पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम:  अकेलेपन से बचने के लिए योग बढ़ा देना चाहिए
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पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: अकेलेपन से बचने के लिए योग बढ़ा देना चाहिए

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2 घंटे पहले

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पं. विजयशंकर मेहता - Dainik Bhaskar

पं. विजयशंकर मेहता

आजकल इस बात की चर्चा है कि आने वाले वक्त में बड़े-बूढ़ों का अकेलापन और बढ़ेगा। इसी के साथ उनकी सेवा करने वाले स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की कमी होगी। ये दोनों ही खबरें बड़ी खतरनाक हैं। भारत से हटकर जो देश हैं, वो अपने-अपने हिसाब से समस्याओं का समाधान ढूंढते हैं। जैसे- अमेरिका, एशिया, यूरोप में कुछ शहरों में वर्चुअल-मनुष्य तैयार किए जा रहे हैं।

ये रोबोट से थोड़े अलग होते हैं। ये उन अकेले बड़े-बूढ़ों के साथ जिंदगी बिताएंगे। हम भारतीयों को ये तो मान ही लेना चाहिए कि अकेलेपन की समस्या बढ़ेगी। सेवा करने वाले अपनों या भुगतान करके प्राप्त की जाने वाली सेवाओं में कमी आएगी। तो भारत में वृद्ध लोगों को योग बढ़ा देना चाहिए। क्योंकि योग से जो प्रभाव पड़ता है, उसमें आत्मा और शरीर अलग होने लगते हैं।

और फिर आत्मा को भान होता है कि शरीर एक तरह से वर्चुअल-मनुष्य की तरह ही है। तो फिर हमें एआई का सहारा कम से कम परिवार में तो नहीं लेना पड़ेगा। हमारा शरीर ही आत्मा के देखने पर अलग ढंग से हमारा साथ देगा। इसी में शांति है। इसी में अकेलेपन की विदाई है।

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