फिजिकल हेल्थ- मानसून में बढ़ता साइनसाइटिस:  डॉक्टर से जानें, क्या है ये इन्फेक्शन, क्यों होता है, साथ ही इलाज, बचाव व सावधानियां
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फिजिकल हेल्थ- मानसून में बढ़ता साइनसाइटिस: डॉक्टर से जानें, क्या है ये इन्फेक्शन, क्यों होता है, साथ ही इलाज, बचाव व सावधानियां

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16 घंटे पहले

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बारिश का मौसम गर्मी से राहत देता है, लेकिन कई स्वास्थ्य समस्याओं का रिस्क भी बढ़ा देता है। इन्हीं में से एक है साइनसाइटिस, यानी साइनस इन्फेक्शन।

मानसून में बढ़ी नमी, फफूंदी, डस्ट माइट्स और वायरल इन्फेक्शन के कारण नाक और साइनस में सूजन की समस्या होने लगती है। कई बार लोग इसे सामान्य जुकाम समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, जबकि लंबे समय तक लक्षण बने रहने पर यह गंभीर रूप भी ले सकता है।

इसलिए ‘फिजिकल हेल्थ’ में आज साइनसाइटिस के बारे में विस्तार से बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि-

  • मानसून में इसका रिस्क क्यों बढ़ जाता है?
  • इससे बचाव के लिए क्या सावधानियां जरूरी हैं?

एक्सपर्ट- डॉ. नईम अहमद सिद्दीकी, सीनियर कंसल्टेंट, ENT स्पेशलिस्ट, हेड एंड नेक सर्जरी, अपोलो स्पेक्ट्रा हॉस्पिटल, दिल्ली

सवाल- साइनस क्या होता है?

जवाब- साइनस चेहरे की हड्डियों के अंदर मौजूद हवा से भरी छोटी-छोटी गुहाएं (खोखले स्थान) होती हैं। ये मुख्य रूप से नाक के आसपास और माथे के पीछे स्थित होती हैं।

चार प्रमुख साइनस होते हैं-

  • फ्रंटल साइनस- माथे के पीछे।
  • मैक्सिलरी साइनस- गालों के पीछे।
  • एथमोइड साइनस- आंखों के बीच।
  • स्फेनॉइड साइनस- नाक के पीछे गहराई में।

इनके ये काम हैं-

  • सांस की हवा को नम और गर्म करना।
  • खोपड़ी का वजन हल्का रखना।
  • आवाज में गूंज (रेजोनेंस) देना।
  • धूल और कीटाणुओं से सुरक्षा देना।

सवाल- साइनस इन्फेक्शन या साइनसाइटिस क्या है?

जवाब- साइनसाइटिस एक ऐसी कंडीशन है, जिसमें नाक के आसपास मौजूद साइनस में इंफ्लेमेशन या इन्फेक्शन हो जाता है। आमतौर पर साइनस के अंदर हवा भरी रहती है, लेकिन इन्फेक्शन या एलर्जी के कारण इनमें बलगम भर जाता है और सूजन आ जाती है।

सवाल- साइनसाइटिस के लक्षण क्या हैं? ये कब गंभीर हो सकता है?

जवाब- साइनसाइटिस के लक्षण व्यक्ति की उम्र, इन्फेक्शन के कारण और ड्यूरेशन पर निर्भर करते हैं। आमतौर पर इसके लक्षण नाक, चेहरे और सिर से जुड़े होते हैं। इसे ग्राफिक में देखिए-

सवाल- मानसून में साइनसाइटिस की समस्या क्यों बढ़ जाती है?

जवाब- इसके कई कारण हैं-

1. हवा में ज्यादा नमी

  • बारिश के मौसम में वातावरण में नमी बढ़ जाती है।
  • इससे नाक और साइनस के अंदर बलगम ज्यादा बनने लगता है और उसका निकास रुक सकता है।
  • बलगम का प्रोडक्शन ज्यादा होने से इन्फेक्शन का रिस्क बढ़ जाता है।

2. फंगल और बैक्टीरियल इन्फेक्शन

मानसून में सीलन और गंदगी के कारण फफूंदी (मोल्ड) और बैक्टीरिया तेजी से बढ़ते हैं। ये एलर्जी और साइनस इन्फेक्शन को ट्रिगर कर सकते हैं।

3. एलर्जी बढ़ना

धूल, परागकण, सीलन और फंगस के कण मानसून में ज्यादा फैलते हैं। जिन लोगों को एलर्जी होती है, उनमें नाक की सूजन बढ़ जाती है और साइनस ब्लॉक हो सकते हैं।

4. बार-बार वायरल इन्फेक्शन

इस मौसम में सर्दी-जुकाम और वायरल इन्फेक्शन अधिक होते हैं। जुकाम के बाद साइनस में सूजन से साइनसाइटिस विकसित हो सकता है।

5. तापमान में अचानक बदलाव

बारिश, ठंडी हवा, AC और बाहर की नमी वाले वातावरण के बीच बार-बार आने-जाने से भी साइनस संवेदनशील हो जाते हैं।

सवाल- मानसून में किन आदतों या गलतियों के कारण साइनसाइटिस ट्रिगर हो सकता है?

जवाब- मानसून के दौरान कुछ डेली हैबिट्स साइनसाइटिस को ट्रिगर या ज्यादा खराब कर सकती हैं। जिन लोगों को एलर्जी, बार-बार जुकाम या पहले से साइनस की समस्या हो, उन्हें ज्यादा सावधानी रखनी चाहिए। ग्राफिक में देखिए, कौन-सी आदतें साइनसाइटिस ट्रिगर करती हैं-

सवाल- किन लोगों को साइनसाइटिस का रिस्क ज्यादा होता है?

जवाब- कुछ लोगों को साइनसाइटिस का रिस्क ज्यादा होता है। ग्राफिक में देखिए-

सवाल- साइनसाइटिस और सामान्य जुकाम में क्या फर्क है?

जवाब- साइनसाइटिस और जुकाम, दोनों में नाक बंद होने और बहने जैसे लक्षण हो सकते हैं। इनमें आमतौर पर इंटेंसिटी का फर्क होता है। ग्राफिक से दोनों का अंतर समझिए-

सवाल- साइनसाइटिस का इलाज क्या है?

जवाब- ज्यादातर यह साधारण घरेलू देखभाल से ठीक हो जाता है। कुछ मामलों में दवा या डॉक्टर की जरूरत पड़ सकती है। डॉक्टर इसकी वजह और गंभीरता को देखकर इलाज बदल सकते हैं।

दवाइयों से इलाज

डॉक्टर लक्षणों के अनुसार दवाइयां दे सकते हैं, जैसेकि-

  • दर्द और बुखार कम करने की दवा।
  • नाक खोलने वाली दवा।
  • एलर्जी कम करने की दवा।
  • स्टेरॉयड नेजल स्प्रे।
  • बैक्टीरियल संक्रमण होने पर एंटीबायोटिक।

एंटीबायोटिक हमेशा डॉक्टर की सलाह से ही लेनी चाहिए, क्योंकि हर साइनसाइटिस बैक्टीरिया के कारण नहीं होता।

क्रॉनिक साइनसाइटिस में

अगर समस्या बार-बार हो रही हो या 12 हफ्तों से ज्यादा रहे, तो ENT विशेषज्ञ ये जांचें कर सकते हैं-

  • नाक की एंडोस्कोपी
  • नाक का CT स्कैन
  • एलर्जी टेस्ट

कुछ मामलों में सर्जरी की जरूरत भी पड़ सकती है, जैसेकि-

  • टेढ़ी नाक की हड्डी ठीक करना
  • नाक के पॉलिप्स हटाना
  • साइनस के बंद रास्ते खोलना

सवाल- क्या साइनसाइटिस में घरेलू इलाज से भी राहत मिल सकती है?

जवाब- हां, सामान्य मामलों में घरेलू इलाज से राहत मिल सकती है। इसके कुछ घरेलू इलाज इस प्रकार हैं-

साइनसाइटिस के सामान्य इलाज

1. भाप लेना

गर्म भाप लेने से नाक और साइनस की जकड़न कम होती है और बलगम पतला होता है।

2. सलाइन नेजल वॉश

नमक मिले पानी से नाक साफ करने पर बलगम और एलर्जी कण बाहर निकलने में मदद मिलती है।

3. पर्याप्त पानी और आराम

ज्यादा पानी पीने से बलगम पतला रहता है और शरीर संक्रमण से बेहतर लड़ पाता है।

सवाल- मानसून में साइनसाइटिस से बचाव के लिए क्या करें?

जवाब- मानसून में साइनसाइटिस से बचाव के लिए साफ-सफाई, नमी नियंत्रण और एलर्जी से बचना बहुत जरूरी है। कुछ आसान उपाय मदद कर सकते हैं-

  • घर को सूखा और हवादार रखें।
  • सीलन और फफूंदी बनने न दें।
  • बारिश में भीगने पर तुरंत कपड़े बदलें।
  • भाप लें और पर्याप्त पानी पिएं।
  • धूल, धुएं और तेज खुशबू से बचें।
  • AC और कूलर की नियमित सफाई करें।
  • एलर्जी होने पर मास्क का उपयोग करें।
  • सर्दी-जुकाम को नजरअंदाज न करें।
  • पर्याप्त नींद और संतुलित आहार लें।

सवाल- घर में नमी कम करने के आसान तरीके क्या हैं?

जवाब- मानसून में घर की अधिक नमी फफूंदी और एलर्जी बढ़ा सकती है, जिससे साइनस की समस्या बढ़ने का खतरा रहता है। नमी कम करने के लिए ये आसान तरीके अपनाए जा सकते हैं-

  • खिड़कियां खोलकर वेंटिलेशन बनाए रखें।
  • एग्जॉस्ट फैन का इस्तेमाल करें।
  • गीले कपड़े घर के अंदर लंबे समय तक न सुखाएं।
  • दीवारों और बाथरूम की नियमित सफाई करें।
  • AC या डी-ह्यूमिडिफायर का उपयोग करें।
  • पानी का लीकेज तुरंत ठीक करवाएं।
  • फफूंदी दिखने पर तुरंत साफ करें।
  • धूप आने दें ताकि कमरों में सूखापन बना रहे।

साइनसाइटिस से जुड़े कॉमन सवाल-जवाब

सवाल- क्या स्क्रीन टाइम ज्यादा होने, नींद पूरी न होने से भी साइनसाइटिस ट्रिगर हो सकता है?

जवाब- हां, ज्यादा स्क्रीन टाइम और कम नींद शरीर की प्रतिरोधक क्षमता घटा सकते हैं। इससे सिरदर्द, एलर्जी और साइनस प्रेशर बढ़ सकता है, जिससे साइनसाइटिस के लक्षण ट्रिगर हो सकते हैं।

सवाल- क्या योग और ब्रीदिंग एक्सरसाइज से साइनसाइटिस में राहत मिल सकती है?

जवाब- हां, अनुलोम-विलोम, भ्रामरी जैसी ब्रीदिंग एक्सरसाइज नाक की जकड़न कम करने, तनाव घटाने और ब्रीदिंग को आसान बनाने में मदद कर सकती हैं। नियमित अभ्यास फायदेमंद हो सकता है।

सवाल- क्या हेल्दी डाइट लेने से भी आराम मिलता है?

जवाब- हां, हेल्दी डाइट से इम्यूनिटी मजबूत होती है। गर्म तरल पदार्थ, फल, सब्जियां और विटामिन C वाले खाद्य पदार्थ संक्रमण कम करने और साइनस से राहत दिलाने में मदद कर सकते हैं।

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