राज्यसभा चुनाव- झारखंड में क्रॉस वोटिंग, कांग्रेस उम्मीदवार की हार:  भाजपा समर्थित उद्योगपति नाथवानी जीते, 12 राज्यों की 26 सीटों में से 19 NDA को
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राज्यसभा चुनाव- झारखंड में क्रॉस वोटिंग, कांग्रेस उम्मीदवार की हार: भाजपा समर्थित उद्योगपति नाथवानी जीते, 12 राज्यों की 26 सीटों में से 19 NDA को

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नई दिल्ली23 मिनट पहले

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झारखंड की 2 सीटों के लिए 3 प्रत्याशी मैदान में थे। एक BJP समर्थित प्रत्याशी और दूसरी JMM ने जीती। - Dainik Bhaskar

झारखंड की 2 सीटों के लिए 3 प्रत्याशी मैदान में थे। एक BJP समर्थित प्रत्याशी और दूसरी JMM ने जीती।

12 राज्यों की 26 राज्यसभा सीटों के लिए गुरुवार को चुनाव प्रक्रिया पूरी हो गई। इनमें से 19 सीटें NDA को, इंडिया ब्लॉक को 6 और एक सीट मिजोरम की जोराम पीपुल्स मूवमेंट (ZPM) को मिली। इस चुनाव में NDA और इंडिया ब्लॉक को एक-एक सीट का फायदा हुआ।

गुरुवार को झारखंड की 2 और मिजोरम की एक राज्यसभा सीटों के रिजल्ट आए। झारखंड में एक सीट NDA समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार उद्योगपति परिमल नाथवानी और दूसरी झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के उम्मीदवार बैद्यनाथ राम ने जीती।

झारखंड में क्रॉस वोटिंग की वजह से परिमल को जीत दर्ज मिली। यहां 3 वोट अवैध पड़े। कांग्रेस ने आरजेडी और लेफ्ट पर साथ ना देने का आरोप लगाया। वहीं, मिजोरम की एक सीट पर जोराम पीपुल्स मूवमेंट (ZPM) प्रत्याशी के. लल्टलुआंगकिमा जीते।

झारखंड में कैसे हुई वोटिंग, पूरा गणित समझें

झारखंड में 81 विधायक हैं। राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए 28 विधायकों के समर्थन की जरूरत होती है। अभी की मौजूदा स्थिति में NDA के 24, JMM-कांग्रेस के गठबंधन के 56 और JKLM का एक विधायक है।

  • JMM के प्रत्याशी बैद्यनाथ राम को 31 वोट मिले हैं। इस तरह उनकी जीत तय हो गई।
  • दूसरी सीट के लिए NDA समर्थित निर्दलीय प्रत्याशी परिमल नाथवानी और कांग्रेस के प्रणव झा के बीच मुकाबला हुआ। नाथवानी को 30 वोट मिले, इनमें दो अवैध हो गए। वहीं, प्रणव झा को 20 मिले, इसके एक वोट अवैध हो गया।
  • नाथवानी को एनडीए के 24 और 4 वोट क्रॉस वोटिंग में मिले और वह जीत गए।

26 में से 23 सीटों पर निर्विरोध उम्मीदवार जीते

10 राज्यों की 24 राज्यसभा सीटों पर कार्यकाल पूरा होने के बाद चुनाव हुए। इनमें से 8 राज्यों की 21 सीटों पर प्रत्याशी निर्विरोध जीते, जबकि 2 राज्य (झारखंड और मिजोरम) की 3 सीटों पर उम्मीदवार ज्यादा होने की वजह से चुनाव हुए। वहीं, महाराष्ट्र और तमिलनाडु की एक- एक सीट पर उपचुनाव हुए, इनमें भी प्रत्याशी निर्विरोध चुने गए।

मिजोरम से ZPM का कोई सांसद पहली बार राज्यसभा पहुंचा

के लल्टलुआंगकिमा (रेड टाई में) ने 5 जून को राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन भरा था।

के लल्टलुआंगकिमा (रेड टाई में) ने 5 जून को राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन भरा था।

मिजोरम की सत्तारूढ़ जोराम पीपुल्स मूवमेंट (ZPM) का कोई सांसद पहली बार राज्यसभा पहुंचा है। के लल्टलुआंगकिमा ने राज्य की एकमात्र राज्यसभा सीट जीत ली है। लल्टलुआंगकिमा को 36 में से 26 वोट मिले, जबकि विपक्षी मिजो नेशनल फ्रंट (MNF) की उम्मीदवार जोथानसांगी हमार को 10 वोट मिले।

भाजपा के दो और कांग्रेस के एक विधायक ने मतदान में हिस्सा नहीं लिया, जबकि ZPM के एक विधायक स्वास्थ्य कारणों से वोट नहीं डाल सके। 2017 में बनी ZPM के लिए यह बड़ी उपलब्धि है। लल्टलुआंगकिमा पार्टी के पहले राज्यसभा सांसद बने हैं। वह 1972 के बाद राज्यसभा पहुंचने वाले मिजोरम के आठवें नेता हैं। राज्य में विधानसभा की 40 सीटें हैं।

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