फिजिकल हेल्थ- क्या आप छोटी-छोटी बातें भूल रहे हैं:  तुरंत चेक कराएं विटामिन B12, लें सप्लीमेंट, डॉक्टर से जानें सभी सवालों के जवाब
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फिजिकल हेल्थ- क्या आप छोटी-छोटी बातें भूल रहे हैं: तुरंत चेक कराएं विटामिन B12, लें सप्लीमेंट, डॉक्टर से जानें सभी सवालों के जवाब

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10 घंटे पहलेलेखक: शिवाकान्त शुक्ल

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कुछ लोगों को अक्सर बेवजह थकान, भूलने की आदत या हाथ-पैरों में झुनझुनी महसूस होती है। इन लक्षणों को लोग मामूली समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, जबकि ये शरीर में विटामिन B12 की कमी के संकेत हो सकते हैं।

विटामिन B12 (कोबालामिन) एक पानी में घुलनशील विटामिन है, जो शरीर में रेड ब्लड सेल्स बनाने, नर्वस सिस्टम को हेल्दी रखने और ब्रेन फंक्शन को सपोर्ट करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसकी कमी से शरीर धीरे-धीरे कमजोर होने लगता है।

विटामिन B12 की कमी के लक्षण धीरे-धीरे दिखते हैं, इसलिए लोग इसे तनाव या उम्र का असर मान लेते हैं। लेकिन समय पर ध्यान न देने पर यह न्यूरोलॉजिकल प्रॉब्लम्स और पर्निशियस एनीमिया (ऑटोइम्यून बीमारी) जैसी गंभीर समस्याओं का कारण बन सकती है।

पिछले कुछ सालों में ये समस्या तेजी से बढ़ी है। ‘द इजिप्शियन जर्नल ऑफ इंटरनल मेडिसिन’ में साल 2022 में पब्लिश एक स्टडी के मुताबिक, भारत में करीब 75% लोग यानी लगभग 65 करोड़ से अधिक आबादी विटामिन B12 की कमी से जूझ रही है। हालांकि अगर समय रहते पहचान हो जाए तो यह कमी आसानी से पूरी की जा सकती है।

तो चलिए, आज फिजिकल हेल्थ कॉलम में हम विटामिन B12 डेफिशिएंसी के बारे में विस्तार से बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि-

  • शरीर में विटामिन B12 का क्या काम है?
  • विटामिन B12 की कमी के मुख्य कारण क्या हैं?
  • इसकी कमी के शुरुआती संकेत क्या हैं?
  • विटामिन B12 की कमी को कैसे दूर किया जा सकता है?

सवाल- शरीर में विटामिन B12 का क्या काम है?

जवाब- विटामिन B12 एक बेहद जरूरी पोषक तत्व है, जो स्वाभाविक रूप से शरीर में नहीं बनता है। इसे भोजन या सप्लीमेंट्स के जरिए लेना पड़ता है। इसका मुख्य काम भोजन को एनर्जी में बदलना है। यह शरीर में रेड ब्लड सेल्स के निर्माण में मदद करता है, जिससे ऑक्सीजन का संचार सही बना रहता है।

इसके अलावा यह नर्वस सिस्टम और ब्रेन फंक्शन को सपोर्ट करता है। विटामिन B12 DNA में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, जिससे नई कोशिकाओं का निर्माण और शरीर की रिकवरी प्रक्रिया बेहतर होती है। नीचे दिए ग्राफिक से इसके मुख्य कामों को समझिए-

सवाल- विटामिन B12 की कमी के मुख्य कारण क्या हैं?

जवाब- विटामिन B12 मुख्य रूप से मांस, मछली, अंडे और डेयरी प्रोडक्ट्स में पाया जाता है, इसलिए शाकाहारी या वीगन लोगों में इसकी कमी ज्यादा देखी जाती है। गैस्ट्राइटिस और सीलिएक डिजीज जैसी पाचन संबंधी समस्याएं शरीर में विटामिन B12 के अवशोषण को प्रभावित करती हैं। इसके अलावा उम्र बढ़ने, कुछ खास दवाओं के लंबे इस्तेमाल और शराब के सेवन से भी इसकी कमी हो सकती है। नीचे दिए ग्राफिक से इसके प्रमुख कारणों को समझिए-

सवाल- विटामिन B12 की कमी के शुरुआती संकेत क्या हैं?

जवाब- विटामिन B12 की कमी धीरे-धीरे असर दिखाती है, इसलिए लोग अक्सर इसके शुरुआती संकेतों को इग्नोर कर देते हैं। शुरुआत में लगातार थकान, कमजोरी, फोकस में कमी और भूलने की समस्या महसूस होती है।

कई बार हाथ-पैरों में झुनझुनी या सुन्नपन, चक्कर आना, मूड स्विंग या डिप्रेशन जैसे लक्षण भी दिखाई देते हैं। स्किन पीली पड़ना, जीभ में जलन या मुंह के छाले भी इसके संकेत हो सकते हैं। समय पर ध्यान न देने पर ये लक्षण धीरे-धीरे गंभीर समस्याओं का रूप ले सकते हैं। नीचे दिए ग्राफिक से 8 मुख्य संकेतों को समझिए-

सवाल- विटामिन B12 की कमी को कैसे दूर किया जा सकता है?

जवाब- सही डाइट और जरूरत पड़ने पर सप्लीमेंट्स की मदद से इसकी कमी को आसानी से पूरा किया जा सकता है। इसके लिए खाने में अंडे, दूध, दही, पनीर, मछली, चिकन और फोर्टिफाइड फूड जैसे अनाज या सोया मिल्क शामिल करें।

शाकाहारी या वीगन लोगों के लिए डॉक्टर की सलाह से सप्लीमेंट लेना फायदेमंद है। अगर कमी पाचन संबंधी समस्या के कारण है तो पहले उस बीमारी का इलाज करवाना जरूरी है ताकि शरीर इस विटामिन को ठीक से अवशोषित कर सके।

सवाल- किन फूड्स में विटामिन B12 पर्याप्त मात्रा में पाया जाता है?

जवाब- विटामिन B12 का मुख्य स्रोत मांस, मछली, अंडे और डेयरी प्रोडक्ट्स जैसे दूध, दही और पनीर हैं। हालांकि शाकाहारी लोगों के लिए इसके सीमित सोर्स ही हैं। जैसे फोर्टिफाइड अनाज, सोया मिल्क या प्लांट-बेस्ड फूड्स, जिनमें यह आर्टिफिशियल तरीके से मिलाया जाता है। नीचे दिए ग्राफिक में देखें कि कौन से फूड्स विटामिन B12 के बेहतर सोर्स हैं।

सवाल- विटामिन B12 सप्लीमेंट की जरूरत कब पड़ती है?

जवाब- जब शरीर में विटामिन B12 की कमी डाइट से पूरी नहीं हो पा रही हो या किसी बीमारी के कारण इसका अवशोषण प्रभावित हो रहा हो, तब सप्लीमेंट की जरूरत पड़ती है।

यह खास तौर पर उन लोगों के लिए जरूरी होता है, जिनमें इसकी गंभीर कमी या उससे जुड़े लक्षण दिखाई देते हैं। हालांकि सप्लीमेंट लेने से पहले डॉक्टर की सलाह लेना बेहद जरूरी है, क्योंकि जरूरत से ज्यादा मात्रा में लेने पर ब्लड क्लॉटिंग, सिरदर्द या कमजोरी जैसी दिक्कतें हो सकती हैं।

सवाल- एक स्वस्थ वयस्क के शरीर में B12 कितना होना चाहिए?

जवाब- नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ (NIH) के मुताबिक, एक स्वस्थ वयस्क व्यक्ति के शरीर में विटामिन B12 का लेवल 190 से 950 पिकोग्राम प्रति मिलीलीटर (pg/mL) के बीच होना चाहिए। अगर ये 200 pg/mL से कम है तो इसे कमी माना जाता है। वहीं एक स्वस्थ वयस्क को प्रतिदिन 2.4 माइक्रोग्राम (mcg) विटामिन B12 की जरूरत होती है।

सवाल- किन लोगों को विटामिन B12 की कमी का ज्यादा खतरा होता है?

जवाब- 60 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों में इसका रिस्क ज्यादा होता है क्योंकि उम्र बढ़ने के साथ शरीर की अवशोषण क्षमता कम हो जाती है। इसके अलावा शाकाहारी और वीगन डाइट लेने वाले लोग में भी इसका जोखिम ज्यादा होता है।

क्रोहन डिजीज या सीलिएक डिजीज जैसी पाचन संबंधी बीमारियों से पीड़ित, गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल सर्जरी करवा चुके लोग और लंबे समय तक दवाओं का सेवन करने वाले लोगों में भी विटामिन B12 की कमी का रिस्क ज्यादा होता है।

सवाल- विटामिन B12 की कमी का पता कैसे लगाया जाता है?

जवाब- विटामिन B12 की कमी का पता खून की जांच से लगाया जाता है। डॉक्टर आमतौर पर सीरम विटामिन B12 टेस्ट करवाने की सलाह देते हैं, जिससे शरीर में इस विटामिन का लेवल मापा जाता है। कभी-कभी इसके साथ मिथाइलमेलोनिक एसिड (MMA) और होमोसिस्टीन के स्तर की जांच भी की जाती है, ताकि कमी की गंभीरता और उसके कारणों का सही पता चल सके।

सवाल- किस स्थिति में डॉक्टर को दिखाना जरूरी है?

जवाब- अगर लगातार थकान, कमजोरी, भूलने की समस्या, हाथ-पैरों में झुनझुनी या सुन्नपन जैसे 2-3 लक्षण एक साथ महसूस हों तो इसे नजरअंदाज न करें। ऐसी स्थिति में तुरंत डॉक्टर से सलाह लें और विटामिन B12 की जांच करवाएं, ताकि समय रहते इसकी कमी का पता लगाकर सही इलाज शुरू किया जा सके।

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