दिल्ली शराब नीति केस-हाइकोर्ट का सभी 23 आरोपियों को नोटिस:  CBI अफसर के खिलाफ की गई टिप्पणियों पर रोक,मनी लॉन्ड्रिंग केस में सुनवाई नहीं करने का आदेश
टिपण्णी

दिल्ली शराब नीति केस-हाइकोर्ट का सभी 23 आरोपियों को नोटिस: CBI अफसर के खिलाफ की गई टिप्पणियों पर रोक,मनी लॉन्ड्रिंग केस में सुनवाई नहीं करने का आदेश

Spread the love


नई दिल्ली5 घंटे पहले

  • कॉपी लिंक

दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार (9 मार्च) को दिल्ली शराब नीति केस में पूर्व CM अरविंद केजरीवाल, पूर्व डिप्टी CM मनीष सिसोदिया समेत 23 आरोपियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट की CBI अधिकारियों के खिलाफ की गई टिप्पणियों पर रोक लगा दी।

जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने यह भी निर्देश दिया कि संबंधित मनी लॉन्ड्रिंग (PMLA) मामले में ट्रायल कोर्ट आगे की सुनवाई तब तक टाल दे, जब तक हाईकोर्ट इस मामले पर आगे सुनवाई न कर ले।

ट्रायल कोर्ट ने 27 फरवरी को इस मामले में सभी 23 आरोपियों को बरी कर दिया था। इसी आदेश को केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने हाईकोर्ट में चुनौती दी है।

CBI ने अपनी 974 पेज की याचिका में कहा है कि ट्रायल कोर्ट ने चार्ज फ्रेमिंग के चरण में ही मिनी-ट्रायल जैसा व्यवहार किया। कोर्ट ने पूरे सबूतों को विस्तार से जांचना शुरू कर दिया, जैसे कि पूरा केस चल रहा हो। जबकि इस स्तर पर केवल सरसरी नजर से मामला देखा जाता है।

प्रियंका कक्कड़ बोलीं – भाजपा माफी मांगे

वहीं इस मामले पर AAP नेता प्रियंका कक्कड़ ने कहा, केजरीवाल पर सभी आरोप बेबुनियाद और मनगढ़ंत थे। पीएम मोदी और अमित शाह को इसके लिए माफी मांगनी चाहिए। भाजपा CBI और ED की ताकतों का गलत इस्तेमाल कर रही है।

जांच अधिकारी के खिलाफ डिपार्टमेंटल एक्शन पर भी रोक

सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि एजेंसी फिलहाल डिस्चार्ज आदेश पर रोक नहीं चाहती, लेकिन यह सुनिश्चित करना चाहती है कि ट्रायल कोर्ट का फैसला ED की मनी लॉन्ड्रिंग जांच को प्रभावित न करे।

हाईकोर्ट ने एक्साइज पॉलिसी केस की जांच करने वाले CBI ऑफिसर के खिलाफ डिपार्टमेंटल एक्शन लेने के ट्रायल कोर्ट के ऑर्डर पर रोक लगा दी है।

दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने 27 फरवरी को मामले में आरोपी बनाए गए दिल्ली के पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल, पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिय समेत 23 लोगों को बरी कर दिया था।

फैसला आने के 6 घंटे के बाद ही CBI ने इसके खिलाफ हाइकोर्ट में अपील कर दी थी। CBI ने निचली अदालत के आदेश को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट से इसे रद्द करने की मांग की है।

वहीं, बरी होने के बाद कोर्ट से बाहर मीडिया से बातचीत के दौरान केजरीवाल भावुक हो गए। उन्होंने कहा- मैंने जिंदगी में सिर्फ ईमानदारी कमाई है। आज ये साबित हो गया कि केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और आम आदमी पार्टी कट्टर ईमानदार हैं।

अब पढ़िए कोर्ट के बाहर केजरीवाल ने क्या कहा…

पिछले कुछ सालों से जिस तरह से बीजेपी शराब घोटाला, शराब घोटाला कर रही थी। हमारे ऊपर आरोप लगा रही थी। आज कोर्ट ने सारे आरोप खारिज कर दिए और हम सबको डिस्चार्ज कर दिया। हम हमेशा कहते थे कि हमें भारतीय न्याय प्रणाली पर भरोसा है।

मैं जज साहब का बहुत-बहुत शुक्रिया करता हूं, जिन्होंने हमारे साथ न्याय किया। सत्य की जीत हुई। भगवान हमारे साथ है। मोदी जी और अमित शाह जी ने मिलकर आजाद भारत का यह सबसे बड़ा राजनीतिक षड्यंत्र रचा।

आम आदमी पार्टी को खत्म करने के लिए हमारी पार्टी के सबसे बड़े पांच नेताओं को जेल में डाल दिया। आज तक आजाद भारत के इतिहास में ऐसा नहीं हुआ। सिटिंग चीफ मिनिस्टर को घर से घसीटकर जेल में डाला गया और छह महीने तक जेल में रखा गया।

हमारे उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया जी को दो साल तक जेल में रखा गया। हमारे ऊपर कीचड़ फेंका गया। 24 घंटे टीवी चैनलों पर डिबेट चलती थी, खबरें दिखाई जाती थीं कि…

इतना कहते ही अरविंद केजरीवाल रो पड़े। उन्हें बाजू में खड़े मनीष सिसोदिया ने ढाढस बंधाया…इसके बाद केजरीवाल ने फिर बोलना शुरू किया, उन्होंने कहा…

मैं प्रधानमंत्री जी से कहना चाहता हूं कि सत्ता के लिए इस तरह से खिलवाड़ मत कीजिए देश के साथ। इस तरह से संविधान के साथ खिलवाड़ मत कीजिए। आपको सत्ता चाहिए, अच्छे काम कीजिए।

आज देश के सामने कितनी बड़ी समस्याएं हैं। महंगाई है, बेरोजगारी है, पूरे देश में सड़कें टूटी पड़ी हैं, चारों तरफ पॉल्यूशन ही पॉल्यूशन है, चारों तरफ देश में इतनी समस्याएं हैं उनका समाधान करके सत्ता में आइए न।

केजरीवाल पर आम आदमी पर्टी पर झूठे केस क्यों करते हैं। अच्छा काम करके सत्ता में आइए। इस तरह के झूठे केस करना और चौबीस घंटे विपक्षियों पर ऊटपटांग झूठे केस करना उन्हें जेल में डालना ये प्रधानमंत्री को शोभा नहीं देता।

इससे देश आगे नहीं बढ़ता। देश तब आगे बढ़ेगा, जब जनता की समस्यों का समाधान किया जाएगा।

घर पहुंचने पर पत्नी सुनिता से गले मिलते अरविंद केजरीवाल। इस दौरान वे भावुक नजर आए।

घर पहुंचने पर पत्नी सुनिता से गले मिलते अरविंद केजरीवाल। इस दौरान वे भावुक नजर आए।

CBI का दावा- केजरीवाल के करीबी विजय नायर ने साउथ ग्रुप से ₹100 करोड़ वसूले

सीबीआई का दावा है कि केजरीवाल के करीबी विजय नायर दिल्ली एक्साइज बिजनेस के स्टेकहोल्डर्स के संपर्क में थे। वे शराब नीति में उन्हें फायदा देने के बदले पैसों की मांग करते थे। नायर वो जरिया थे, जिन्होंने केजरीवाल के लिए BRS नेता के. कविता की अध्यक्षता वाले साउथ ग्रुप के लोगों से डील की।

नायर ने ही शराब नीति में फायदा देने के बदले में साउथ ग्रुप के लोगों से ₹100 करोड़ वसूले थे। दो अन्य आरोपियों- विनोद चौहान और आशीष माथुर के माध्यम से इन पैसों को गोवा भेजा गया।

केजरीवाल के निर्देश पर इस ₹100 करोड़ की रकम में से ₹44.5 करोड़ कैश गोवा विधानसभा चुनाव में खर्च किया या। इसलिए केजरीवाल चुनाव के दौरान गलत तरीके से कमाए पैसों का इस्तेमाल करने के भी जिम्मेदार हैं, क्योंकि इसका फायदा आम आदमी पार्टी को ही मिला है।

दो पूर्व विधायकों ने चुनाव में पार्टी से पैसे मिलने का दावा किया था

CBI के अनुसार AAP के टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़ने वाले गोवा के दो पूर्व विधायकों ने आरोप लगाया था कि उन्हें एक पार्टी वालंटियर ने चुनाव खर्चों के लिए कैश दिए थे। एजेंसी ने अवैध रुपए लेने और उसके इस्तेमाल के लिए AAP के गोवा प्रभारी दुर्गेश पाठक को भी जिम्मेदार ठहराया है।

एजेंसी का दावा है कि शराब नीति के तीन स्टेकहोल्डर्स- शराब निर्माताओं, थोक विक्रेताओं और खुदरा विक्रेताओं का एक गुट तैयार हुआ था। सभी ने अपने-अपने फायदे के लिए नियमों का उल्लंघन किया।

पब्लिक सर्वेंट्स और साजिश में शामिल अन्य आरोपियों को आर्थिक लाभ मिला, लेकिन सरकारी खजाने को भारी नुकसान हुआ।

BJP का पोस्टर- AAP के पाप अभी पाप धुले नहीं हैं

BJP ने केजरीवाल-सिसोदिया के बरी होने के कुछ देर बाद सोशल मीडिया पर एक पोस्ट जारी किया, जिसमें लिखा है- AAP के पाप अभी पाप धुले नहीं हैं।

—————

ये खबर भी पढ़ें…

केजरीवाल बोले- कोर्ट का फैसला भाजपा के मुंह पर तमाचा:हमें खत्म करने के लिए मोदी खुद इस केस की मॉनिटरिंग कर रहे थे

आम आदमी पार्टी(AAP) के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा कि कथित शराब घोटाले में कोर्ट का फैसला भारतीय जनता पार्टी के मुंह पर जोरदार तमाचा है। उन्होंने दिल्ली के जंतर मंतर पर 1 मार्च को एक रैली में कहा कि AAP को खत्म करने के लिए मोदी जी खुद इस केस की मॉनिटरिंग कर रहे थे। उन्होंने मोदी और शाह पर 4 साल तक परेशान करने का आरोप लगाया। पूरी खबर पढ़ें…

खबरें और भी हैं…



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *