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बेबी फॉर्मूला कंपनियां अपने उत्पादों में प्रीबायोटिक्स, प्रोबायोटिक्स, फैटी एसिड और अन्य पोषक तत्व मिलाकर बच्चों के दिमाग,आंखों, इम्यून सिस्टम और सोचने-समझने की क्षमता में सुधार के दावे करती हैं। हालांकि,उपलब्ध वैज्ञानिक शोध बताते हैं कि इन दावों को पुष्ट करने के पर्याप्त और मजबूत प्रमाण नहीं हैं। बेबी फॉर्मूला का इतिहास 1865 में शुरू हुआ, जब प्रशिया में गाय के दूध, पोटेशियम बाइकार्बोनेट,गेहूं और माल्ट से बने शिशु आहार का पेटेंट कराया गया था। आज अमेरिका का फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एडीए) बेबी फॉर्मूला में आयरन,आयोडीन, विटामिन-डी समेत लगभग 30 आवश्यक पोषक तत्वों का न्यूनतम स्तर निर्धारित करता है। परंतु निर्माता इन अनिवार्य पोषक तत्वों से आगे बढ़कर अतिरिक्त सामग्री के संभावित फायदों का प्रचार करते हैं। 2023 में बीएमजे में15 देशों के 757 बेबी फॉर्मूला प्रोडक्ट केविश्लेषण प्रकाशित किया गया। इसमें पाया गया कि कई कंपनियों ने प्रीबायोटिक्स, प्रोबायोटिक्स और पॉली अनसैचुरेटेड फैटी एसिड जैसे तत्वों को मजबूत इम्यूनिटी और विशेष रूप से दिमाग, आंखों तथा नर्वस सिस्टम के बेहतर विकास से जोड़ा। लेकिन शोधकर्ताओं का निष्कर्ष था कि अधिकांश दावों को साबित करने वाले ठोस वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं हैं और न ही वास्तविक लाभ दावों जितने स्पष्ट हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, बेबीफॉर्मूला को अधिकांश देशों में दवा नहीं बल्कि खाद्य उत्पाद माना जाता है। इसी वजह से कंपनियां दवाओं जैसी कठोर परीक्षण प्रक्रिया से गुजरे बिना भी कई स्वास्थ्य संबंधी दावे कर सकती हैं। जिन उत्पादों ने संदर्भ दिए, उनमें से केवल लगभग आधे अध्ययनों का क्लीनिकल ट्रायल हुआ था और उनमें भी एक-तिहाई से कम ट्रायल विधिवत पंजीकृत थे। जिन कुछ वैज्ञानिक अध्ययनों में तुलना की गई, उनमें 10 में से 9 दावे ऐसे अध्ययनों पर आधारित पाए गए, जिन्हें शोधकर्ताओं ने कमजोर या अविश्वसनीय माना। 2017 में 1,889 बच्चों पर आधारित 15 ट्रायल्स की समीक्षा में पाया गया कि अतिरिक्त पोषक तत्वों वाले फॉर्मूला से बच्चों के मस्तिष्क विकास या देखने की क्षमता में सामान्य फोर्टिफाइड फॉर्मूला की तुलना में कोई स्पष्ट अतिरिक्त लाभ नहीं मिला। 2021 में 1,607 ब्रिटिश बच्चों पर हुए अध्ययन में भी ऐसे फॉर्मूला का पढ़ाई या सीखने की क्षमता पर खास असर नहीं मिला। हालांकि 2025 में जर्नल न्यूट्रिएंट्स में प्रकाशित 1,039 बच्चों के 9 ट्रायल्स के विश्लेषण में सोचने-समझने की क्षमता में सुधार मिला है। स्तनपान से बच्चों को इंफेक्शन, एलर्जी से सुरक्षा आर्टिफिशियल बेबी मिल्क ट्रायल्स में सुरक्षित साबित हुए हैं। फिर भी विशेषज्ञ चिंतित हैं कि वैज्ञानिक श्रेष्ठता की आभा से जुड़े फॉर्मूले की भावनात्मक मार्केटिंग से स्तनपान में गिरावट आई है। किसी भी तरह के फॉर्मूले की तुलना में स्तनपान से ज्यादा फायदे हैं। कई अध्ययनों में इनका संबंध बच्चों में संक्रमण की दर कम होने से पाया गया है। स्तनपान का संबंध एलर्जी और दमा कम होने से भी पाया गया है।
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