पश्चिम बंगाल के जिन मासूम बच्चों और पत्नी को पति के पोस्टमार्टम के लिए पांच घंटे तक पोस्टमार्टम हाउस में शुक्रवार को इंतजार कराया गया था वह लोग शव वाहन चालक के आर्थिक शोषण का भी शिकार हुए। आरोप है कि पोस्टमार्टम हाउस से भैरव घाट तक शव वाहन से ले जाने और मशीन से अंतिम संस्कार के नाम पर पांच हजार रुपये वसूले गए। दुख और बेबसी से टूटी महिला ने कहा कि पति की मौत का दर्द तो था ही लेकिन शहर में मिली परेशानियों ने जख्म और गहरे कर दिए….अब कभी इस शहर नहीं लौटूंगी।
पश्चिम बंगाल के दक्षिण दिनाजपुर के लालपुर त्रिमोहिनी निवासी बच्चूदास (35) दिल्ली में निजी नौकरी करते थे। पत्नी रीता के अनुसार बृहस्पतिवार को पश्चिम बंगाल से दिल्ली जाते समय दादानगर रेलवे क्रॉसिंग के पास ट्रेन से गिरने से उनकी मौत हो गई थी।








