राजस्थान में 2026-27 सेशन से दो बार बोर्ड एग्जाम:  पहला एग्जाम देना जरूरी, 3 सब्जेक्ट्स में मार्क्स सुधारने के लिए मई-जून में दूसरा एग्जाम होगा
शिक्षा

राजस्थान में 2026-27 सेशन से दो बार बोर्ड एग्जाम: पहला एग्जाम देना जरूरी, 3 सब्जेक्ट्स में मार्क्स सुधारने के लिए मई-जून में दूसरा एग्जाम होगा

Spread the love


42 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

राजस्थान सरकार ने स्कूलों के एग्जामिनेशन सिस्टम में बदलाव करने के लिए बड़े बदलाव की घोषणा की है। इससे स्टूडेंट्स के ऊपर एग्जाम प्रेशर कम होगा, फ्लेग्जिबिलिटी बढ़ेगी और ज्यादा से ज्यादा स्टूडेंट्स बेहतर स्कोर हासिल कर पाएंगे।

राजस्थान के स्कूल एजुकेशन और पंचायती राज मिनिस्टर मदन दिलावर ने कहा है कि RBSE यानी राजस्थान बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन, अजमेर एकेडमिक सेशन 2026-27 से 10वीं और 12वीं क्लासेज के लिए साल में दो बार बोर्ड एग्जाम्स कराएगा। कोटा के गणेश नगर में हो रहे एक पब्लिक इवेंट के दौरान उन्होंने यह बात कही।

पहला एग्जाम देना सबके लिए जरूरी

नए सिस्टम के अनुसार सभी स्टूडेंट्स के लिए पहला यानी मेन बोर्ड एग्जाम देना जरूरी होगा। यह एग्जाम फरवरी-मार्च के समय पर होगा। इसके बाद मई-जून के समय बोर्ड एग्जाम्स का दूसरा सेशन होगा, जिसमें स्टूडेंट्स के पास अपने मार्क्स सुधारने का मौका होगा।

दोनों ही एग्जाम्स पूरे सिलेबस पर आधारित होंगे। इनमें स्टडी पैटर्न या एग्जाम प्लानिंग का कोई बदलाव नहीं होगा। पहला एग्जाम्स देने वाले स्टूडेंट्स दूसरे फेज में मैक्सिमम तीन सब्जेक्ट्स में अपने मार्क्स सुधारने के लिए एग्जाम दे सकते हैं। इसके लिए जिन स्टूडेंट्स ने पहला फेज पूरी तरह से मिस कर दिया है, वो दूसरे फेज में होने वाले बोर्ड एग्जाम में बैठ सकते हैं। इसके लिए उन्हें एक वैलिड मेडिकल सर्टिफिकेट या जिला शिक्षा अधिकारी (सेकेंडरी) का अप्रूवल लेना होगा।

दोनों ही अटेम्प्ट्स के लिए एग्जामिनेशन फीस में कोई बदलाव नहीं होगा। RBSE इसके लिए ‘बेस्ट ऑफ टू अटेम्प्ट’ का फॉर्मूला अपनाएंगा। यानी दोनों अटेम्प्ट में से जिसमें भी बेहतर मार्क्स आए हैं, उसी के नंबर फाइनल रिजल्ट में जोड़े जाएंगे।

मिनिस्टर दिलावर ने कहा कि दो एग्जाम्स के सिस्टम से एग्जाम स्ट्रेस कम होगा, फ्लेग्जिबिलिटी बढ़ेगी और राज्य का एग्जामिनेशन प्रोसेस NEP यानी नेशनल एजुकेशन पॉलिसी से अलाइन हो सकेगा। NEP में स्टूडेंट फ्रेंडली असेसमेंट मॉडल्स पर फोकस किया गया है।

CBSE बोर्ड में पहले ही हो चुकी है घोषणा

CBSE यानी सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन की ओर से साल में दो बार बोर्ड एग्जाम की घोषणा पहले ही की जा चुकी है। बोर्ड के 10वीं के स्टूडेंट 2026 से साल में 2 बार एग्जाम देंगे। पहली परीक्षा सभी छात्रों के लिए जरूरी होगी और दूसरी ऑप्शनल। पहली परीक्षा फरवरी और दूसरी मई में होगी। नतीजे अप्रैल और जून में जारी किए जाएंगे। इसके साथ ही सप्लीमेंट्री एग्जाम खत्म कर दिए गए हैं। CBSE 12वीं बोर्ड पर अभी यह फैसला लागू नहीं होगा।

CBSE बोर्ड के नए एग्‍जाम पैटर्न की 3 अहम बातें

  • दूसरी परीक्षा यानी ऑप्शनल एग्जाम में छात्रों को साइंस, मैथमेटिक्स, सोशल साइंस और लैंग्वेजेस में से किन्हीं 3 सब्जेक्ट में अपनी परफॉर्मेंस सुधारने की इजाजत दी जाएगी।
  • विंटर बाउंड स्कूलों (सर्दियों में बंद रहने वाले स्कूल) के छात्रों को दोनों परीक्षाओं में से किसी में भी बैठने की इजाजत होगी।
  • अगर कोई छात्र पहली परीक्षा में 3 या अधिक सब्‍जेक्‍ट्स में शामिल नहीं हुआ है, तो उसे दूसरी परीक्षा में शामिल होने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

————————————————

ऐसी ही और खबरें पढ़ें…

डम्‍बहेड कहे जाने पर फातिमा बॉश ने मिस यूनिवर्स छोड़ा: डिस्‍लेक्सिया के चलते बुली हुईं, मिस मेक्सिको बनने पर भी हुआ था विवाद, जानें प्रोफाइल

थाइलैंड में आयोजित मिस यूनिवर्स 2025 में कई कंटेस्टेंट्स इवेंट छोड़कर चली गई। दरअसल मिस यूनिवर्स थाइलैंड डायरेक्टर नवात इत्साराग्रिसिल ने मिस मेक्सिको फातिमा बॉश को डम्बहेड यानि बेवकूफ कह दिया। पूरी खबर पढ़ें…

खबरें और भी हैं…



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *