आठ दिन से घर में बंद बुजुर्ग के कमरे का दरवाजा खुल चुका है, लेकिन वह अपने कमरे में ही रह रहे हैं। रविवार व सोमवार को वह कमरे से निकलकर घर के आंगन में आए और खाना भी खाया, लेकिन फिर उसी कमरे में चला गया जहां वह बंद थे। वृद्ध का कहना है कि उसके पास और कोई रास्ता नहीं। बस पत्नी आने के बाद उसे कहीं ऐसी जगह पहुंचा दिया जाए, जहां वह शांति से जी सके।
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हाथरस में मुरसान गेट के मोहल्ला जागेश्वर में 60 वर्षीय अशोक कुमार पिछले आठ दिनों से अपने कमरे में बंद थे। छानबीन में पता चला कि पत्नी बंद कर राजस्थान चली गई है। खिड़की से अशोक कुमार ने आपबीती बताते हुए कहा था कि वह पिछले सात साल से पत्नी से प्रताड़ित हैं। गलत आरोप लगाती है और मारपीट करती है। पिटाई से उनकी आंखें भी चली गई हैं।
घटना की जानकारी पर पहुंची पुलिस ने वृद्ध को ताला तोड़कर बाहर निकाला, लेकिन अशोक ने कहा कि वह पत्नी के आने तक कमरे में ही रहेंगे। भाई अनिल कुमार ने बताया कि अशोक बाहर निकले और सबसे बात की तथा दैनिक कार्यों के बाद वे अंदर चले गए। अब पुलिस बुजुर्ग की पत्नी के आने का इंतजार कर रही है, जिससे दूसरा पक्ष भी पता चल सके।
कोई व्यक्ति लंबे समय तक किसी दर्दनाक स्थिति में रहता है तो वह मान लेता है कि स्थिति को बदलना असंभव है। मस्तिष्क को लगता है कि वह खतरे से लड़ नहीं सकता और पूरी तरह आत्मसमर्पण की भूमिका में आ जाता है, इसलिए वह बार-बार पत्नी के आने के बाद ही उसे वृद्धाश्रम भेजने की बात कह रहा है। काउंसिलिंग के बाद ही उनकी वास्तविक मानसिक स्थिति का पता चल सकेगा। -ललित कुमार, क्लीनिकल साइक्लॉजिस्ट
वृद्ध पर पुलिस नजर बनाए हुए है। पत्नी के आने पर उनसे भी पूछताछ की जाएगी। यदि बुजुर्ग की ओर से कोई शिकायत मिलती है तो उसके अनुसार कार्रवाई भी होगी। फिलहाल वे घर में ही रहने की बात कह रहे हैं। -हिमांशु माथुर, सीओ सिटी








