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बार काउंसिल अध्यक्ष ने लॉ स्टूडेंट्स से माफी मांगी: लेटर लिखकर कहा- छात्रों को बात रखने की आजादी; एक दिन पहले CJI सूर्यकांत ने फटकारा था

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नई दिल्ली4 घंटे पहले

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बार काउंसिल इंडिया के अध्यक्ष मनन कुमार मिश्रा ने हैदराबाद यूनिवर्सिटी दीक्षांत समारोह विवाद के बाद लॉ स्टूडेंट्स से माफी मांगी है। बार एंड बेंच की एक रिपोर्ट के मुताबिक मनन ने स्वतंत्रता दिवस पर एक लेटर के जरिए माफीनामा भेजा है।

हालांकि इस लेटर में यूनिवर्सिटी का नाम नहीं लिया गया है, न ही सीधे तौर पर विवाद का जिक्र है। लेकिन इसमें पिछले दिनों हुए घटनाक्रमों के बारे में लिखा है।

मनन ने लिखा-

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वर्तमान विवाद से जुड़ी किसी भी बात, मेरे किसी शब्द या लेटर से हमारे कानून के छात्रों की भावनाओं को ठेस पहुंची है, तो मैं इसके लिए माफी चाहता हूं। ऐसा कहने में कोई संकोच नहीं होना चाहिए। खेद जताना प्रतिष्ठा या अहंकार का विषय नहीं है। यह केवल इस बात की स्वीकृति है कि हमारे छात्रों की भावनाएं और चिंताएं मायने रखती हैं

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इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को NALSAR विवाद पर काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) को फटकार लगाई थी।

CJI सूर्यकांत ने कहा था- भले ही छात्रों का फैसला गलत हो फिर भी उन्हें अपनी बात रखने और विरोध करने का अधिकार है।

मनन ने लिखा- बाहरी प्रभाव में आकर मुद्दे को राजनैतिक रंग न दें

मनन ने लेटर में लिखा है- ‘बार काउंसिल ऑफ इंडिया लॉ स्टूडेंट्स को कानूनी पेशे का भविष्य मानती है। उनके विचारों की आजादी और जायज चिंताओं का हमेशा सम्मान किया जाना चाहिए। जिस पेशे में वे आने की तैयारी कर रहे हैं, उसके भविष्य के लिए बातचीत और संवैधानिक मूल्य भी उतने ही जरूरी हैं।’

लेटर में आगे लिखा है- ‘मुझे पूरी उम्मीद है कि इस मुद्दे पर अब निष्पक्षता और सुलह की भावना के साथ विचार होगा। बाहरी प्रभाव से इस मुद्दे को राजनीतिक रंग नहीं दिया जाना चाहिए। हमारे छात्र इतने समझदार और परिपक्व हैं कि वे तथ्यों की जांच कर सकें।’

मनन ने कहा- ‘ इसलिए छात्रों को खुद इस मामले की जांच करने दें। हर संस्थान को उनके विचारों की आजादी का सम्मान करना चाहिए।’

हैदराबाद यूनिवर्सिटी विवाद में कब, क्या हुआ…

  • 9 अगस्त: खबर सामने आई कि नेशनल एकेडमी ऑफ लीगल स्टडीज एंड रिसर्च (NALSAR) यूनिवर्सिटी के करीब 450 स्टूडेंट्स ने 2026 दीक्षांत समारोह में CJI सूर्यकांत को मुख्य अतिथि बनाने का विरोध किया है। ये छात्र बेरोजगारों को कॉकरोच कहने से नाराज थे। 2026 बैच के छात्रों के एक ग्रुप ने यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर, रजिस्ट्रार, फैकल्टी सदस्यों और प्रशासन के अन्य सदस्यों को लेटर लिखा है। इसमें उन्होंने CJI को मुख्य अतिथि के तौर पर बुलाने के फैसले पर दोबारा विचार करने कहा। पढ़ें पूरी खबर…
  • 13 अगस्त: BCI के चेयरमैन मनन कुमार मिश्रा ने CJI के विरोध के मामले में पहले NALSAR के वाइस चांसलर प्रोफेसर श्रीकृष्ण देव राव और सभी स्टेट बार काउंसिल से रिपोर्ट मांगी थी। रिपोर्ट में अभियान शुरू करने, उसे आयोजित करने या छात्रों को जुटाने वाले लोगों की जानकारी देने को कहा गया था। BCI ने स्टेट बार काउंसिल को NALSAR के 2026 बैच के छात्रों का एनरोलमेंट नहीं करने का आदेश दिया था।
  • 13 अगस्त: कुछ घंटों बाद BCI ने 2026 बैच के छात्रों का नामांकन रोकने वाला आदेश वापस ले लिया। BCI का कहना था कि रिपोर्ट के मुताबिक विरोध दर्ज कराने वाले छात्रों में से ज्यादातर निर्दोष हैं। ये छात्र इस मुहिम में शामिल होने के इच्छुक नहीं थे। पूरी चर्चा के बाद परिषद ने अध्यक्ष के आदेश में बदलाव किया है। अब सभी छात्र अपनी पसंद की स्टेट बार काउंसिल में वकील के तौर पर एनरोल हो सकेंगे। पढ़ें पूरी खबर…
  • 14 अगस्त: सुप्रीम कोर्ट ने NALSAR से जुड़े विवाद पर काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) को फटकार लगाई। CJI सूर्यकांत ने कहा कि भले ही छात्रों का फैसला गलत हो या उन्हें किसी ने गलत सलाह दी हो, फिर भी उन्हें अपनी बात रखने और विरोध करने का अधिकार है। सुप्रीम कोर्ट ने BCI को नोटिस भी जारी किया और यूनिवर्सिटी के किसी छात्र या फैकल्टी के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई नहीं करने का आदेश दिया। पढ़ें पूरी खबर…

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CJI बोले-80 साल में देश ने कई चुनौतियां पार कीं: अभी बहुत काम बाकी; युवा भविष्य की जिम्मेदारी संभालें

CJI सूर्यकांत ने कहा कि देश ने पिछले 8 दशक में कई कठिन चुनौतियों को पार किया है, लेकिन अभी बहुत काम बाकी है। यंग लॉ ग्रेजुएट्स और वकीलों को भविष्य की जिम्मेदारियां संभालने के लिए तैयार रहना चाहिए। CJI सुप्रीम कोर्ट कैम्पस में स्वतंत्रता दिवस पर झंडा फहराने के बाद स्पीच दे रहे थे। आयोजन सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन ने किया था। पढ़ें पूरी खबर…



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