दिल्ली में अवैध होटल-दुकानों को ध्वस्त कराया:  42 मकानों पर होगी कार्रवाई, वीनस-इन होटल को सील किया, गिरी थी पांच मंजिला इमारत – New Delhi News
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दिल्ली में अवैध होटल-दुकानों को ध्वस्त कराया: 42 मकानों पर होगी कार्रवाई, वीनस-इन होटल को सील किया, गिरी थी पांच मंजिला इमारत – New Delhi News

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नई दिल्ली। दिल्ली एलजी और सीएम के आदेश पर अवैध रूप से निर्माण कर बनाए गई दुकानों और होटलों पर बुलडोजर की कार्रवाई एमसीडी ने शुरू कर दी है। पिछले सप्ताह सैदुलाजाब में पांच मंजिला इमारत गिरने के बाद हुई छह लोगों की मौत और मालवीय नगर में बुधवार को ‘फ्लोरिश स्टे बीएंडबी रेस्टोरेंट में लगी आग में 21 लोगों की मौत मामले के बाद शुक्रवार को दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) ने दक्षिण दिल्ली हौज खास विलेज और सैदुलाजाब में अनधिकृत व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के खिलाफ बड़ा सीलिंग अभियान शुरू कर दिया है। यह कार्रवाई सअनधिकृत निर्माणों और आवासीय क्षेत्रों में चल रहे अवैध व्यावसायिक गतिविधियों के खिलाफ सख्त अभियान का हिस्सा है। एमसीडी के द्वारा सीलिंग और तोड़फोड़ की शुरू की गई कार्रवाई पर स्थानीय व्यापारियों ने इस अभियान पर चिंता जताई है। जबकि एमसीडी के कमिश्नर संजीव खिरवार का कहना है कि यह बिल्डिंग बायलॉज लागू करने और सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जरूरी है। एलजी और सीएम के आदेश पर सभी अवैध रूप से बने संपत्तियों पर तोड़फोड़ व सीलिंग की कार्रवाई जारी रहेगी। अवैध निर्माण ने सड़कों को सकरा बना दिया है शुक्रवार को जिस गली में ‘फ्लोरिश स्टे बीएंडबी रेस्टोरेंट हैं, उस गली में अतिक्रमण कर बनाए गए चबूतरों पर भी बुलडोजर चलाया गया। वहीं, वीनस-इन नाम के एक होटल को सील कर दिया गया। दरअसल, घटना वाले दिन यह मामला सामने आया था कि फुटपाथ पर कब्जा कर सड़कों पर अतिक्रमण करके लोगों ने संकरा बना दिया गया है। इस कारण गली में फायर ब्रिगेड की गाड़ी या एम्बुलेंस को जाने का भी पर्याप्त रास्ता नहीं मिल पा रहा है। एमसीडी के अधिकारियों का कहना है सैदुलाजाब में पांच मंजिला इमारत गिरने के बाद हुई छह लोगों की मौत में हुई किरकिरी के बाद एमसीडी ने इलाके में अवैध निर्माण पर कार्रवाई तेज करने की बात कही है। इलाके में चिह्नित 42 मामलों पर कार्रवाई होगी। इसमें जो मामले सीलिंग की जरूरत है सीलिंग होगी और अगर ध्वस्त करने की जरूरत है तो निर्माण को ध्वस्त किया जाएगा। इतना ही नहीं इलाके में खिड़की एक्सटेंशन समेत दूसरे इलाके जहां अवैध निर्माण की ज्यादा संभावना रहती है वहां सघनता से जांच अभियान चलेगा। ऐसे इलाकों के लिए सर्वे की टीम बना दी गई है जो अवैध निर्माण को चिन्हित करेगी और फिर कार्रवाई की जाएगी।



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