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- Column By Pandit Vijayshankar Mehta Whoever Is Truthful And Religious, We Will Support Him…
3 घंटे पहले
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पं. विजयशंकर मेहता
पूरा संसार चौंका हुआ है कि पाकिस्तान जैसे देश में आतंकी ठिकानों की जानकारी भारत को कैसे मिली? पाकिस्तान भी वर्षों तक ढूंढेगा कि ये सूचना कैसे बाहर गई? पाकिस्तानी तो शायद नहीं जानते होंगे इस नाम को, पर भारतीय दृष्टि से कहा जाए तो- कौन था विभीषण?
भारतीय लोग विभीषण ढूंढने में बड़े माहिर हैं। विभीषण की खोज हनुमान जी ने की थी, लेकिन विभीषण प्रिय राम जी के थे। विभीषण का नाम आते ही लोग किसी ऐसे व्यक्ति की कल्पना करते हैं, जिसने इधर की उधर लगा दी, रहस्य खोल दिया। लेकिन यदि विभीषण आलोचना का व्यक्तित्व होता तो राम उनको इतना सम्मान नहीं देते।
राम का कहना था विभीषण की सबसे बड़ी अच्छाई थी कि उन्होंने बुराई का विरोध किया था। उनके मन में लंका का राज प्राप्त करने की कोई आकांक्षा नहीं थी, न ही लोभ था। उनका शुद्ध इरादा था सत्य के साथ, धर्म के साथ खड़े रहने का।
हमारा देश विभीषण का सदैव सम्मान करेगा, क्योंकि राम ने उनको चाहा है। जो भी सच्चा है, जो भी धर्मरत है, हम उसका साथ देंगे। और अधर्म का विरोध, किसी भी स्तर पर जाकर किया जाएगा।








