![]()
चीन में एआई ने अब एक ऐसा बाजार बना दिया है, जहां लोग अपने चेहरे किराए पर दे रहे हैं। इसके बदले उन्हें 1400 से 67 हजार रुपए मिल रहे हैं। कुछ ऑनलाइन प्लेटफॉर्म लोगों की तस्वीरें और चेहरे को एआई से बनाई जा रही फिल्मों, माइक्रोड्रामा, विज्ञापनों, शॉर्ट फिल्मों में उपयोग कर रहे हैं। यह मॉडल खासतौर पर एआई डिजिटल प्रोडक्शन के लिए तैयार हुआ है। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म तस्वीरों के कैटलॉग बनाते हैं, जहां निर्माता उम्र, लिंग और लुक के आधार पर चेहरों का चयन करते हैं। चीन में एआई से बनाए कंटेंट जैसे ‘गर्ल-नेक्स्ट-डूर’, ‘रग्ड’ या ‘सुपरमॉडल’ में ऐसे चेहरों का उपयोग किया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, उपयोगकर्ता यह तय कर सकते हैं कि उनका चेहरा किन प्रोजेक्टों में दिखेगा। जैसे- टीवी विज्ञापन, शॉर्ट ड्रामा, वीडियो गेम या दूसरे डिजिटल फॉर्मेट में। कीमत भी वही तय करते हैं, जबकि प्लेटफॉर्म लाइसेंसिंग, मॉनिटरिंग और कॉन्ट्रैक्ट संभालते हैं। शेंझेन की एक्टआईडी और चेंगदू की न्यू क्लॉ जैसी कंपनियां इसी मॉडल पर काम कर रही हैं। एक्ट आईडी का कहना है कि मार्च से अब तक उसके साथ करीब 800 लोगों ने चेहरा किराए पर देने के लिए रजिस्ट्रेशन कराया है। इनमें से करीब 300 लोगों ने अपने चेहरे की तस्वीर देने की सहमति दी है। इसके लिए बाकायदा ‘लाइसेंस’ जारी किया जाता है। कंपनी के मुताबिक, दो एआई प्रोडक्शनों ने उसके जरिए करीब 10 चेहरे इस्तेमाल किए और कीमत 1400 रु से 7000 रु. प्रति एपिसोड रखी गई। एआई को असली चेहरों की जरूरत एआई से बनाए किरदार अक्सर एक जैसे दिखते हैं। इसकी लोग शिकायतें करते हैं। इसलिए प्रोड्यूसर अलग-अलग और विशिष्ट चेहरे की मांग करते हैं। एक्टआईडी की मार्केटिंग प्रमुख कैअमिले यानके मुताबिक, मुख्य किरदारों के साथ बुजुर्ग जैसे विशिष्ट चेहरे भी चाहिए। यहां व्यक्ति का अभिनय नहीं, उसका चेहरा ही ‘सोर्स मटेरियल’ बन जाता है। कलाकार का शरीर और आवाज जरूरी नहीं है, सिर्फ चेहरा डिजिटल किरदार का आधार है। मांग बढ़ी – चीन में इस साल जनवरी से मार्च तक रिलीज 1.28 लाख माइक्रोड्रामा में 95% से ज्यादा में किसी न किसी स्तर पर एआई का इस्तेमाल हुआ। माइक्रोड्रामा मोबाइल के लिए बनाए जाने वाले बेहद छोटे, वर्टिकल वीडियो होते हैं। सबसे बड़ा खतरा – तस्वीरों का अवैध इस्तेमाल हो सकता है एआई ने प्रोडक्शन लागत कम करने के साथ ही तेजी से कंटेंट बनाने की सुविधा बढ़ाई है, लेकिन इससे असली कलाकारों और मॉडलों के सामने नई चुनौती भी पैदा हुई है। वहीं,साइबर विशेषज्ञों ने आगाह भी किया है। वकील यीले डेंग चेताते हैं कि लाइसेंसिंग का ढांचा भले बन रहा हो, लेकिन अस्पष्ट कॉन्ट्रैक्ट, अवैध फेस-स्वैप, डेटा की गैरकानूनी खरीद और भविष्य के एआई प्रशिक्षण जैसे खतरे बने रहेंगे। बीजिंग इंटरनेट कोर्ट ने मार्च 2026 में एक मामले में माना कि एआई फेस-स्वैप के जरिए अभिनेत्री दिलरुबा दिलमुरात की तस्वीर का अवैध इस्तेमाल उसके इमेज राइट्स का उल्लंघन था।
Source link








