फ्लाइट के टेक ऑफ-लैंडिंग के वक्त खिड़कियां बंद रहेंगी:  फोटोग्राफी और वीडियो बनाना बैन; देश के 4 डिफेंस एयरपोर्ट पर नियम लागू
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फ्लाइट के टेक ऑफ-लैंडिंग के वक्त खिड़कियां बंद रहेंगी: फोटोग्राफी और वीडियो बनाना बैन; देश के 4 डिफेंस एयरपोर्ट पर नियम लागू

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नई दिल्ली25 मिनट पहले

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यह आदेश रक्षा मंत्रालय की सिफारिश पर जारी किया गया है। आदेश 20 मई को जारी किया गया था। - Dainik Bhaskar

यह आदेश रक्षा मंत्रालय की सिफारिश पर जारी किया गया है। आदेश 20 मई को जारी किया गया था।

डिफेंस एरिया की सुरक्षा को देखते हुए भारत सरकार ने फ्लाइट के टेक ऑफ-लैंडिंग के वक्त खिड़कियां बंद रखने का आदेश दिया है। यह आदेश डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) की तरफ से जारी किया गया है।

आदेश के मुताबिक पैसेंजर्स के फोटो खींचने और वीडियो बनाने पर भी बैन रहेगा। यह नियम देश के उन 4 डिफेंस एयरपोर्ट पर लागू होगा, जिनका इस्तेमाल कमर्शियल फ्लाइट के लिए होता है। इसमें अमृतसर, जम्मू, श्रीनगर और जैसलमेर एयरपोर्ट शामिल है।

10,000 फीट ऊंचाई तक बंद रखनी होगी फ्लाइट की विंडो DGCA ने एयरलाइंस, हेलीकॉप्टर और चार्टर्ड प्लेन ऑपरेटरों को निर्देश जारी किया है कि डिफेंस एयरफील्ड में आने और जाने वाली उड़ानों में पैसेंजर्स के बगल वाली सीटों की खिड़कियां तब तक बंद रहेंगी जब तक कि विमान टेकऑफ के दौरान 10,000 फीट की ऊंचाई तक नहीं पहुंच जाता या लैंडिंग के दौरान नीचे नहीं उतर जाता।

न्यूजपेपर द हिंदू ने DGCA के एक सीनियर अधिकारी के हवाले से बताया कि, यह आदेश रक्षा मंत्रालय की सिफारिश पर जारी किया गया है। आदेश 20 मई को जारी किया गया था। जानकारी अब सामने आई है।

नियम न मानने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होगी DGCA ने एयरलाइंस को निर्देश दिया है कि वे इसके लिए क्रू मेंबर्स के लिए एक SOP तैयार करें। ताकि क्रू वेस्टर्न बॉर्डर के पास मौजूद एयरपोर्ट्स पर फ्लाइट के उड़ान भरने से पहले या लैंडिंग के बाद पैसेंजर्स को इसकी सूचना दे सकें। आदेश में कहा गया है कि इन नियमों का उल्लंघन करने पर यात्रियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

अब जानिए मौजूदा नियम क्या है, 3 पॉइंट में

  1. द हिंदू की रिपोर्ट के मुताबिक, कई पायलटों का कहना है कि टेकऑफ और लैंडिंग के वक्त खिड़की को खुला रखना जरूरी होता है।
  2. यह एक सिक्योरिटी प्रोटोकॉल है। ऐसा इसलिए किया जाता है ताकि बाहर खतरे का अंदाजा लगाया जा सके। जिसमें तकनीकी खराबी, पक्षी टकराने से इंजन में आग लगना शामिल है।
  3. खुली खिड़कियां इमरजेंसी में मौजूदा स्थिति को समझने में मदद करती हैं। जिससे स्थिति को संभालने और उसका सॉल्यूशन निकालने में मदद मिलती है।

DGCA ने कहा- इमरजेंसी खिड़की खुली रखी जाएंगी DGCA के एक सीनियार अधिकारी ने कहा कि, चूंकि लैंडिंग के वक्त खिड़की खुला रखना जरूरी है तो इमरजेंसी विंडो को खुला रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि आदेश का एक हफ्ते बाद फिर रिव्यू किया जाएगा।

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