उत्तर प्रदेश में मानसून फिर से रूठ गया है। मौसम विभाग के अनुसार, तराई क्षेत्र को छोड़कर फिलहाल प्रदेश में कोई प्रभावी मौसम तंत्र सक्रिय नहीं है। मंगलवार के लिए कहीं भी बारिश की चेतावनी जारी नहीं की गई है। पछुआ हवाओं के चलते अगले तीन-चार दिनों तक अच्छी बारिश की संभावना भी कम है। इससे किसानों की चिंता बढ़ने लगी है।
मौसम विभाग का कहना है कि फिलहाल मानसूनी गतिविधियां केवल तराई के जिलों तक सीमित हैं। सोमवार को महराजगंज में 130 मिमी सबसे अधिक बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा गोरखपुर में 92 मिमी और श्रावस्ती में 54.6 मिमी वर्षा हुई।बारिश घटने और तेज धूप निकलने से प्रदेश के कई जिलों में तापमान बढ़ा है। इससे उमस भरी गर्मी ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है।
क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र, लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि अगले तीन-चार दिनों तक बारिश में ठहराव बना रहेगा। हालांकि कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम और छिटपुट बारिश हो सकती है। 17 जुलाई के बाद हवाओं का रुख फिर पुरवा होने की संभावना है, जिससे दोबारा मानसूनी गतिविधियों में बढ़त की उम्मीद है।
मानूसन के ठहर जाने से प्रदेश के कई जिलों में गर्मी और उमस का असर बढ़ेगा। दिन के साथ रात का तापमान भी बढ़ने की उम्मीद है। बारिश न होने का सीधा असर खेती किसानी पर भी पड़ेगा। धान की फसल पर इसका सीधा असर आएगा।








