सावन के पहले सोमवार पर मध्यप्रदेश शिवभक्ति में सराबोर है। उज्जैन में बाबा महाकाल की सवारी धूमधाम से निकल रही है। भगवान महाकाल ‘चंद्रमौलेश्वर’ स्वरूप में चांदी की पालकी में विराजमान होकर प्रजा को दर्शन देने निकले हैं। पालकी के पीछे हाथी पर भगवान मनमहे
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महाकाल मंदिर में सोमवार रात से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। दोपहर 1:30 बजे तक 3,05,797 श्रद्धालुओं ने ज्योतिर्लिंग भगवान श्री महाकालेश्वर के दर्शन किए। नंदी हॉल और कार्तिक मंडपम तक लंबी कतारें लगी रहीं।
रात 2.30 बजे खुले थे मंदिर के पट
सुबह भस्म आरती के लिए रात 2:30 बजे मंदिर के पट खोले गए। इसके बाद भगवान महाकाल का जलाभिषेक, रुद्राभिषेक और विशेष पूजन किया गया। दूध, दही, घी, शक्कर, शहद और फलों के रस से बने पंचामृत से अभिषेक के बाद भांग, चंदन, ड्राय फ्रूट और आभूषणों से राजाधिराज स्वरूप में दिव्य श्रृंगार किया गया।
ओंकारेश्वर में गौमुख घाट पहुंची शाही सवारी
उधर खंडवा के ओंकारेश्वर में बाबा ओंकारेश्वर-ममलेश्वर ज्योतिर्लिंग की शाही सवारी गौमुख घाट और कोटितीर्थ पहुंच गई। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भगवान का पंचामृत अभिषेक और विशेष पूजन किया जा रहा है। मंदिर ट्रस्ट के प्रबंधक ट्रस्टी राव पुष्पेंद्रसिंह और मांधाता विधायक नारायण पटेल पत्नी सहित पूजन में शामिल हुए। सवारी के दर्शन के लिए घाटों पर हजारों श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। ‘हर-हर महादेव’ और ‘जय श्री ओंकार’ के जयघोष से पूरा तीर्थ क्षेत्र शिवमय हो गया। श्रद्धालु बाबा की एक झलक पाने और आशीर्वाद लेने के लिए उत्साहपूर्वक इंतजार करते नजर आए।
मंदसौर के विश्वप्रसिद्ध अष्टमुखी भगवान पशुपतिनाथ मंदिर में भी सुबह से आस्था का सैलाब उमड़ा हुआ है। मंगला आरती के बाद दर्शन, पूजन और जलाभिषेक का सिलसिला लगातार जारी है। मंदिर परिसर ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष से गूंज उठा। रायसेन के भोजपुर शिव मंदिर में दोपहर 2 बजे तक करीब 30 हजार श्रद्धालु दर्शन कर चुके थे। मंदिर प्रशासन ने सुरक्षा और यातायात के विशेष इंतजाम किए हैं।
प्रदेशभर में कांवड़ यात्राओं का उत्साह
प्रदेशभर में कांवड़ यात्राओं का उत्साह भी चरम पर है। नर्मदापुरम के सेठानी घाट से श्रद्धालु नर्मदा जल लेकर पचमढ़ी स्थित जटाशंकर महादेव के लिए रवाना हुए हैं। पचमढ़ी पहुंच चुकी कांवड़ यात्राएं जलाभिषेक की तैयारी में हैं। आष्टा, उमरिया, इटारसी और श्योपुर समेत कई जिलों में भी जलाभिषेक और कांवड़ यात्राओं में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हो रहे हैं।
भोपाल समेत प्रदेशभर में शिवालयों में भक्तों की कतारें
भोपाल, रायसेन, हरदा, उमरिया, खजुराहो के मतंगेश्वर महादेव, बांदकपुर जागेश्वर धाम, ग्वालियर के अचलेश्वर महादेव और अन्य प्रमुख शिवालयों में सुबह से ही भक्तों की लंबी कतारें लगी हुई हैं। सावन के पहले सोमवार पर पूरा मध्यप्रदेश शिवमय नजर आ रहा है।
उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर की 4 तस्वीरें देखिए…

उज्जैन में प्रजा का हाल जानने पालकी में निकले बाबा महाकाल।

भगवान महाकाल की आरती और दर्शन के लिए जुटे श्रद्धालुओं की भीड़।

दूध-दही, घी-शक्कर, शहद और फलों के रस से बने पंचामृत से अभिषेक।

नंदी हॉल के गणेश और कार्तिक मंडपम से दर्शन करते श्रद्धालु।
बाकी शहरों की तस्वीरें…

पार्वती नदी किनारे स्थित प्राचीन शंकर मंदिर में लगी श्रद्धालुओं की कतारें।

कांवड़िए नर्मदा जल लेकर बाबा ओंकारेश्वर और ममलेश्वर के जलाभिषेक के लिए बढ़ रहे।

शिवालयों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी।

बाबा भोलेनाथ के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी हैं।

युगल सरकार मंदिर में दर्शन-पूजन के लिए सुबह से ही बड़ी संख्या में भक्त पहुंच रहे हैं।

प्रसिद्ध कोटेश्वर धाम में सावन के पहले सोमवार पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी।

अटेर के बौरेश्वर महादेव मंदिर में रात 12 बजे से तड़के तक महारुद्राभिषेक किया गया।

कांवड़िए सोईकला के मुख्य बाजार स्थित पिपलेश्वर महादेव मंदिर पहुंचे।

भक्तों ने “हर-हर महादेव” के जयघोष के बीच भोलेनाथ का जलाभिषेक कर पूजा-अर्चना की।

भगवान शिव के विशाल शिवलिंग का विशेष फूलों से श्रृंगार किया गया।

सुबह 5 बजे मंदिर के पट खुलने के साथ ही बाबा के दर्शन शुरू हो गए।

मतंगेश्वर महादेव मंदिर का 18 फीट ऊंचा शिवलिंग 9वीं शताब्दी का माना जाता है।

कांवड़ यात्रा मां नर्मदा घाट, नर्मदापुरम से प्रारंभ होकर बालाजी मंदिर पहुंची।

सुबह 4 बजे पट खुलते ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग गईं।

ब्रह्म मुहूर्त में भक्तों ने भगवान भोलेनाथ के दर्शन कर जलाभिषेक किया।




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