दिल्ली-NCR में पॉल्यूशन, सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब-हरियाणा से रिपोर्ट मांगी:  पूछा- पराली जलाने से रोकने क्या किया; GRAP-3 लागू लेकिन कोर्ट के बाहर खुदाई
टिपण्णी

दिल्ली-NCR में पॉल्यूशन, सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब-हरियाणा से रिपोर्ट मांगी: पूछा- पराली जलाने से रोकने क्या किया; GRAP-3 लागू लेकिन कोर्ट के बाहर खुदाई

Spread the love


नई दिल्ली5 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को दिल्ली-NCR में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) के खतरनाक स्तर पर पहुंचने और पॉल्यूशन मामले में सुनवाई हुई। कोर्ट ने पंजाब और हरियाणा सरकारों से रिपोर्ट मांगी है कि पराली जलाने पर रोक लगाने के लिए अब तक क्या कदम उठाए गए हैं।

सीनियर एडवोकेट गोपाल शंकरनारायणन ने कहा कि इस समय ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान का तीसरा फेज (GRAP-3) लागू है, जबकि GRAP-IV लागू किया जाना चाहिए क्योंकि कुछ जगहों पर AQI 450 से ऊपर चला गया है।

उन्होंने कहा- GRAP-3 लागू है लेकिन कोर्ट के बाहर भी खुदाई का काम हो रहा है, कम से कम अदालत परिसर में तो यह नहीं होना चाहिए। इस पर सीजेआई ने कहा कि निर्माण गतिविधियों के संबंध में कार्रवाई की जाएगी।

वहीं न्यायमित्र और सीनियर एडवोकेट अपराजिता सिंह ने नासा की उपग्रह तस्वीरों का हवाला देते हुए कहा कि कहा कि पंजाब और हरियाणा में बड़े पैमाने पर पराली जलाना शुरू हो गया है, जिससे दिल्ली-NCR की हवा जहरीली हो रही है।

सीजेआई बीआर गवई, जस्टिस के. विनोद चंद्रन और जस्टिस एनवी अंजारिया की बेंच ने कहा कि वे मामले में अगली सुनवाई 17 नवम्बर को करेंगे।

3 नवंबर: सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से रिपोर्ट मांगी थी

सुप्रीम कोर्ट ने 3 नवंबर को दिल्ली-NCR में बढ़ते पॉल्यूशन मामले में सुनवाई की थी। कोर्ट ने वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) को हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया था। चीफ जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस के विनोद चंद्रन की बेंच एमसी मेहता केस की सुनवाई कर रही थी।

सीनियर एडवोकेट और न्यायमित्र अपराजिता सिंह ने कोर्ट को बताया था कि दिवाली के दिन 37 में से सिर्फ 9 एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग स्टेशन ही लगातार काम कर रहे थे। उन्होंने कहा-

QuoteImage

अगर मॉनिटरिंग स्टेशन काम नहीं करेंगे तो कैसे पता चलेगा कि ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) कब लागू करना है? CAQM को स्पष्ट डेटा और एक्शन प्लान पेश करने का निर्देश दिया जाए।

QuoteImage

कोर्ट ने CAQM से पूछा था कि दिल्ली-NCR में पॉल्यूशन को गंभीर स्तर पर पहुंचने से रोकने के लिए अब तक क्या कदम उठाए हैं। कोर्ट ने कहा कि पॉल्यूशन के गंभीर स्तर तक पहुंचने का इंतजार न किया जाए बल्कि समय रहते कदम उठाए जाएं। पूरी खबर पढ़ें…

दिल्ली की हवा बेहद खराब हो गई है। बुधवार सुबह औसत AQI 413 दर्ज हुआ, जो ‘गंभीर’ श्रेणी में है। वजीरपुर में सबसे ज्यादा 459 रहा। आनंद विहार, चांदनी चौक, बवाना, रोहिणी और आईटीओ समेत ज्यादातर इलाकों में भी हवा खतरनाक स्तर पर पहुंच गई है। दिल्ली-एनसीआर में GRAP-3 लागू कर दिया। AQI 400 के पार पहुंचने पर GRAP लागू होता है।

एयर क्वालिटी इंडेक्स का क्या मतलब है?

एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) एक तरह का टूल है, जो यह मापता है कि हवा कितनी साफ और स्वच्छ है। इसकी मदद से हम इस बात का भी अंदाजा लगा सकते हैं कि इसमें मौजूद एयर पॉल्यूटेंट्स से हमारी सेहत को क्या नुकसान हो सकते हैं।

AQI मुख्य रूप से 5 सामान्य एयर पॉल्यूटेंट्स के कॉन्सन्ट्रेशन को मापता है। इसमें ग्राउंड लेवल ओजोन, पार्टिकल पॉल्यूशन, कार्बन मोनोऑक्साइड, सल्फर डाइऑक्साइड और नाइट्रोजन डाइऑक्साइड शामिल हैं। आपने AQI को अपने मोबाइल फोन पर या खबरों में आमतौर पर 80, 102, 184, 250 इन संख्याओं में देखा होगा। इन अंकों का क्या मतलब होता है, ग्राफिक में देखिए।

———————————-

दिल्ली के पॉल्यूशन से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें…

दिल्ली में एयर पॉल्यूशन का विरोध करने वाले अरेस्ट, लोग बोले- पब्लिक मर रही, कोई पॉलिसी नहीं

दिल्ली में बढ़ते एयर पॉल्यूशन के खिलाफ 9 नवंबर को इंडिया गेट पर लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया। शाम होते-होते पुलिस ने लोगों को इंडिया गेट से हटाया। इस दौरान कई लोगों को डिटेन किया गया। विरोध करने वालों में मौजूद पर्यावरण कार्यकर्ता भवरीन कंधारी ने कहा कि बच्चों की सेहत तेजी से बिगड़ रही है। पूरी खबर पढ़ें…

देश में वायु प्रदूषण रोकने SC में याचिका, दावा- दिल्ली में 22 लाख बच्चों के फेफड़े खराब, हेल्थ इमरजेंसी घोषित करें

भारत भर में बढ़ते वायु प्रदूषण को रोकने की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की गई। याचिका ल्यूक क्रिस्टोफर काउंटिन्हो ने दायर की। वे पीएम नरेंद्र मोदी के फिट इंडिया मूवमेंट के वेलनेस चैंपियन यानी दूत रहे हैं। क्रिस्टोफर का कहना है कि देश में वायु प्रदूषण का स्तर पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी के अनुपात में पहुंच गया है। पूरी खबर पढ़ें…

खबरें और भी हैं…



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *