गाजीपुर में दिव्यांग भाजपा कार्यकर्ता की पुलिस पिटाई से मौत के बाद अब भाजपा संगठन के भीतर ही गुस्सा और आक्रोश खुलकर सामने आ रहा है। बरेली की भाजपा नेत्री डॉ. दीप्ति भारद्वाज ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर सीधा हमला बोलते हुए कहा है कि जब कार्यकर्ता
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बरेली की भाजपा नेत्री डॉ. दीप्ति भारद्वाज ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के इस्तीफे की मांग की
ठाकुरों की सरकार बनकर रह गई भाजपा
डॉ. भारद्वाज ने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार सिर्फ ठाकुरों की सरकार बनकर रह गई है। उन्होंने कहा, “सभी हिंदुओं ने वोट देकर योगी आदित्यनाथ को मुख्यमंत्री बनाया था, लेकिन अब सरकार केवल जातिवादी हो गई है। भाजपा कार्यकर्ताओं और खासकर ब्राह्मणों पर लगातार अत्याचार हो रहे हैं।”
उन्होंने यहां तक कह दिया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मुख्यमंत्री योगी से इस्तीफा लेना चाहिए और इस प्रदेश को बचाना चाहिए।

गाजीपुर में पुलिस की पिटाई से भाजपा कार्यकर्ता के शरीर पर चोट के निशान
एबीवीपी से जुड़ाव और परिवारिक पृष्ठभूमि
डॉ. दीप्ति भारद्वाज क्लास आठ से ही एबीवीपी से जुड़ी हुई हैं। उनके पिता बरेली में एबीवीपी के पहले अध्यक्ष रहे। उन्होंने कहा कि हमारी ही सरकार में एबीवीपी और भाजपा कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज हो रहा है, हत्या हो रही है और संगठन को दबाया जा रहा है।
ट्वीट्स के जरिए भी जताई नाराजगी
डॉ. भारद्वाज ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर लगातार ट्वीट करके भी नाराजगी जाहिर की। एक ट्वीट में लिखा – “क्या इस बार भी ब्राह्मण की हत्या पर मौन साधा जाएगा? कार्यकर्ता की मौत आम बात होगी? कब तक?”
दूसरे ट्वीट में उन्होंने लिखा – “अबकी बार सेवा पखवाड़ा धरा रह जाएगा… उत्तर प्रदेश के कार्यकर्ता बचा लीजिए। माता-पिता नेताओं की अय्याशी के लिए अपने बच्चों को संगठन में भेजना बंद कर देंगे।”
उन्होंने सीएम योगी को ‘सिर्फ ठाकुरों का नेता’ बताया और कहा कि उत्तर प्रदेश में भाजपा संगठन पूरी तरह बर्बाद कर दिया गया है।

गाजीपुर में पुलिस की पिटाई से भाजपा कार्यकर्ता की मौत
दैनिक भास्कर से बातचीत में दीप्ति भारद्वाज का बड़ा बयान
दैनिक भास्कर से खास बातचीत में दीप्ति भारद्वाज ने कहा, “भाजपा कार्यकर्ता की पुलिस की पिटाई से मौत और एबीवीपी कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। जब राजनीतिक अक्षमता होती है तभी प्रशासन हावी होता है और जब प्रशासन हावी हो जाता है तो सपने और योजनाएं धराशाई हो जाती हैं।”
उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस प्रशासन को पूरी छूट दी गई है। कुछ अधिकारियों पर कार्रवाई का दिखावा किया गया, लेकिन पूरे थाने को गिरफ्तार किया जाना चाहिए था।
योगी सरकार पर सीधा हमला
डॉ. भारद्वाज ने कहा, “आज तक भाजपा कार्यकर्ताओं ने कभी जातिवादी मुद्दा नहीं उठाया, लेकिन मैं साफ कह रही हूं कि भाजपा कार्यकर्ता और खासकर ब्राह्मण इसलिए पिट रहे हैं क्योंकि मुख्यमंत्री खुद चाहते हैं कि ब्राह्मण समाप्त हो जाएं। छात्र संगठन पर अत्याचार, कार्यकर्ताओं की हत्या और लगातार चुप्पी – ये सब बताता है कि मुख्यमंत्री जिम्मेदार हैं।”
उन्होंने कहा कि आठ साल से उत्तर प्रदेश में जिस तरह का माहौल है, उसमें ब्राह्मणों को पलायन पर मजबूर होना पड़ रहा है।
इस्तीफे की मांग
डॉ. भारद्वाज ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा से अपील करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में सत्ता परिवर्तन जरूरी है। उन्होंने कहा – “योगी आदित्यनाथ को तुरंत इस्तीफा देना चाहिए। उन्हें अपना मठ संभालना चाहिए, क्योंकि भाजपा को एक ऐसे मुख्यमंत्री की जरूरत है, जिसे प्रशासनिक समझ हो और जो संगठन को बचा सके।”
संगठन को जिंदा करने की अपील
उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री से मेरी करबद्ध अपील है कि संगठन को उत्तर प्रदेश में जिंदा किया जाए। भाजपा कार्यकर्ताओं का मनोबल लगातार टूट रहा है और अगर हालात ऐसे ही रहे तो पंडित दीनदयाल उपाध्याय की आत्मा भी आंसू रोएगी।”
भाजपा कार्यकर्ताओं की पीड़ा
अपनी लंबी बातचीत में डॉ. भारद्वाज ने कहा, “जब एबीवीपी कार्यकर्ताओं पर अपनी ही सरकार लाठीचार्ज कर रही हो, तब बहुत दुख होता है। दो दिन तक हम सदमे में रहे कि क्या कहें, लेकिन जब लगा कि सरकार ही विरोध कर रही है और संगठन को मिटाने पर तुली है, तो आवाज उठाना जरूरी हो गया। जिंदा कौमें ही शासन करती हैं, मरी हुई कौमें कभी शासन नहीं करतीं।”
उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि उत्तर प्रदेश में भाजपा का कार्यकर्ता अब सुरक्षित नहीं है और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में पार्टी लगातार कमजोर हो रही है।








