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- Pt. Vijayshankar Mehta’s Column The Mind Also Becomes Disturbed By The Traffic Jam Of Thoughts
7 मिनट पहले
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पं. विजयशंकर मेहता
तनाव आने के कई रास्ते हैं। आजकल एक और रास्ते से तनाव आ रहा है। ट्रैफिक जाम होता है तो उसमें फंसे लोग 24 घंटे के लिए तनावग्रस्त हो जाते हैं। यातायात व्यवस्था के दबाव के कारण लोग परेशान हो गए हैं। धार्मिक नगरों में तो कभी-कभी लगता है आस्था और यातायात का मुकाबला हो रहा है।
इतनी बड़ी संख्या में वाहन बन रहे हैं, लोग खरीद रहे हैं, चला रहे हैं, कि धरती मां के पास अपनी छाती पर मार्ग देने के लिए भी स्थान नहीं बच रहा। यदि आप ट्रैफिक में फंस रहे हैं तो सोचिएगा कि हमारा मन भी ऐसे ही विचारों के ट्रैफिक जाम से अशांत होता है। तो जैसे हम मन को शांत करने के लिए ध्यान लगाते हैं, ऐसे ही ट्रैफिक जाम में फंसें तो बेचैन न हों और ये न सोचें कि बुरे फंसे।
ये विचार आपको निगेटिविटी में डाल देगा। और ट्रैफिक जाम के समय आप मानसिक रूप से जितने अशांत होंगे, ट्रैफिक खुलने के बाद आप समझ भी नहीं पाएंगे कि इसका असर 24 घंटे तक रहेगा। यातायात अव्यवस्था में शरीर को कष्ट हो पर मानसिक रूप से संतुलित रहिएगा। क्योंकि यह अब और बढ़ने वाला है।








