रहे हैं।
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