दो पैन कार्ड के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट से राहत मिलने के बाद सपा के वरिष्ठ नेता आजम खां और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम की जेल से रिहाई की उम्मीद बढ़ गई है। हालांकि, आजम खां की रिहाई की राह में ईडी की ओर से दायर कराई गई नई प्राथमिकी अड़चन बन सकती है।
फिलहाल अब ईडी व पुलिस की कार्रवाई पर लोगों की नजर टिक गई है। जौहर विश्वविद्यालय से संबंधित कथित वित्तीय अनियमितताओं और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों की ईडी टीम जांच कर रही है। एक दिन पहले ही में एजेंसी ने विश्वविद्यालय की जमीन और भवनों को अस्थायी रूप से अटैच करने की कार्रवाई की।
इससे पहले आजम खां से जुड़े मामलों में प्रवर्तन निदेशालय की ओर अजीमनगर थाने में नई एफआईआर दर्ज कराई गई थी। इसके बाद आजम खां से जुड़े मामलों में कानूनी घटनाक्रम पर सभी की निगाहें हैं। यदि इस मामले में गिरफ्तारी वारंट जारी होता है या कोर्ट की ओर से कोई अन्य कानूनी आदेश प्रभावी होता है, तो उसका असर जमानत पर पड़ सकता है।