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प्रेम कथा: न जेल की दीवारें रोक पाईं मोहब्बत, न वक्त; ये है जूही बब्बर के नाना-नानी के प्यार की सच्ची कहानी

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 एक ओर मोहब्बत तो दूसरी ओर वतन। प्यार दोनों से था। उन्होंने इश्क को इबादत की तरह जीया। दर्द, आंसू, जज्बात और इंतजार के ताने-बाने में रची एक लम्हा जिंदगी-ए लव स्टोरी 1938-1979 का शनिवार को सूरसदन प्रेक्षागृह में मंचन किया गया। करीब दो घंटे तक प्रेम की उस दास्तां को फिर से मुकम्मल किया गया जिसने प्यार का साथ मौत तक निभाया। शनिवार को सूरसदन प्रेक्षागृह में अमर उजाला की ओर से आयोजित नाट्य प्रस्तुति में अभिनेत्री जूही बब्बर सोनी ने अपने अभिनय से जिंदगी के हर रंग को जिंदाबाद किया।

जूही बब्बर सोनी की यह प्रस्तुति उनके नाना-नानी, प्रसिद्ध प्रगतिशील लेखक सज्जाद जहीर और रजिया सज्जाद जहीर की वास्तविक प्रेम कहानी पर आधारित है। इस एकल नाटक में जूही ने दोनों के प्रेम के आरंभ से लेकर बिछोह तक की कहानी को मंच पर जीवंत किया। कहानी में सज्जाद जहीर के पाकिस्तान की जेल में रहने के दौरान रजिया का संघर्ष के साथ जद्दोजहद और जिम्मेदारियों को कुछ यूं पिरोया कि सभागार में मौजूद हर शख्स को यह अपनी सी कहानी लगी।

 




True Love Story: Juhi Babbar Brings Her Grandparents’ Love Story to Life in agra

जूही बब्बर
– फोटो : अमर उजाला


इंतजार करती पत्नी, मां के संघर्ष और प्रेमिका के भावनात्मक संसार को जूही ने अपने अभिनय के जरिए प्रभावी रूप से सामने रखा। नाटक में कभी प्रेम के खूबसूरत लम्हे दिखाई दिए तो कभी जुदाई का दर्द। कई प्रसंगों ने दर्शकों को भावुक किया तो हंसी-खुशी और गुदगुदाते दृश्यों ने माहौल को हल्का भी बनाया।


True Love Story: Juhi Babbar Brings Her Grandparents’ Love Story to Life in agra

जूही बब्बर
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी


नाटक का लेखन नादिरा जहीर बब्बर, नूर जहीर और जूही बब्बर सोनी ने किया है। निर्देशन मकरंद देशपांडे और जूही बब्बर सोनी ने किया। प्रस्तुति के अंत तक दर्शक कहानी से जुड़े रहे। इस अवसर पर जूही बब्बर सोनी की टीम सदस्य, रवि मिश्रा, अचित मारवा, दिया भंसाली, निलेश, रिसा गुप्ता आदि उपस्थित रहे।

 


True Love Story: Juhi Babbar Brings Her Grandparents’ Love Story to Life in agra

जूही बब्बर
– फोटो : अमर उजाला


नारी सशक्तिकरण की मिसाल बनी रजिया सज्जाद

जूही बब्बर सोनी ने अभिनय के जरिए अपनी नानी रजिया सज्जाद के संघर्ष और जुझारूपन को मंच पर जीवंत किया। परिवार और रिश्तेदारों के सहारे के बिना उन्होंने अकेले अपनी चार बेटियों की परवरिश की। बेटियों की शिक्षा को प्राथमिकता देते हुए उन्हें पढ़ाई के लिए विदेश तक भेजा, ताकि वे अपने पैरों पर खड़ी हो सकें। खुद शिक्षा हासिल करने के साथ बेटियों को भी शिक्षित और आत्मनिर्भर बनाने का उनका सफर महिला सशक्तिकरण की मिसाल पेश करता है।

 


True Love Story: Juhi Babbar Brings Her Grandparents’ Love Story to Life in agra

सूरसदन में आए लोग
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी


बार-बार शहर में प्रस्तुति देने की इच्छा जताई

कार्यक्रम के अंत में जूही बब्बर सोनी ने शहर में बार-बार अपने नाटक प्रस्तुत करने की इच्छा जताई। जूही ने कहा कि उनके पिता राज बब्बर भी गालिब के शहर से हैं और इस शहर में अभिनय करने का अवसर मिलना उनके लिए खास है। उन्होंने कहा कि वह अपने नाटकों के माध्यम से लोगों को जागरूक करना चाहती हैं। इसके लिए उन्होंने अमर उजाला का आभार भी जताया।

 




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