मंत्र जप और ध्यान से दूर होता है तनाव:  परिवार और साधु-संतों की संगत में रहेंगे तो नकारात्मक विचारों से मिलेगी मुक्ति
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मंत्र जप और ध्यान से दूर होता है तनाव: परिवार और साधु-संतों की संगत में रहेंगे तो नकारात्मक विचारों से मिलेगी मुक्ति

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22 मिनट पहले

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आज की भागती-दौड़ती जिंदगी में अधिकतर लोग तनाव यानी स्ट्रेस का शिकार हैं। तनाव की वजह से जरूरी काम करने में, घर-परिवार में रिश्ते बनाए रखने में, सेहत के मामले में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। तनाव दूर करने के लिए कुछ बातों का ध्यान रखेंगे तो लाभ मिल सकता है…

नकारात्मक लोगों से दूर रहें

उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. मनीष शर्मा के मुताबिक, हमें ऐसे लोगों से दूर रहना चाहिए, जिनके विचार नकारात्मक हैं। महाभारत में दुर्योधन पूरे समय शकुनि की संगत में रहता था। शकुनि के विचार नकारात्मक थे और उसके विचारों का सीधा असर दुर्योधन पर हुआ। रामायण में रावण की संगत की वजह से मारीच, मेघनाद, कुंभकर्ण मारे गए। हनुमान, सुग्रीव, विभीषण श्रीराम की संगत में रहें, जिससे उनका जीवन सफल हो गया। महाभारत में पांडव श्रीकृष्ण के साथ रहे, जिससे उनकी सभी समस्याएं खत्म हो गईं। इसलिए हमें भी ऐसे लोगों की संगत में रहना चाहिए, जिनकी सोच सकारात्मक है और जो दूसरों की भलाई के बारे में सोचते हैं। ऐसे लोगों के साथ रहेंगे तो हमारे विचार भी सकारात्मक बनेंगे और हम तनाव से बचे रहेंगे।

पूजा-पाठ, मंत्र-जप और ध्यान करें

पूजा-पाठ, मंत्र-जप और ध्यान करने से मन की एकाग्रता बनी रहती है। विचारों में पवित्रता आती है, नकारात्मकता दूर होती है। इसी वजह से ग्रंथों में, साधु-संत और विद्वान रोज पूजा, मंत्र-जप और ध्यान करने की सलाह देते हैं। अगर विधिवत पूजा-पाठ नहीं कर पाते हैं तो अपने समय के अनुसार ही ये शुभ काम कर सकते हैं।

समय-समय पर तीर्थ यात्रा करनी चाहिए

तीर्थ यात्रा यानी पौराणिक महत्व वाली जगहों पर दर्शन-पूजन करना। जब लंबे समय तक एक जैसा जीवन चलते रहता है, एक जैसी परेशानियां बनी रहती हैं तो जीवन में निरसता आ जाती है। इस निरसता को दूर करने के लिए समय-समय पर तीर्थ स्थान जैसे द्वादश ज्योतिर्लिंग, 51 शक्तिपीठ, चार धाम जैसी पौराणिक जगहों पर जा सकते हैं। तीर्थ यात्रा करने से नई-नई जगहें देखने को मिलती हैं, नए लोगों से मिलना होता है, जीवन में नयापन आता है। जब हम डेली लाइफ से कुछ दिनों का ब्रेक लेते हैं तो जीवन में ताजगी आ जाती है और तनाव दूर होता है। इसी वजह से साधु-संतों द्वारा और ग्रंथों में तीर्थ यात्रा करने की सलाह दी जाती है।

ब्रीदिंग एक्सरसाइज करें

जब भी मन ज्यादा निराश हो, गुस्सा आए तो हमें ब्रीदिंग एक्ससाइज करनी चाहिए। 4-7-8 ब्रीदिंग टेक्नीक से सांस लेनी चाहिए। इस टेक्नीक में 4 सेकंड तक सांस लेते हैं, फिर 7 सेकंड तक सांस को रोकते हैं, और फिर 8 सेकंड तक धीरे-धीरे सांस छोड़ते हैं। इस तरह गहरी और नियंत्रित सांस लेने से शरीर की फाइट-ऑर-फ्लाइट की स्थिति शांत होती है और तनाव दूर होता है।

फिजिकल एक्सरसाइज से भी दूर होता है तनाव

तनाव दूर करने के लिए फिजिकल एक्सरसाइज करना भी एक अच्छा विकल्प है। एक्सरसाइज करने से हमारे शरीर में तनाव कम करने वाले हैप्पी हार्मोन एक्टिव होते हैं, जिससे तनाव दूर होता है। रनिंग, साइकलिंग, या डांसिंग करने से मूड बेहतर होता है। योगा करेंगे तो मांसपेशियों का तनाव दूर होता है, दिमाग को शांति मिलती है। तनाव दूर करने के लिए हर रोज पर्याप्त नींद लेनी चाहिए। नींद की कमी से भी तनाव बढ़ता है।

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