7 घंटे पहले
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कल यानी 23 जनवरी को बसंत पंचमी है। ये पर्व ज्ञान और कला की देवी मां सरस्वती के प्रकट उत्सव के रूप में मनाते हैं। यह पर्व खासकर विद्यार्थियों, कलाकारों और उन लोगों के लिए महापर्व की तरह है जो शिक्षा से संबंधित काम करते हैं। मां सरस्वती की पूजा से बुद्धि, एकाग्रता और सफलता मिलती है।
उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. मनीष शर्मा के मुताबिक, बसंत पंचमी का केवल धार्मिक ही नहीं, बल्कि वैज्ञानिक महत्व भी है। यह पर्व ऋतु परिवर्तन का संकेत है। सर्दी के मौसम के बाद बसंत ऋतु की शुरुआत होती है, प्रकृति में नयापन आता है। इस समय सरसों के पीले फूल खिलते हैं। पीला रंग ऊर्जा, उत्साह और सकारात्मकता का प्रतीक है, इस दिन विशेष रूप से पीले वस्त्र पहनकर देवी पूजा की जाती है। पीला रंग आत्मविश्वास बढ़ाता है और डिप्रेशन दूर करता है। इस दिन हल्दी-केसर का सेवन करने की परंपरा है।
देवी पूजा में करें इस मंत्र का जप
इस दिन मां सरस्वती की पूजा में ऊँ ऐं सरस्वत्यै नमः मंत्र का जप करना चाहिए। इस मंत्र के जप से एकाग्रता और बुद्धि बढ़ती है। यह बच्चों की पढ़ाई में रुचि और बुद्धि को भी मजबूत करता है। जो लोग नई विद्या सीखना चाहते हैं या अध्ययन कर रहे हैं, उन्हें वसंत पंचमी पर सरस्वती की पूजा जरूर करनी चाहिए। इस दिन से नए कोर्स की शुरुआत भी कर सकते हैं।
देवी पूजा में रखें ये चीजें
- देवी सरस्वती की मूर्ति या फोटो – मूर्ति न हो तो देवी की तस्वीर भी रखी जा सकती है। पूजा के बाद इसे स्टडी रूम में रखने से बुद्धि और ध्यान में बढ़ोतरी होती है।
- वीणा – वीणा देवी सरस्वती की प्रिय वस्तु है। घर में वीणा रखने से सुख-शांति बनी रहती है और रचनात्मक ऊर्जा बढ़ती है।
- हंस की फोटो या मूर्ति – हंस सरस्वती का वाहन है। इसे घर में रखने से मन शांत रहता है और सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है।
- मोर पंख – मोर पंख नकारात्मक ऊर्जा को दूर करता है और घर में सुंदरता बढ़ाता है। इसे विशेष रूप से मंदिर और बच्चों के स्टडी रूम में रखना चाहिए।
- कमल का फूल – कमल पवित्रता और शांति का प्रतीक है। पूजा में कमल का फूल रखने से घर में सकारात्मक वातावरण बना रहता है।
- कलम या पेन – ये दोनों चीजें पढ़ाई-लिखाई की प्रतीक हैं। देवी पूजा में कलम रखना जरूरी है, क्योंकि यह विद्या और अध्ययन का संकेत है।
बसंत पंचमी पर्व संदेश देता है कि अब सर्दी खत्म हो चुकी है और बसंत ऋतु शुरू होने वाली है। जिस तरह प्रकृति में बसंत ऋतु से सकारात्मक बदलाव दिखाई देने लगते हैं, ठीक इसी तरह हमें भी जीवन में आने वाले बदलावों के लिए सकारात्मक सोच रखनी चाहिए।








