बाबा बर्फानी की पहली तस्वीर सामने आई:  7 फीट ऊंचे हिम शिवलिंग के दर्शन को आएंगे लाखों श्रद्धालु, यात्रा 3 जुलाई से रक्षाबंधन तक
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बाबा बर्फानी की पहली तस्वीर सामने आई: 7 फीट ऊंचे हिम शिवलिंग के दर्शन को आएंगे लाखों श्रद्धालु, यात्रा 3 जुलाई से रक्षाबंधन तक

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श्रीनगर3 दिन पहलेलेखक: रऊफ डार

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अमरनाथ गुफा दक्षिण कश्मीर में समुद्र तल से 17 हजार फीट की ऊंचाई पर है। - Dainik Bhaskar

अमरनाथ गुफा दक्षिण कश्मीर में समुद्र तल से 17 हजार फीट की ऊंचाई पर है।

कश्मीर के अनंतनाग जिले में अमरनाथ की पवित्र गुफा से बाबा बर्फानी की पहली तस्वीर सामने आ गई है। इस बार बर्फ का शिवलिंग करीब 7 फीट ऊंचा है।

इस शिवलिंग के दर्शन के लिए देशभर से लाखों लोग अमरनाथ आते हैं। यात्रा 3 जुलाई से शुरू होगी जो करीब 38 दिन चलेगी। 9 अगस्त को छड़ी मुबारक के साथ रक्षाबंधन के दिन पूरी होगी।

यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन शुरू हो गए हैं। जरूरी मेडिकल सर्टिफिकेट बनवाने की प्रक्रिया चल रही है। 13 से 70 साल की उम्र तक के भारतीय अमरनाथ यात्रा कर सकते हैं।

22 अप्रैल को हुए पहलगाम आतंकी हमले का अमरनाथ यात्रा के रजिस्ट्रेशन पर कोई असर नहीं नजर आ है। अब तक पिछले साल की तुलना में 20% ज़्यादा रजिस्ट्रेशन हुए।

15 अप्रैल से ऑफलाइन और ऑनलाइन मोड के जरिए करीब 3.50 लाख श्रद्धालुओं ने अमरनाथ यात्रा के लिए एडवांस रजिस्ट्रेशन कराया है।

श्राइन बोर्ड ने e-KYC, RFID कार्ड, ऑन स्पॉट रजिस्ट्रेशन और दूसरी व्यवस्थाओं को भी बेहतर करने का निर्णय लिया है, ताकि यात्रा अधिक सुव्यवस्थित और सुरक्षित हो सके।

बोर्ड का कहना है इस बार पिछली बार से ज्यादा श्रद्धालु आ सकते हैं, इसलिए जम्मू, श्रीनगर, बालटाल, पहलगाम, नुनवान और पंथा चौक पर रुकने और रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था भी की जा रही है।

बाबा बर्फानी की तस्वीरें…

यह तस्वीर 30 अप्रैल को ली गई थी, जिसे श्राइन बोर्ड ने 5 मई को सार्वजनिक किया।

यह तस्वीर 30 अप्रैल को ली गई थी, जिसे श्राइन बोर्ड ने 5 मई को सार्वजनिक किया।

टट्टू वालों और लोकल सेवादारों का बेस कैंप में ID वैरिफिकेशन

पहलगाम में हाल ही में हुए आतंकी हमले के बाद, अमरनाथ यात्रा से पहले सुरक्षा व्यवस्था काफी कड़ी कर दी गई है। अब टट्टूवाले और स्थानीय सेवादार बेस कैंप में ID जांच के साथ रजिस्ट्रेशन करवा रहे हैं। तीर्थयात्रियों की सुरक्षा और यात्रा के सुचारू संचालन को सुनिश्चित करने के लिए सख्त ID वैरफिकेशन प्रोटोकॉल के साथ किया जा रहा है।

पहलगाम में पोनी वाले और उनके घोड़ों-खच्चरों का रजिस्ट्रेशन शुरू हो गया है।

पहलगाम में पोनी वाले और उनके घोड़ों-खच्चरों का रजिस्ट्रेशन शुरू हो गया है।

LG मनोज सिन्हा ने बेस कैंप का दौरा किया

जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने सोमवार को अमरनाथ यात्रा 2025 से पहले तीर्थयात्रियों के लिए चल रही व्यवस्थाओं की समीक्षा करने के लिए श्रीनगर में पंथा चौक ट्रांजिट कैंप का दौरा किया। पीएनबी सर्कल जम्मू के चीफ अनिल शर्मा ने कहा कि गर्भवती महिलाओं, 13 साल से कम और 70 साल से ज्यादा उम्र के लोगों को यात्रा की अनुमति नहीं दी जाएगी, भले ही उनके पास मेडिकल सर्टिफिकेट हो।

2024 में पहुंचे थे 5 लाख यात्री

2024 में यह यात्रा 52 दिनों की थी। 2023 में 62 दिन, 2022 में 43 दिन और 2019 में 46 दिनों तक यात्रा चली। 2020-21 में कोरोना महामारी के कारण यात्रा स्थगित रही। 2024 में 52 दिनों तक चली अमरनाथ यात्रा में 5 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने पवित्र गुफा में बाबा बर्फानी के दर्शन किए थे।

2023 में 4.5 लाख यात्री शामिल हुए थे। साल 2012 में रिकॉर्ड 6.35 तीर्थयात्रियों ने दर्शन किए थे। 2022 में कोविड के कारण आंकड़ा घटा था और 3 लाख तीर्थयात्रियों दर्शन के लिए पहुंचे थे।

कैसे पहुंचें: यात्रा के लिए दो रूट

1. पहलगाम रूट: इस रूट से गुफा तक पहुंचने में 3 दिन लगते हैं, लेकिन ये रास्ता आसान है। यात्रा में खड़ी चढ़ाई नहीं है। पहलगाम से पहला पड़ाव चंदनवाड़ी है। ये बेस कैंप से 16 किमी दूर है। यहां से चढ़ाई शुरू होती है।

तीन किमी चढ़ाई के बाद यात्रा पिस्सू टॉप पहुंचती है। यहां से पैदल चलते हुए शाम तक यात्रा शेषनाग पहुंचती है। ये सफर करीब 9 किमी का है। अगले दिन शेषनाग से यात्री पंचतरणी जाते हैं। ये शेषनाग से करीब 14 किमी है। पंचतरणी से गुफा सिर्फ 6 किमी रह जाती है।

2. बालटाल रूट: वक्त कम हो, तो बाबा अमरनाथ दर्शन के लिए बालटाल रूट से जा सकते हैं। इसमें सिर्फ 14 किमी की चढ़ाई चढ़नी होती है, लेकिन एकदम खड़ी चढ़ाई है, इसलिए बुजुर्गों को इस रास्ते पर दिक्कत होती है। इस रूट पर संकरे रास्ते और खतरनाक मोड़ हैं।

किन बातों का ध्यान रखें

यात्रा के दौरान मेडिकल सर्टिफिकेट, 4 पासपोर्ट साइज फोटो, आधार कार्ड, आरएफआईडी (RFID) कार्ड, ट्रैवल एप्लिकेशन फॉर्म अपने साथ रखें। फिजिकल फिटनेस के लिहाज से हर रोज 4 से 5 किलोमीटर पैदल चलने की प्रैक्टिस करें। सांस वाला योग जैसे प्राणायाम और एक्सरसाइज करें। यात्रा में ऊनी कपड़े, रेनकोट, ट्रैकिंग स्टिक, पानी बॉटल और जरूरी दवाओं का बैग अपने साथ रखें।

अमरनाथ में बनता है हिमानी शिवलिंग

अमरनाथ शिवलिंग एक अद्भुत प्राकृतिक हिमनिर्मित संरचना है, जिसे हिमानी शिवलिंग कहा जाता है। अमरनाथ गुफा समुद्र तल से लगभग 3,888 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। यह गुफा उत्तरमुखी है, जिससे सूरज की सीधी रोशनी बहुत कम पहुंचती है। इससे गुफा के अंदर का तापमान 0°C से नीचे बना रहता है, जिससे बर्फ आसानी से जमती है।

गुफा की छत से लगातार पानी टपकता है, जो आस-पास के ग्लेशियरों या बर्फ के पिघलने से आता है। पानी धीरे-धीरे नीचे गिरकर जमता है, तो वह एक स्तंभ या लिंग के आकार में ऊपर की ओर बढ़ता है। यह वैज्ञानिक रूप से स्टेलैग्माइट कहलाता है।

अमरनाथ यात्रा की यह खबर पढे़ें…

अमरनाथ यात्रा- रजिस्ट्रेशन- 600 से ज्यादा बैंकों में ऑफलाइन फॉर्म मिलेंगे

अमरनाथ यात्रा-2025 के लिए रजिस्ट्रेशन 15 अप्रैल से हो रहे हैं। श्रद्धालु ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरह से रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं। रजिस्ट्रेशन फीस 220 रुपए रखी गई है। ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन 600 से ज्यादा बैंकों में किया जा सकता है। 5 मार्च को श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड (SASB) की 48वीं बैठक में उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने यात्रा की तारीखों की घोषणा की थी। बैठक में श्रद्धालुओं के लिए सुविधाएं बेहतर करने के कई प्रस्तावों पर चर्चा हुई। पढ़ें पूरी खबर…

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