नेहरू के कामों की ऑनलाइन लाइब्रेरी आज से लाइव:  इस पर 35,000 डॉक्यूमेंट्स, 3000 इलस्ट्रेशन; राहुल बोले- ये इतिहास नहीं, बदलती सोच का रिकॉर्ड
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नेहरू के कामों की ऑनलाइन लाइब्रेरी आज से लाइव: इस पर 35,000 डॉक्यूमेंट्स, 3000 इलस्ट्रेशन; राहुल बोले- ये इतिहास नहीं, बदलती सोच का रिकॉर्ड

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नई दिल्ली32 मिनट पहले

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नेहरू आर्काइव लाइव में पूर्व PM के बचपन से लेकर  आजादी के बाद तक की कई तस्वीरें भी हैं। - Dainik Bhaskar

नेहरू आर्काइव लाइव में पूर्व PM के बचपन से लेकर आजादी के बाद तक की कई तस्वीरें भी हैं।

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की लिखी बातें सिर्फ इतिहास नहीं, भारत की बदलती सोच का रिकॉर्ड हैं। जो कोई भी देश की लोकतांत्रिक यात्रा को समझना चाहता है, उसके लिए उनके शब्द एक शक्तिशाली दिशासूचक हैं।

राहुल की यह टिप्पणी जवाहरलाल नेहरू के चुने हुए कामों के डिजिटाइजेशन के पूरा होने पर आई। जवाहरलाल नेहरू के चुने हुए काम अब 100 वॉल्यूम के पूरे सेट के साथ https://nehruarchive.in/ पर ऑनलाइन कर दिए गए हैं।

इसमें देश के पहले प्रधानमंत्री से जुड़े लगभग 35,000 डॉक्यूमेंट्स और लगभग 3000 इलस्ट्रेशन हैं, जिन्हें डिजिटाइज किया गया है और इन्हें फ्री में डाउनलोड किया जा सकता है।

वॉल्यूम 44 से आगे यानी सितंबर 1958 से उनके भाषण ओरिजिनल हिंदी में और एक इंग्लिश ट्रांसलेशन भी उपलब्ध हैं। उनके लेटर, स्पीच, इंटरव्यू, फाइलों पर एडमिनिस्ट्रेटिव नोटिंग, डायरी एंट्री और यहां तक ​​कि डूडल भी शामिल हैं।

नेहरू आर्काइव में मौजूद कुछ तस्वीरें…

नेहरू आर्काइव के इवेंट सेक्शन में लगी पहले एशियन गेम्स के लोगो के साथ पंडित नेहरू की तस्वीर।

नेहरू आर्काइव के इवेंट सेक्शन में लगी पहले एशियन गेम्स के लोगो के साथ पंडित नेहरू की तस्वीर।

लोकेशन सेक्शन में पंडित नेहरू गुजरात रिफाइनरी की शिलान्यास के दौरान 1963 की तस्वीर।

लोकेशन सेक्शन में पंडित नेहरू गुजरात रिफाइनरी की शिलान्यास के दौरान 1963 की तस्वीर।

मां स्वरूप रानी को लिखा नेहरू के हाथ का पोस्टकार्ड, यह 1903 में लिखा गया था।

मां स्वरूप रानी को लिखा नेहरू के हाथ का पोस्टकार्ड, यह 1903 में लिखा गया था।

जयराम रमेश बोले- और खतों को ढूंढने की कोशिश जारी

जवाहरलाल नेहरू मेमोरियल फंड (JNMF) के ट्रस्टी जयराम रमेश ने कहा कि इसके दूसरे फेज में नेहरू को लिखे गए खतों को ढूंढने की कोशिशें होंगी। रमेश ने कहा कि गांधी-नेहरू, सरदार वल्लभभाई पटेल-नेहरू और सुभाष चंद्र बोस-नेहरू के बीच का लेटर काफी बड़ा है, लेकिन विंस्टन चर्चिल-नेहरू और रवींद्रनाथ टैगोर-नेहरू जैसे कुछ दूसरे लेटर के साथ ऐसा नहीं है।

उन्होंने कहा कि इसे शामिल करना नेहरू आर्काइव में सबसे बड़ा वैल्यू एडिशन होगा। अभी ओरिजिनल प्रिंट वर्जन की कॉपी भी डिजिटल टैक्स्ट के साथ उपलब्ध है।

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