पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम:  परमात्मा पर जितना भरोसा, संसार से उतने ही कम धोखे
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पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: परमात्मा पर जितना भरोसा, संसार से उतने ही कम धोखे

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6 घंटे पहले

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पं. विजयशंकर मेहता - Dainik Bhaskar

पं. विजयशंकर मेहता

मनुष्य को कर्म नहीं भटकाते, कर्म करने का दबाव परेशान नहीं करता, उसे कर्त्ताभाव परेशान करता है। कर्म करने और कर्त्ताभाव में अंतर है। कर्त्ताभाव का अर्थ है मैं यह काम कर रहा हूं। ये जो मैं है, यही परेशानी का कारण है।

ये सही है कि हम ही कर रहे हैं, पर कर्त्ताभाव के अभाव का अर्थ है कोई एक परम शक्ति है, जो हम से करा रही है, तो हम कर रहे हैं। आजकल हमारे जीवन में सहज ही डिजिटल मीडिया के कारण कई वैद्य-डॉक्टरों की भरमार हो गई है। स्वास्थ्य को लेकर जानकारियों की झड़ी लगी हुई है और हम सब भी कुछ न कुछ करने के लिए इस सबमें उतर जाते हैं।

झूठे आश्वासन, अतार्किक ​चिकित्सा, अंधविश्वास से भरी धार्मिक कथाओं, ​फिजूल के किस्सों आदि के लपेटे में न आएं। ये अप्रत्याशित समाधान जो सोशल मीडिया से पेश किए जा रहे हैं, इनके प्रति अतिरिक्त सावधान रहें। परमात्मा पर जितना भरोसा होगा, उतनी सावधानी जीवन में आ जाएगी और संसार से उतने ही धोखे कम मिलेंगे।

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