यमुना साफ करने खुद खादर में उतरीं सीएम रेखा गुप्ता:  चिल्ला गांव में उठाया कचरा; दिल्लीवालों से कहा- नदी के लिए थोड़ा वक्त निकालें – New Delhi News
टिपण्णी

यमुना साफ करने खुद खादर में उतरीं सीएम रेखा गुप्ता: चिल्ला गांव में उठाया कचरा; दिल्लीवालों से कहा- नदी के लिए थोड़ा वक्त निकालें – New Delhi News

Spread the love




यमुना नदी की स्वच्छता को लेकर उठ रहे सवालों के बीच दिल्ली सरकार अब ग्राउंड पर एक्शन मोड में नजर आ रही है। दिल्ली सरकार, भारतीय जनता पार्टी (BJP) और कई स्वयंसेवी संगठनों (NGOs) के साथ मिलकर यमुना के घाटों पर मेगा सफाई अभियान चला रही है। इसी कड़ी में आज (रविवार) दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता खुद चिल्ला गांव के पास यमुना खादर पहुंचीं। उन्होंने वहां झाड़ू और सफाई का मोर्चा संभाला। इस अभियान में भारी संख्या में युवा स्वयंसेवक, स्थानीय निवासी और पर्यावरण प्रेमी शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने ‘X’ (ट्विटर) पर इस अभियान की तस्वीरें शेयर करते हुए लिखा— “दिल्ली सरकार वैज्ञानिक तरीकों और जन-भागीदारी से यमुना को फिर से जीवंत करने के लिए प्रतिबद्ध है।” उन्होंने दिल्लीवासियों से अपील की कि वे यमुना के लिए कुछ समय निकालें और इसे जन-आंदोलन बनाएं। पूजा सामग्री-कचरा फेंकने वालों के लिए सरकार का नया प्लान सीएम रेखा गुप्ता ने लोगों से भावुक अपील करते हुए कहा कि समाज में जागरूकता से ही बदलाव आएगा। नदी में न फेंकें ये चीजें: लोग पूजा सामग्री, प्लास्टिक, कंस्ट्रक्शन का मलबा और अन्य कचरा सीधे यमुना में न बहाएं। बनाए जाएंगे पोर्टा केबिन: आस्था का सम्मान करने और यमुना को बचाने के लिए सरकार दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में ‘विशेष संग्रह केंद्र’ (पोर्टा केबिन) बना रही है। मूर्तियों का रिसाइक्लिंग: इन केबिन्स में पूजा सामग्री और खंडित मूर्तियों को इकट्ठा किया जाएगा और फिर वैज्ञानिक तरीके से उनका सम्मानजनक निस्तारण (Recycling) होगा।
यमुना को साफ करने का क्या है सरकार का ‘साइंटिफिक फॉर्मूला’ मुख्यमंत्री ने बताया कि सिर्फ घाट साफ करना काफी नहीं है, सरकार बैकएंड पर 4 बड़े काम तेजी से कर रही है। एसटीपी का आधुनिकीकरण: पुराने सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट्स (STPs) को हाईटेक किया जा रहा है। नए प्लांट्स की स्थापना: दिल्ली में नए विकेंद्रीकृत (Decentralized) सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाए जा रहे हैं। सीवर नेटवर्क का विस्तार: पूरी दिल्ली में सीवर लाइनों का जाल बिछाया जा रहा है। नालों की टैपिंग: यमुना में गिरने वाले सभी छोटे-बड़े गंदे नालों को चरणबद्ध तरीके से टैप (डायवर्ट) किया जा रहा है ताकि भविष्य में एक बूंद भी गंदा पानी सीधे नदी में न गिरे।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *