फॉर्म भरने से पहले ई-मित्र संचालक करेगा योग्यता की जांच:  RPSC सख्त, गलत जानकारी देने पर होगी कार्रवाई, RPSC ने कलेक्टर्स और IT विभाग को लिखा पत्र – Ajmer News
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फॉर्म भरने से पहले ई-मित्र संचालक करेगा योग्यता की जांच: RPSC सख्त, गलत जानकारी देने पर होगी कार्रवाई, RPSC ने कलेक्टर्स और IT विभाग को लिखा पत्र – Ajmer News

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राजस्थान लोक सेवा आयोग(RPSC) ने प्रदेश में संचालित 80 हजार ई-मित्र कियोस्क संचालकों की ओर से की जा रही गंभीर लापरवाही पर कड़ा रुख अपनाया है। आयोग ने पाया है कि कई ई-मित्र संचालक बिना शैक्षणिक योग्यता जांचे ही अभ्यर्थियों के ऑनलाइन आवेदन भर रहे हैं, जि

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इस संबंध में आयोग की ओर से सूचना एवं प्रौद्योगिकी और संचार विभाग को ई मित्र संचालकों को निर्देशित करने के संबंध में पत्र भेजा जा चुका है। साथ ही आयोग द्वारा राज्य के सभी जिला कलेक्टरों से भी आग्रह किया गया है, कि वे अपने जिले के ई-मित्र संचालकों की निगरानी करें और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई करें।

आयोग सचिव रामनिवास मेहता ने बताया- जब भी किसी भर्ती का विज्ञापन निकलता है, तो ई-मित्र संचालक अभ्यर्थी की मूल शैक्षणिक योग्यता की जांच नहीं करते।

आयोग सचिव रामनिवास मेहता ने बताया- जब भी किसी भर्ती का विज्ञापन निकलता है, तो ई-मित्र संचालक अभ्यर्थी की मूल शैक्षणिक योग्यता की जांच नहीं करते।

करोड़ों की बर्बादी, इसलिए लिया निर्णय

आयोग सचिव रामनिवास मेहता ने बताया कि जब भी किसी भर्ती का विज्ञापन निकलता है, तो ई-मित्र संचालक अभ्यर्थी की मूल शैक्षणिक योग्यता की जांच नहीं करते। वे केवल मोबाइल पर प्राप्त ओटीपी के जरिए आवेदन पत्र भर देते हैं।

इस लापरवाही के कारण कई भर्तियों में लाखों की संख्या में ऐसे अभ्यर्थी आवेदन कर देते हैं, जो उस पद के लिए वांछित शैक्षणिक योग्यता तक नहीं रखते हैं। इससे परीक्षाओं के आयोजन में अनावश्यक श्रम, समय और सरकारी धन के करोड़ों रुपए बर्बादी होती है।

कानूनी कार्रवाई की चेतावनी ​आयोग ने स्पष्ट किया है कि गलत तरीके से आवेदन भरना केवल अभ्यर्थी की गलती ही नहीं है। ऐसा करने वाले ई-मित्र संचालक भी भारतीय न्याय संहिता की धारा 217 के तहत अपराध के भागीदार हैं।

  • अनिवार्य जांच: अब ई-मित्र संचालकों को फॉर्म भरने से पहले यह सुनिश्चित करना होगा कि अभ्यर्थी के पास उस पद के लिए आवश्यक न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता है या नहीं।
  • प्रशिक्षण और निर्देश: प्रदेश के सभी ई-मित्र संचालकों को इस संबंध में आवश्यक प्रशिक्षण और दिशा-निर्देश देने के लिए सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग को कहा गया है।

कैंडिडेट्स को भी दी चेतावनी ​यदि कैंडिडेट्स भी ई-मित्र के माध्यम से फॉर्म भरवा रहे हैं, तो सुनिश्चित करें कि कैंडिडेट्स विज्ञापन में वंचित न्यूनतम शेष वांछित शैक्षणिक योग्यताएं पूरी करते हो, अन्यथा अभ्यर्थी और कियोस्क संचालक दोनों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

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