नीट‌ रिजल्ट- OMR और मार्कशीट में 600 अंकों तक अंतर:  कई क्वालिफाई नहीं कर पाए; हरियाणा में एक ही छात्र के दो अलग रिजल्ट
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नीट‌ रिजल्ट- OMR और मार्कशीट में 600 अंकों तक अंतर: कई क्वालिफाई नहीं कर पाए; हरियाणा में एक ही छात्र के दो अलग रिजल्ट

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नई दिल्ली/कोटा10 घंटे पहले

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NTA ने 16 जुलाई को फाइनल आंसर-की जारी करने के 3-4 घंटे बाद ही रिजल्ट जारी कर दिया था। - Dainik Bhaskar

NTA ने 16 जुलाई को फाइनल आंसर-की जारी करने के 3-4 घंटे बाद ही रिजल्ट जारी कर दिया था।

री-नीट के नतीजों के बाद भी छात्रों के बीच भारी असंतोष है। OMR शीट और जारी मार्कशीट के अंकों में बड़ा अंतर होने से विवाद खड़ा हो गया है। ऐसा एक या दो नहीं, बल्कि कई छात्रों के साथ हुआ है। छात्रों का कहना है कि उन्होंने जब अपनी OMR शीट का मिलान ‘फाइनल आंसर-की’ से किया, तो उनके अंक काफी अधिक थे, लेकिन मार्कशीट में नंबर अचानक घट गए।

कई छात्रों के अंक 15 से लेकर 600 तक कम हो गए हैं। इस वजह से वे छात्र जो OMR के अनुसार परीक्षा पास कर रहे थे, अब वे ‘क्वालिफाई’ भी नहीं कर पा रहे हैं। विवाद का मुख्य कारण नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की जल्दबाजी मानी जा रही है। एजेंसी ने फाइनल आंसर-की जारी करने के महज 3-4 घंटे बाद ही रिजल्ट घोषित कर दिया।

NTA ने 16 जुलाई की देर रात नीट का रिजल्ट जारी किया था। इस साल करीब 20 लाख स्टूडेंट्स ने परीक्षा दी थी, जिनमें से 11.21 लाख स्टूडेंट्स मेडिकल, डेंटल, AYUSH और अन्य मेडिकल कोर्स में एडमिशन के लिए क्वालिफाई हुए हैं। 2020 और 2021 के बाद पहली बार कोई भी छात्र 720 का परफेक्ट स्कोर हासिल नहीं कर पाया।

न्याय के लिए हाईकोर्ट जाने की तैयारी कर रहे छात्र

अभिभावक और छात्र इसे बड़ी लापरवाही मान रहे हैं। डॉ. राजेश कुमार सिंह जैसे अभिभावकों ने एनटीए को पत्र लिखकर अपनी शिकायत दर्ज कराई है और वे अब न्याय के लिए हाईकोर्ट जाने की तैयारी कर रहे हैं।

वहीं, एनटीए ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा- हम सभी शिकायतों की जांच कर रहे हैं। छात्रों और अभिभावकों को सलाह दी जाती है कि वे जांच के लिए केवल मूल ओएमआर ही जमा करें। फर्जी/एआई जनरेटेड ओएमआर के मामले में शिकायतकर्ता के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।’

हरियाणा में एक ही छात्र के दो अलग रिजल्ट

नीट रिजल्ट को लेकर एक और चौंकाने वाला मामला हरियाणा से सामने आया है। हरियाणा के अभ्यर्थी मुकुल काजल ने एनटीए के महानिदेशक को शिकायत भेजकर आरोप लगाया है कि उनके स्कोरकार्ड में बिना किसी सूचना के बड़ा फेरबदल कर दिया गया। इसे दुरुस्त कराया जाए।

शिकायत के अनुसार, 17 जुलाई 2026 को आधिकारिक वेबसाइट से डाउनलोड किए गए स्कोरकार्ड में मुकुल के 605/720 अंक (ऑल इंडिया रैंक 9551) दर्ज थे। लेकिन महज कुछ घंटों बाद 18 जुलाई की सुबह जब दोबारा स्कोरकार्ड डाउनलोड किया गया, तो उनके अंक घटकर सिर्फ 60/720 अंक दिखाए।

इससे मुकुल की ऑल इंडिया रैंक घटकर 18,76,324 हो गई। छात्र का दावा है कि उनके पास 17 जुलाई का मूल स्कोरकार्ड सुरक्षित है। साथ ही, ओएमआर रिस्पॉन्स शीट और एनटीए की फाइनल आंसर-की के मिलान से भी उनका स्कोर 605 अंक ही बनता है।

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